छत्तीसगढ़ में नाग मंदिर से दुर्लभ प्रतिमा गायब
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर में बारसूर के पास नागफनी गांव स्थित नाग मंदिर परिसर में 50 वर्षो से पड़ी रुद्र की दुर्लभ प्रतिमा एक महीने से गायब है। मूर्ति कहां गई, यह मंदिर का पुजारी परिवार भी नहीं जानता। मूर्ति गायब होने की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई गई है। जो प्रतिमा गायब है, वह नागफनी गांव के तालाब से निकालकर मंदिर परिसर पहुंचाई गई थी।
जगदलपुर संग्रहालय के अध्यक्ष जे.आर. भगत कहते हैं कि नाग मंदिर के पीछे रखी गई रुद्र की खंडित मूर्ति लगभग 11वीं शताब्दी की थी, जिसे छिंदक नागवंशीय काल का माना जाता है। इस मूर्ति के गायब होने की खबर उन्हें नहीं है। उस मूर्ति को जगदलपुर संग्रहालय लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन धार्मिक आस्था के चलते ग्रामीणों ने उसे लाने नहीं दिया।
संभागीय मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर बारसूर मार्ग पर स्थित नागफनी में बस्तर का सबसे बड़ा नाग मंदिर है। इसी मंदिर के पिछवाड़े रुद्र की खंडित प्रतिमा उपेक्षित पड़ी थी। यह प्रतिमा आखिरी बार एक अगस्त को नाग पंचमी के दिन देखी गई थी। उसके बाद से प्रतिमा अपने स्थान से गायब है।
नाग मंदिर के पुजारी जगदेव ने बताया, "ग्रामीण उस प्रतिमा को खड़ियादेव के नाम से पूजते रहे हैं। यह मूर्ति अचानक कहां गई, हमें भी नहीं मालूम।" बहरहाल प्राचीन बेशकीमती मूर्ति गायब होने से तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।
जगदलपुर संग्रहालय के अध्यक्ष जे.आर. भगत कहते हैं कि नाग मंदिर के पीछे रखी गई रुद्र की खंडित मूर्ति लगभग 11वीं शताब्दी की थी, जिसे छिंदक नागवंशीय काल का माना जाता है। इस मूर्ति के गायब होने की खबर उन्हें नहीं है। उस मूर्ति को जगदलपुर संग्रहालय लाने का प्रयास किया गया था, लेकिन धार्मिक आस्था के चलते ग्रामीणों ने उसे लाने नहीं दिया।
संभागीय मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर बारसूर मार्ग पर स्थित नागफनी में बस्तर का सबसे बड़ा नाग मंदिर है। इसी मंदिर के पिछवाड़े रुद्र की खंडित प्रतिमा उपेक्षित पड़ी थी। यह प्रतिमा आखिरी बार एक अगस्त को नाग पंचमी के दिन देखी गई थी। उसके बाद से प्रतिमा अपने स्थान से गायब है।
नाग मंदिर के पुजारी जगदेव ने बताया, "ग्रामीण उस प्रतिमा को खड़ियादेव के नाम से पूजते रहे हैं। यह मूर्ति अचानक कहां गई, हमें भी नहीं मालूम।" बहरहाल प्राचीन बेशकीमती मूर्ति गायब होने से तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com