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शराब के विरोध पर खामोश क्यों हैं मुख्यमंत्री शिवराज : अरुण यादव

भोपाल| प्रदेश भर में नारी शक्ति शराब की दुकानों का पुरजोर विरोध कर रही है वहीं सरकार और प्रशासनिक अमला दुकानों को व्यवस्थिति करवाने में जुटा हुआ है| जब प्रदेश की जनता शराब का इतना विरोध कर रही है तो सरकार क्यों सख्त नहीं हो रही है| जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद अपने भाषणों में शराब को बुरी चीज बता चुके हैं और शराब का सेवन न करने की नसीहत भी देते हैं| जब सीएम शराब के विरोधी हैं तो किस मजबूरी के आधार पर शराब का कारोबार फलने फूलने  दिया जा रहा है| इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने सीएम की मंशा पर सवाल उठाये हैं और उन्हें एक खत लिखकर जमकर निशाना साधा है|
शराब नीति का विरोध
अरुण यादव ने अपने पत्र में लिखा है शिवराज जी, प्रदेश की बहिनें और भांजियां बेहद परेशान हैं। आप बहिनों और भांजियों से हर अवसर पर भरपूर स्नेह दिखलाते हैं। आप और आपकी सरकार की कथनी और करनी के अंतर को हम हमेशा राज्य की जनता के समक्ष रखते रहे हैं। ‘बहिनों-भाजियों’ की जबरदस्त परेशानी का सबब आपकी शराब नीति है। एक ओर तो आप नई शराब की दुकानें नहीं खोलने की बात कहकर वाहवाही बटोरते हैं और दूसरी ओर सूबे में बहिनों (महिलाओं) और भांजियों (बेटियों) के खुले के विरोध के बावजूद, बहिन-बेटियों द्वारा चाहे गये स्थानों से शराब की दुकानें नहीं हटवाते।
शराब के विरोध में सड़क पर उतरीं भांजियाँ
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा है कि नए वित्तीय वर्ष में धड़ल्ले से शासकीय ठेकों की दुकानें और कलारियां सज रही हैं। प्रदेश भर में मयखानों की स्थापना का विरोध चरम पर है। राज्य के 60 फीसदी के लगभग इलाकों में आपकी बहिनों और भांजियों ने सड़कों पर उतरकर सरकारी ठेकों वाली शराब की दुकानों और कलारियों की स्थापना के विरोध में सुर बुलंद कर रखे हैं। सुस्पष्ट विरोध के बावजूद आपका प्रशासन चिन्हित स्थानों को लेकर टस का मस नहीं हो रहा है।
नेशनल मीडिया में भी छाया एमपी में शराब का विरोध
बहिन और बेटियों को हो रहे जबरदस्त कष्ट से जुड़ी खबरें मीडिया जगत में छायी हुई हैं। कई जिलों में जोरदार और जबरदस्त प्रदर्शन एवं विरोध की खबरें नेशनल मीडिया में भी आयी हैं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के कवरेज को पूरे प्रदेश ने देखा है। मगर आपकी ‘पैनी निगाह’ विरोध और प्रदर्शन पर आखिर क्यों नहीं पड़ पा रही है? यह बात गले नहीं उतर रही है। मैं मानता हूं, शराब से होने वाली जबरदस्त आय आपके लिये सर्वोपरि है ना कि बहिन और भांजियां। यदि ऐसा नहीं होता तो शराब की बुराइयों की बातें भर करके आप वाहवाही लूटने से बाज आकर कार्रवाई करवाते। मैं इसलिये तो कहता हूं, आपकी कथनी और करनी में भारी अंतर है। आप सिर्फ और सिर्फ हीप्पोक्रेसी करते हैं।
सिंधिया परिवार पर की गई टिपण्णी पर भी घेरा
मुख्यमंत्री जी, सत्ता के मद में आप किस कदर चूर हैं - यह बात अटेर उपचुनाव में आपके उस भाषण में ही साफ हो चुकी है जिसमें आपने सिंधिया राजघराने के बारे में बेहद गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी की थी। आपकी गैर-जिम्मेदाराना और अनर्गल टिप्पणी पर भाजपा में ही जबरदस्त विरोध और बवाल हुआ। 
मंत्री पुत्र ने भी शराब के विरोध का किया समर्थन
शराब को लेकर पूरे प्रदेश में चल रहे भारी विरोध को लेकर हमारी भले ही ना सुनिये, अब तो आपकी कैबिनेट के वरिष्ठ सदस्य गोपाल भार्गव के पुत्र अभिषेक भार्गव, जो भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं ने ही - आपको, आपकी पूरी सरकार और प्रशासन को आईना दिखला दिया है। शराब को लेकर हो रहे भारी विरोध पर सरकार के ढुलमुल रवैये और दोगली नीति पर खुलकर प्रहार करते हुए पूरी ईमानदारी से अभिषेक ने कहा है, ‘‘सरकार कुंभकर्णी नींद में सो रही है।’’

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