प्रदेश में निजी निवेशकों के द्वारा गोदाम निर्माण
भोपाल : प्रदेश में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय खाद्य निगम द्वारा 10 वर्षीय गारंटी योजना के तहत निजी निवेशकों के माध्यम से गोदाम निर्माण की योजना के दूसरे चरण में 56 जगह पर 9 लाख 82 हजार 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निर्माण किया जा रहा है। इस योजना में निजी निवेशकों को 10 वर्ष की अवधि तक अनाज भंडारण की गारंटरी दी गई है। योजना में मध्यप्रदेश वेयर-हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन को नोडल एजेन्सी बनाया गया है। इसी योजना के प्रथम चरण में 21 जगह पर 2 लाख 93 हजार 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निर्माण किया जा रहा है।
भारतीय खाद्य निगम की इस योजना में दूसरे चरण में बन रहे गोदाम में अब तक 54 हजार 340 मीट्रिक टन क्षमता के भंडार गृह का निर्माण पूरा किया जा चुका है। छिन्दवाड़ा में 31 हजार, राजगढ़ में 10 हजार और टीकमगढ़ में 13 हजार 340 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाये गये हैं। दूसरे चरण में 5 लाख 37 हजार 260 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। साथ ही 3 लाख 90 हजार 600 मीट्रिक टन क्षमता के भंडार गृह का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है।
प्रदेश में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश भंडारण एवं लॉजिस्टिक नीति बनाई गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की इस नीति में भंडारण एवं लॉजिस्टिक सुविधा के लिये भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए भूमि के लिये भूमि बैंक स्थापित किये जाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
भारतीय खाद्य निगम की इस योजना में दूसरे चरण में बन रहे गोदाम में अब तक 54 हजार 340 मीट्रिक टन क्षमता के भंडार गृह का निर्माण पूरा किया जा चुका है। छिन्दवाड़ा में 31 हजार, राजगढ़ में 10 हजार और टीकमगढ़ में 13 हजार 340 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाये गये हैं। दूसरे चरण में 5 लाख 37 हजार 260 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। साथ ही 3 लाख 90 हजार 600 मीट्रिक टन क्षमता के भंडार गृह का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है।
प्रदेश में भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश भंडारण एवं लॉजिस्टिक नीति बनाई गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की इस नीति में भंडारण एवं लॉजिस्टिक सुविधा के लिये भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए भूमि के लिये भूमि बैंक स्थापित किये जाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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