गंभीर का ऐलान- 1 जवान से बदसलूकी के बदले 100 जिहादी मारो
बुधवार को सामने आये जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के जवानों के साथ बदसलूकी के वीडियो से पूरा देश गुस्से में था. गुरुवार को भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने इस मुद्दे पर ट्वीट के जरिये अपना गुस्सा जाहिर किया. गौतम गंभीर ने ट्वीट में लिखा कि हमारे जवान को पड़ने वाले हर चांटे पर लगभग 100 जिहादियों को मौत के घाट उतारना चाहिए. जिस किसी को भी आजादी चाहिए, वह छोड़ कर जा सकता है. कश्मीर हमारा है.
For every slap on my army's Jawan lay down at least a 100 jihadi lives. Whoever wants Azadi LEAVE NOW! Kashmir is ours. #kashmirbelongs2us— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) 13 April 2017
समझाया तिरंगे का मतलब
गौतम गंभीर ने अपने दूसरे ट्वीट में तिरंगे के मतलब को समझाया. गंभीर ने लिखा कि शायद एंटी-नेशनल लोग भूल गये हैं कि हमारे तिरंगे का मतलब क्या है. गंभीर ने लिखा कि केसरिया मतलब हमारे गुस्से की आग, सफेद मतलब जिहादियों के लिए कफन और हरा मतलब आतंक के लिए घृणा.
Anti-Indians hav forgotten dat our flag also stands 4: saffron - fire of our anger, white - shroud for jihadis, green - hatred 4 terror.— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) 13 April 2017
सहवाग भी उतरे समर्थन में
गौतम गंभीर के इस ट्वीट के बाद वीरेंद्र सहवाग ने भी इस मुद्दे पर गंभीर का साथ दिया. सहवाग ने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि अब तो बदतमीजी की हद हो गई.
This is Unacceptable ! Cant do this to our CRPF jawaans .This rot has to stop. Badtameezi ki hadd hai. pic.twitter.com/rZbqGbXk6O— Virender Sehwag (@virendersehwag) 13 April 2017
This is Unacceptable ! Cant do this to our CRPF jawaans .This rot has to stop. Badtameezi ki hadd hai. pic.twitter.com/rZbqGbXk6O— Virender Sehwag (@virendersehwag) 13 April 2017
मुस्कराता रहा जवान
हाल ही में एक ओर मामला सामने आया है, जहां पर कुछ कश्मीरी युवकों सीआरपीएफ के जवान को लात मारता हुआ दिख रहा है. लेकिन फिर भी जवान ने युवक को कुछ नहीं कहा. जवान उस समय इलेक्शन ड्यूटी से वापिस लौट रहा था, जिस समय उस पर हमला बोला गया.
उपचुनाव में हुई थी हिंसा
गौरतलब है कि श्रीनगर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में वोटिंग के दौरान बडगाम और श्रीनगर के दूसरे इलाकों में हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा इसमें कुछ निर्वाचन अधिकारियों सहित 36 लोग घायल भी हुए थे. इस हिंसा के कारण यहां महज 6.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो तीन दशक में राज्य का सबसे कम मतदान है.
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