-->

Breaking News

रीवा के मेडिकल कॉलेजों सहित MP के कई मेडिकल कॉलेजों की सुरक्षा CISF को सौंपेगी सरकार

रीवा। एसएस मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संजय गांधी और गांधी स्मारक अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था अब सरकार अपनी निगरानी में करेगी। रीवा सहित एमपी के अन्य मेडिकल कॉलेजों की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही कंपनियां विवादों में रही हैं। कुछ दिन पहले भोपाल में सभी कॉलेजों के डीन की बैठक में ऐसी व्यवस्था की मांग उठाई गई जिसमें बार-बार प्रबंधन को हस्तक्षेप नहीं करना पड़े।
राज्य सरकार ने केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को अस्पतालों में सुरक्षा की जिम्मेदारी देने का संकेत दिया है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संभागायुक्त और मेडिकल कॉलेज के डीन से कहा है कि अस्पताल में किस तरह की सुरक्षा की आवश्यकता है इसका वह नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर भेजें।
कई बार बड़े विवाद की बनती है स्थिति
शहर में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध दो अस्पताल संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय और गांधी स्मारक अस्पताल हैं। जहां मरीजों के साथ परिजन भी बड़ी संख्या में आते हैं, ऐसे में होने वाली घटनाएं व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं। जिसकी वजह से डीन ने प्रमुख सचिव से कहा था कि जो एजेंसियां अभी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही हैं उनके लिए मुश्किल भरा काम होता है और कई बार बड़े विवाद की स्थिति बनती है और कामकाज भी प्रभावित होता है।
नहीं होगी अधिक कठिनाई
वर्तमान में इंदौर की कामथीन कंपनी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है, माना जा रहा कि इसका ठेका समाप्त होने पर सीआईएसएफ को जिम्मेदारी देने की व्यवस्था होगी। रीवा और सिंगरौली में सीआईएसएफ की यूनिट सरकार ने पहले ही स्वीकृत कर रखी है। इस वजह से अस्पतालों की सुरक्षा सौंपनें में अधिक कठिनाई नहीं होगी।
सुरक्षाकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
संजय गांधी और गांधी स्मारक अस्पतालों की सुरक्षा में तैनात कर्मियों की भूमिका भी कईबार सवालों के घेरे में रही है। इन पर आरोप लगे हैं कि रुपए लेकर अधिक संख्या में वार्डों तक लोगों को जाने की इजाजत दे देते हैं। इन्हीं की सह पर ही जेब कतरे भीतर चले जाते हैं। इतना ही नहीं महिलाओं के साथ छेडख़ानी और मरीजों के परिजनों के साथ अभद्रता करने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। अस्पताल में अटेंडर के साथ बेवजह विवाद भी इन्हीं की वजह से होते हैं। इस कारण इनके हाथ से सुरक्षा व्यवस्था लेने की तैयारी हो रही है।
जिला अस्पतालों का भी मांगा प्रस्ताव
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर जानकारी मंगाई है। सीआईएसएफ को पहले मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था सौंपी जाएगी, जिसके बाद अन्य सरकारी अस्पतालों की भी सुरक्षा उसी को देने पर विचार होगा। संभागायुक्त मेडिकल कॉलेज की अस्पतालों के साथ ही रीवा, सीधी, सतना एवं सिंगरौली जिलों के जिला एवं सिविल अस्पतालों की सुरक्षा का प्रस्ताव तैयार कराएंगे और शासन को भेजेंगे।
हाइट्स ने तीनों सेवाएं सौंपने का दिया है सुझाव
सेवा प्रदाता एजेंसी हाइट्स को राज्य सरकार ने अस्पतालों की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का खाका तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। जिसने सुझाव दिया है कि रीवा सहित सभी मेडिकल कॉलेजों की अस्पतालों की सुरक्षा, सफाई और लांड्री की जिम्मेदारी किसी एक संस्था को दी जाए। इसी ने सीआईएसएफ के हवाले सुरक्षा व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। सूत्र बताते हैं कि सरकार ने सीआईएसएफ को भी पत्र लिखा है, जब तक यह व्यवस्था नहीं बनेगी तब तक एक ही एजेंसी को अस्पतालों की तीनों सेवाएं सौंपी जाएंगी।
अस्पतालों की सुरक्षा बड़े स्तर पर कराने की तैयारी सरकार कर रही है। सीआईएसएफ व अन्य कई विकल्पों पर विचार हो रहा है। हाइट्स से सफाई, सुरक्षा और लांड्री की व्यवस्था पर सरकारी ने सुझाव मांगे हैं। हमने भी मांगों से अवगत करा दिया है। जो भी निर्देश मिलेगा उसका पालन करेंगे।
डॉ. पीसी द्विवेदी, डीन एसएस मेडिकल कॉलेज

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com