तराई अंचल का जवा तहसील आखिर क्यो है विकास से कोशो दूर...?
राहुल तिवारी
म.प्र. रीवा :- जवा से बडी खबर
रीवा जिले मे यदि विकास की हकीकत देखनी हो तो जवा मे देख लिजिए , कि विकास की बयार कैसे बह रही है। जवा जो जनपद मुख्यालय , तहसील व ग्राम पंचायत भी है। यहॉं विकास की गाथा आपको अलग अलग देखने को मिल जाएगी । जी हॉं सिरमौर विधान सभा के तराई अंचल जवा मुख्यालय की बात करे तो यह क्षेत्र कई वर्षो से अपने विकास के नाम पर आंसू बहा रहा है ।
तहसील , जनपद , व सरकारी विभाग के कार्यालय भी बने है , जो कीचड व दलदल मे शमाहित है। यहॉं की सडके जो चलने लायक तो क्या खडे होने लायक तक नही है , सडको मे भरा पानी , कीचड व जमा गंदगी के कारण ऊठ रही बदबू से स्थानीय लोगो का जीना मुश्किल हो गया है , जनता जो हर दिन भारी कठिनाईयो का सामना करती है।
जवा जनपद परिसर का ग्राऊंड जहॉं तालाब जैसा नजारा बना हुआ है , कही कोई साफ व सफाई नाम की चीज नही है । बताया जाता है कि इसी ग्राऊंड मे 15 अगस्त य 26 जनवरी को ध्वजारोहण य अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता रहा है । लेकिन अब कुछ ही दिन बाद 15 अगस्त यानि भारत स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है , वही जवा जनपद का ग्राऊंड घास व पानी से लबालब भरा हुआ है। वही जवा अस्पताल परिसर की बात करे तो ..चारो तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है । यहॉं भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की तो मानो पोल ही खुल गई है ।
परिसर मे कीचड व गंदगी का आलम बना रहता है , यानि ये कहे कि अस्पताल खुद ही बीमार चल रहा है । एैसे लगता है जैसे आज भी जवा की जनता पुराने जमाने जैसे समय के अनुसार जिंदगी बिताने को मजबूर है।
तहसील , जनपद , व सरकारी विभाग के कार्यालय भी बने है , जो कीचड व दलदल मे शमाहित है। यहॉं की सडके जो चलने लायक तो क्या खडे होने लायक तक नही है , सडको मे भरा पानी , कीचड व जमा गंदगी के कारण ऊठ रही बदबू से स्थानीय लोगो का जीना मुश्किल हो गया है , जनता जो हर दिन भारी कठिनाईयो का सामना करती है।
जवा जनपद परिसर का ग्राऊंड जहॉं तालाब जैसा नजारा बना हुआ है , कही कोई साफ व सफाई नाम की चीज नही है । बताया जाता है कि इसी ग्राऊंड मे 15 अगस्त य 26 जनवरी को ध्वजारोहण य अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता रहा है । लेकिन अब कुछ ही दिन बाद 15 अगस्त यानि भारत स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है , वही जवा जनपद का ग्राऊंड घास व पानी से लबालब भरा हुआ है। वही जवा अस्पताल परिसर की बात करे तो ..चारो तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है । यहॉं भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की तो मानो पोल ही खुल गई है ।
परिसर मे कीचड व गंदगी का आलम बना रहता है , यानि ये कहे कि अस्पताल खुद ही बीमार चल रहा है । एैसे लगता है जैसे आज भी जवा की जनता पुराने जमाने जैसे समय के अनुसार जिंदगी बिताने को मजबूर है।
बडा शवाल यह कि ....
क्या जवा के विकाश मे सरकारी अमला शुन्य हो गया है , क्या सरकार व क्षेत्र के विधायक - सॉंसद व जिला प्रशासन को यहॉं की दुर्दशा नही दिखती।
क्या जवा के विकाश मे सरकारी अमला शुन्य हो गया है , क्या सरकार व क्षेत्र के विधायक - सॉंसद व जिला प्रशासन को यहॉं की दुर्दशा नही दिखती।
क्या सिर्फ सडक - बिजली - पानी व सुविधा देने की कोरी घोषणा के नाम पर व जनता से झूंठे विकास के नाम पर सियासत का उन्हे मोहरा बनाया जाता है ..?
जवा की जनता का जिम्मेदारो से बडा शवाल..?_
आखिर क्यो जवा का विकास गहरी खाई मे समाहित है ..?
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