सहारनपुर: जमीन के लिए दो गुटों में झड़प
लखनऊ। उत्तर प्रदेश फिर सांप्रदायिक सौहार्द के लिहाज से कसौटी पर है। इस बार जमीन को लेकर दो गुटों के बीच शुरू हुई झड़प इलाके में तनाव की वजह बन गया और इस झड़प में जान तक चली गई। हंगामे के बाद पुलिस को दो लोगों के शव मिले हैं। मामला सहारनपुर का है, जिसकी गिनती हमेशा से संवेदनशील इलाके के रूप में होती रही है। शुक्रवार देर रात किस तरह यहां नफरत की आग धधक पड़ी।
धू-धू कर जलती गाड़ियां, जलती दुकानें, पथराव और एक शख्स को घसीटकर ले जाती पुलिस, जमीन के टुकड़े को लेकर शुरू हुए विवाद में नफरत ने ऐसा जोर मारा कि हालात बेकाबू हो गए। आगजनी, पथराव के बाद पुलिस की ये हलचल इसकी बानगी है। लोगों के दिल-ओ-दिमाग पर हुआ असर अलग। ये मंजर है सहारनपुर का। सहारनपुर के कुतुबशेर इलाके की जमीन को लेकर दो गुट भिड़ गए विवाद इतना बढ़ गया कि इलाके में कर्फ्यू लगाने की नौबत आ गई। थाना कुतुबशहर, मंडी और नगर कोतवाली में कर्फ्यू लग गया।
यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि सहारनपुर में तीन थाना क्षेत्र में कर्फ्यू है, पुलिस मौके पर है, जिला प्रशासन मौके पर है, शांति बनाये रखने कि पूरी कोशिश की जा रही है।
कहा जा रहा है कि एक जमीन को लेकर लंबे समय से संघर्ष की स्थिति बनी हुई थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक समुदाय ने अपना धार्मिक स्थल बनाना शुरू कर दिया। इस बीच शुक्रवार देर रात दूसरा गुट सड़कों पर उतर आया इस हिंसा में जान-माल का नुकसान शुरू हो गया और कई लोग घायल भी हुए। उपद्रवियों ने फायर ब्रिगेड के दफ्तर को फूंक दिया। सबसे ज्यादा हिंसा अंबाला रोड पर हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कई राउंड गोलियां चलानी पड़ी। देखते ही देखते इलाके में हर तरफ पुलिस की हलचल बढ़ा दी गई। मौके पर कमिश्नर, डीआईजी समेत कई आला अधिकारी पहुंच गए।
आरएएफ की एक बटालियन और पीएसी की एक टुकड़ी को हालात संभालने के लिए तैनात कर दिया गया। घटना के बाद पूरे शहर में तनाव है। सूबे के गृह सचिव ने आला अधिकारियों की बैठक की। स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया और लोगों से बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई।
एडीजी मुकुल गोयल ने बताया कि सहारनपुर में कर्फ्यू लगाया गया है। वहां पर दो लोगों की मौत हो चुकी है। आईजी जोन मेरठ पहुंच चुके हैं।
सहारनपुर में जमीन का ये विवाद सालों पुराना है। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस तरह की हरकत को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। उत्तर प्रदेश में अखिलेश के शासन के तौर-तरीके को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लोकसभा चुनावों के दौरान यूपी में कानून-व्यवस्था की हालत को मुद्दा भी बनाया गया। एक बार फिर सूबे में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी नजर लखनऊ पर टिकी है। इस मामले से अखिलेश सरकार किस तरह निपटती है, इस पर पूरे देश की नजर रहेगी।
राहुल गांधी ने जताया दुख
इस बीच सहारनपुर के हालात पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दुख जताया है। अपने ट्वीट में राहुल ने लिखा है, नफरत की राजनीति बंद हो। मैं लोगों से अपील करता हूं कि लोग संयम बरतें और सांप्रदायिक शक्तियों से दूर रहें। सहारनपुर में हुई झड़प की खबर से मैं बेहद दुखी हूं। हिंसा, बंटवारे और नफरत की हमारे देश में कोई जगह नहीं है।
स्कूलों में छुट्टी
सबसे ज्यादा हिंसा अंबाला रोड पर हुई है। उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए गए हैं। स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक कई उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया है। आम नागरिकों से अपील है कि जब तक जरूरत न हो घर से न निकलें। यूपी के प्रिसिंपल सेक्रेटरी गृहमंत्रालय ने हालत को काबू करने के लिए अफसरों की बैठक बुलाई है।
धू-धू कर जलती गाड़ियां, जलती दुकानें, पथराव और एक शख्स को घसीटकर ले जाती पुलिस, जमीन के टुकड़े को लेकर शुरू हुए विवाद में नफरत ने ऐसा जोर मारा कि हालात बेकाबू हो गए। आगजनी, पथराव के बाद पुलिस की ये हलचल इसकी बानगी है। लोगों के दिल-ओ-दिमाग पर हुआ असर अलग। ये मंजर है सहारनपुर का। सहारनपुर के कुतुबशेर इलाके की जमीन को लेकर दो गुट भिड़ गए विवाद इतना बढ़ गया कि इलाके में कर्फ्यू लगाने की नौबत आ गई। थाना कुतुबशहर, मंडी और नगर कोतवाली में कर्फ्यू लग गया।
यूपी के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि सहारनपुर में तीन थाना क्षेत्र में कर्फ्यू है, पुलिस मौके पर है, जिला प्रशासन मौके पर है, शांति बनाये रखने कि पूरी कोशिश की जा रही है।
कहा जा रहा है कि एक जमीन को लेकर लंबे समय से संघर्ष की स्थिति बनी हुई थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद एक समुदाय ने अपना धार्मिक स्थल बनाना शुरू कर दिया। इस बीच शुक्रवार देर रात दूसरा गुट सड़कों पर उतर आया इस हिंसा में जान-माल का नुकसान शुरू हो गया और कई लोग घायल भी हुए। उपद्रवियों ने फायर ब्रिगेड के दफ्तर को फूंक दिया। सबसे ज्यादा हिंसा अंबाला रोड पर हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को कई राउंड गोलियां चलानी पड़ी। देखते ही देखते इलाके में हर तरफ पुलिस की हलचल बढ़ा दी गई। मौके पर कमिश्नर, डीआईजी समेत कई आला अधिकारी पहुंच गए।
आरएएफ की एक बटालियन और पीएसी की एक टुकड़ी को हालात संभालने के लिए तैनात कर दिया गया। घटना के बाद पूरे शहर में तनाव है। सूबे के गृह सचिव ने आला अधिकारियों की बैठक की। स्कूलों में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया और लोगों से बेवजह घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई।
एडीजी मुकुल गोयल ने बताया कि सहारनपुर में कर्फ्यू लगाया गया है। वहां पर दो लोगों की मौत हो चुकी है। आईजी जोन मेरठ पहुंच चुके हैं।
सहारनपुर में जमीन का ये विवाद सालों पुराना है। लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस तरह की हरकत को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। उत्तर प्रदेश में अखिलेश के शासन के तौर-तरीके को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लोकसभा चुनावों के दौरान यूपी में कानून-व्यवस्था की हालत को मुद्दा भी बनाया गया। एक बार फिर सूबे में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब सबकी नजर लखनऊ पर टिकी है। इस मामले से अखिलेश सरकार किस तरह निपटती है, इस पर पूरे देश की नजर रहेगी।
राहुल गांधी ने जताया दुख
इस बीच सहारनपुर के हालात पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दुख जताया है। अपने ट्वीट में राहुल ने लिखा है, नफरत की राजनीति बंद हो। मैं लोगों से अपील करता हूं कि लोग संयम बरतें और सांप्रदायिक शक्तियों से दूर रहें। सहारनपुर में हुई झड़प की खबर से मैं बेहद दुखी हूं। हिंसा, बंटवारे और नफरत की हमारे देश में कोई जगह नहीं है।
स्कूलों में छुट्टी
सबसे ज्यादा हिंसा अंबाला रोड पर हुई है। उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए गए हैं। स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक कई उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया गया है। आम नागरिकों से अपील है कि जब तक जरूरत न हो घर से न निकलें। यूपी के प्रिसिंपल सेक्रेटरी गृहमंत्रालय ने हालत को काबू करने के लिए अफसरों की बैठक बुलाई है।

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