लव जिहाद पर बोले राजनाथ सिंह, 'ये है क्या?'
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गृह मंत्रालय के सौ दिनों के कामकाज की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान जिन वादों को पूरा करने की बात कही थी वह उस पर खरा उतरने का लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह कहकर भी अपनी पीठ थपथपाई कि सरकार ने जो कहा वह करके दिखाया है और आगे भी जो कहेगी वही करेगी भी।
राजनाथ सिंह ने बताया कि आतंकवाद का खात्मा सरकार की प्राथमिक सूची में है। इस मौके पर उन्होंने आइएसआइएस में भारतीयों की भर्ती की खबरों को भी बकवास बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों में कोई दम नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर कोई हिंसा का रास्ता छोड़कर बात करना चाहेगा तो वे उससे बात करने के लिए तैयार हैं। हालिया दिनों में लव जिहाद के उठे मामले पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने स्वयं को इस शब्द से अनजान बताया और कहा कि ये है क्या?
अलकायदा द्वारा भारत में केंद्र खोले जाने के दावे पर राजनाथ सिंह ने बताया कि इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। विभिन्न एजेंसियों इस पर अपनी निगाह बनाए हुए हैं और इसकी सत्यता को भी जांचा जा रहा है। राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर समेत अन्य राज्यों में चल रहे आतंकवाद और माओवाद को खत्म करने के लिए भी गृह मंत्रालय ने नई पालिसी तैयार की है।
उन्होंने पिछली सरकार का जिक्र करते हुए यूपीए सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि सौ दिनों के कार्यकाल में गृह मंत्रालय ने आंतरिक सुरक्षा, राज्यों में संबंध, केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन, डिजास्टर मैनेजमेंट समेत कई क्षेत्रों में काम किया है। समुद्री सीमा समेत आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय गृहमंत्री ने गुजरात में मेरीटाइम पुलिस ट्रेनिंग सेंटर बनाने का भी ऐलान किया है।
राजनाथ ने कहा कि केंद्र ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है कि वह अपने यहां पर होने वाली पुलिस सब इंसपैक्टर की भर्ती में 33 फीसद आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चत करें। इसके अलावा केंद्र ने कश्मीर विस्थापितों को मिलने वाली वित्तिय मदद को 6600 से बढ़ाकर 10000 रुपये कर दिया गया है।
साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर के हालात पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आई आपदा पर केंद्र लगातार अपनी निगाह बनाए हुए है। अभी तक करीब एक लाख तीस हजार लोग बचाए जा चुके हैं।
इस योगदान के लिए राजनाथ सेना का धन्यवाद करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंगों ने मिलकर अभी तक करीब नब्बे हजार लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं एनडीआरएफ की टीमों ने करीब 34 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
गृह मंत्री ने बताया है कि जम्मू कश्मीर में चल रहे राहत कार्यो की देखरेख के लिए केंद्रीय गृह सचिव लगातार वहां पर रहकर इस पर अपनी निगाह बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में सिविल डिफेंस को डिजास्टर मैनेजमेंट का अभिन्न अंग बनाने का भी ऐलान किया।
राजनाथ सिंह ने बताया कि आतंकवाद का खात्मा सरकार की प्राथमिक सूची में है। इस मौके पर उन्होंने आइएसआइएस में भारतीयों की भर्ती की खबरों को भी बकवास बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों में कोई दम नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर कोई हिंसा का रास्ता छोड़कर बात करना चाहेगा तो वे उससे बात करने के लिए तैयार हैं। हालिया दिनों में लव जिहाद के उठे मामले पर जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने स्वयं को इस शब्द से अनजान बताया और कहा कि ये है क्या?
अलकायदा द्वारा भारत में केंद्र खोले जाने के दावे पर राजनाथ सिंह ने बताया कि इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। विभिन्न एजेंसियों इस पर अपनी निगाह बनाए हुए हैं और इसकी सत्यता को भी जांचा जा रहा है। राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर समेत अन्य राज्यों में चल रहे आतंकवाद और माओवाद को खत्म करने के लिए भी गृह मंत्रालय ने नई पालिसी तैयार की है।
उन्होंने पिछली सरकार का जिक्र करते हुए यूपीए सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि सौ दिनों के कार्यकाल में गृह मंत्रालय ने आंतरिक सुरक्षा, राज्यों में संबंध, केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन, डिजास्टर मैनेजमेंट समेत कई क्षेत्रों में काम किया है। समुद्री सीमा समेत आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय गृहमंत्री ने गुजरात में मेरीटाइम पुलिस ट्रेनिंग सेंटर बनाने का भी ऐलान किया है।
राजनाथ ने कहा कि केंद्र ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की है कि वह अपने यहां पर होने वाली पुलिस सब इंसपैक्टर की भर्ती में 33 फीसद आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चत करें। इसके अलावा केंद्र ने कश्मीर विस्थापितों को मिलने वाली वित्तिय मदद को 6600 से बढ़ाकर 10000 रुपये कर दिया गया है।
साथ ही उन्होंने जम्मू कश्मीर के हालात पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आई आपदा पर केंद्र लगातार अपनी निगाह बनाए हुए है। अभी तक करीब एक लाख तीस हजार लोग बचाए जा चुके हैं।
इस योगदान के लिए राजनाथ सेना का धन्यवाद करना नहीं भूले। उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंगों ने मिलकर अभी तक करीब नब्बे हजार लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वहीं एनडीआरएफ की टीमों ने करीब 34 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
गृह मंत्री ने बताया है कि जम्मू कश्मीर में चल रहे राहत कार्यो की देखरेख के लिए केंद्रीय गृह सचिव लगातार वहां पर रहकर इस पर अपनी निगाह बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में सिविल डिफेंस को डिजास्टर मैनेजमेंट का अभिन्न अंग बनाने का भी ऐलान किया।

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