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करकटी संकुल प्राचार्य एवं सी.एे.सी.छुपा रहे अपनी गलती 45 दिन की अवकाश पर अतिथि शिक्षक बच्चों की पढ़ाई पर पढ़ रहा बुरा असर 3-14 तारीख से छुट्टी में गए अतिथि शिक्षक रजिस्टार में किया दस्तक

करकटी संकुल प्राचार्य एवं सी.एे.सी.छुपा रहे अपनी गलती 45 दिन की अवकाश पर अतिथि शिक्षक

बच्चों की पढ़ाई पर पढ़ रहा बुरा असर

3-14 तारीख से छुट्टी में गए अतिथि शिक्षक रजिस्टार में किया दस्तक

शहडोल /खैरहा/
प्रदेश सरकार भले ही शिक्षा विभाग पर लाखों करोडो रुपये प्रतिमाह खर्च करें एवं शिक्षकों को भी अच्छी खासी वेतन दे रही है पर क्या शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे सबसे बड़ा सवाल  है जहां एक ओर सरकार बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के प्रयास में लगी हुई है वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की तानाशाही भी चरम पर है ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है  करकटी संकुल अंतर्गत माध्यमिक विद्यालय नौगवॉ जहां 45 दिन के प्रसूति अवकाश पर है अतिथि शिक्षक दूसरी नियुक्ति अभी तक नहीं बच्चों के भविष्य के साथ किया जा रहा है खिलवाड़/

बच्चों की पढ़ाई हो रही चौपट--

नौगवॉ माध्यमिक विद्यालय में जिस तरह से भ्रष्टाचार चल रहा है इससे सबसे ज्यादा छात्र एवम छात्राओं की पढाई पर बुरा असर पड़ रहा है जिसका असर देखने को मिल रहा है जबकि अगले वर्ष 104 छात्र एवम छात्राओं विद्यालय में पढते थे वही इस सत्र में केवल 87 छात्र एवम छात्राओं ही विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों के अविभावक अपने गांव की स्कूल से नाम कटवाकर मजबूरी में अन्य जगह पर अच्छी शिक्षा के लिए अपने बच्चों का नाम लिखवा दिया शिक्षकों की  यह तानाशाही पिछले कई सालों से चल रही है जिस परेशान होकर अविभावक अपने बच्चों का नाम अपने ही गांव में स्कूल से परेशान होकर  दूर शहरो के विद्यालय में अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए नाम लिखवा रहे

 कुंभकरणी निद्रा में सोरहा शिक्षा विभाग---

नौगवॉ माध्यमिक विद्यालय में कुल 87 बच्चे कक्षा 6 से 8 तक में पढ़ते वही अतिथि शिक्षक दो एवं एक सहायक अध्यापक की नियुक्ति भी है वही शिक्षा विभाग की आला अधिकारीयो के कड़े निर्देश हैं की प्रतिमा संकुल प्रभारी को अपने संकुल अंतर्गत स्कूलों का निरीक्षण करना है वहां जो भी कमियां हैं उन्हें पर कारवाही कर जिला अधिकारियों को रिपोर्ट भेजें पर करकटी संकुल अंतर्गत ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है करकट संकुल के आला अधिकारी का आलम ही कुछ और है नौगवॉ से करकटी की दुरी महज 1किलोमीटर की दूरी पर है जहां 45 दिन से अतिथि शिक्षक प्रसूति अवकाश पर है वही इस बात का पता संकुल प्रभारी को नहीं सबसे बड़ा सवाल है बाकी स्कूलों की व्यवस्था क्या होगी इसका अंदाजा आप स्वयं लगा सकते/

अधिकारी नहीं मानते अपनी गलती--

करकटी संकुल के शिक्षा अधिकारी नहीं मानते अपनी गलती अधिकारी सीधे कहते हैं कि नियुक्ती करने के आदेश हमने मीटिंग में दिए हैं वही नौगवॉ माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक का कहना है कि हमें कोई आदेश नहीं दिया गया वही सूत्रों से पता चला कि करकटी संकुल के शिक्षक अपने ही रिश्तेदारों की नियुक्ति विद्यालय में करते हैं दूसरे बेरोजगार ग्रामीणों को नियुक्ति नहीं की जाती है करकटी संकुल के कुछ कथित शिक्षक अधिकारी हैं जो कि अपनी दाल रोटी सेक ने और पकाने में लगे रहते हैं दूसरे बेरोजगार ग्रामीणों का तो नंबर ही नहीं लगता है बेरोजगार ग्रामीणों की मांग जिला के मुखिया कलेक्टर साहब से एवं शिक्षा विभाग की आला अधिकारियों से हैं कि अतिथि शिक्षक की जो भरती नौगवॉ विद्यालय ने किया गया है उसे रद्द किया जाये एवं ग्रामीणों से आवेदन मांगा जाए तथा सूचना का चस्पा भी विद्यालय मे किया जाए तथा विद्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार की जांच कर कारवाई की जाए

करकटी संकुल प्रभारी दीपक निगम-- से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना है मैं अभी शहडोल में हूं कल आता हूं तो बात करता हूं

करकटी संकुल सी .ऐ.सी जगत सिंह-- से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका सीधा कहना है कि हम ने मिटीगं में निर्देश अध्यापकों को देते हैं अब अगर वह नियुक्ति नहीं कर रहे हैं इसमें हमारा कोई दोस्त नहीं उनको नियुक्ती करना चाहिए इस की जवाबदारी विद्यालय के अध्यापकों की होती है जो भी समस्या हो उसकी जानकारी देना चाहिए

नौगवॉ माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक हरिराम बैगा --से जब संबंध ने बात की गई तो उनका कहना है कि मुझे पता है कि अतिथि शिक्षक 45  दिन के अौवकाश  पर है सी. ए. सी. साहब को भी पता है मुझे अभी तक कोई भी आदेश नहीं दिया गया है अगर मैं नियुक्ति अपने से करता हूं तो उसकी वेतन मुझे अपनी जेब से देना पड़ेगा जब तक मुझे अधिकारियों का आदेश नहीं मिलेगा मैं नियुक्ति नहीं कर सकता

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