लोगों के सुझाव पर रखा गया ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ का नाम
नई दिल्ली : क्या आप जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को लाल किले की प्राचीर से जिस ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ की शुरुआत की घोषणा की उसका नामकरण कैसे हुआ ? दरअसल, पिछले महीने प्रधानमंत्री ने ‘माइगव’ नाम की वेबसाइट शुरू की थी। वेबसाइट पर एक प्रतियोगिता के जरिए गरीबों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की इस योजना का नाम ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ रखा गया।
मोदी सरकार ने ‘माइगव’ वेबसाइट की शुरुआत इस मकसद से की थी कि आम लोग अपने विचार साझा कर सकें। देश भर से आई 6,000 प्रविष्टियों में छंटनी के बाद ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ नाम चुना गया। इस योजना के तहत गरीबों के लिए बैंक खाता खुलवाया जाएगा और इसके साथ उन्हें एक डेबिट कार्ड दिया जाएगा। इसके अलावा, बैंक खाता खुलवाने वाले हर व्यक्ति को एक लाख रूपए की बीमा का लाभ दिया जाएगा।
नाम की उत्पत्ति के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने उन सभी का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। मोदी ने ट्वीट किया, ‘यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वित्तीय समावेश की योजना ‘जन धन योजना’ का नाम ‘माइगव’ पर आयोजित एक प्रतियोगिता के जरिए चुना गया था।’ प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘जिन लोगों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था उन्हें बधाई। उम्मीद करता हूं कि आप भविष्य में भी ‘माइगव’ पर अपने विचार साझा करते रहेंगे।’
वेबसाइट के मुताबिक, योजना के अंतिम लोगो और सूत्र-वाक्य की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
मोदी सरकार ने ‘माइगव’ वेबसाइट की शुरुआत इस मकसद से की थी कि आम लोग अपने विचार साझा कर सकें। देश भर से आई 6,000 प्रविष्टियों में छंटनी के बाद ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ नाम चुना गया। इस योजना के तहत गरीबों के लिए बैंक खाता खुलवाया जाएगा और इसके साथ उन्हें एक डेबिट कार्ड दिया जाएगा। इसके अलावा, बैंक खाता खुलवाने वाले हर व्यक्ति को एक लाख रूपए की बीमा का लाभ दिया जाएगा।
नाम की उत्पत्ति के बारे में बताते हुए प्रधानमंत्री ने उन सभी का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। मोदी ने ट्वीट किया, ‘यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वित्तीय समावेश की योजना ‘जन धन योजना’ का नाम ‘माइगव’ पर आयोजित एक प्रतियोगिता के जरिए चुना गया था।’ प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘जिन लोगों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था उन्हें बधाई। उम्मीद करता हूं कि आप भविष्य में भी ‘माइगव’ पर अपने विचार साझा करते रहेंगे।’
वेबसाइट के मुताबिक, योजना के अंतिम लोगो और सूत्र-वाक्य की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

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