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ASI का भरा फॉर्म आरक्षक का दिया एडमिट कार्ड, PM मोदी तक पहुंचा गड़बड़ी का मामला

भोपाल| व्यापम का नाम बदल कर प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) किया गया है, लेकिन धांधलियां अब भी जारी है | पीईबी की पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा से  वंचित हुए उम्मीदवारों को दोबारा मौका देने के लिए अगले हफ्ते होने वाली परीक्षा भी विवादों में घिरी हुई है, वहीं एक नई गड़बड़ी सामने आई है। इस गड़बड़ी का मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँच गया है| अशोकनगर के एक छात्र ने एएसआई का फॉर्म भरा था लेकिन उसे एडमिट कार्ड पुलिस आरक्षक का मिला है, जिसको लेकर छात्र ने पीएम मोदी ओर मुख्यमंत्री को ट्वीट कर शिकायत की है| हाल ही में अभी छात्रों ने प्रवेश पत्र की गड़बड़ी को लेकर पीईबी में हंगामा भी किया था लेजिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

दरअसल, अशोकनगर के छात्र अभिषेक शर्मा ने इस गड़बड़ी की पीएम और सीएम से शिकायत की है| छात्र को रोल नंबर जनरेट नही होने पर एएसआई की परीक्षा का आश्वासन दिया गया था| पर जब एडमिट कार्ड आया तो पुलिस आरक्षक का मिला| छात्र ने भविष्य खराब होने की शिकायत मुख्यमंत्री ओर प्रधानमंत्री से की है| छात्र का कहना है कि 16 सितम्बर को मेरा एएसआई का पेपर था, लेकिन वेरिफिकेशन फ़ैल होने के बाद मुझे आशवासन दिया गया था कि पेपर 27 -28 सितम्बर को करा दिया जाएगा| लेकिन प्रवेश पत्र एएसआई की जगह पुलिस आरक्षक का आया| छात्र ने जब व्यापम में इसकी शिकायत की तो जवाब मिला कि हम केबल कांस्टेबल की ही परीक्षा करा पाएंगे एएसआई की परीक्षा नहीं करा पाएंगे| यही व्यवस्था की गई है|





सिर्फ पुलिस आरक्षक के लिए दुबारा मिला मौक़ा

बोर्ड ने 19 अगस्त से 18 सितंबर के बीच 14,088 पदों के लिए कांस्टेबल की परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें करीब 9 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे| तकनीकी कारणों से लगभग 60 हजार परिक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित हो गए थे| सीएम शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर बोर्ड ने तकनीकी कारणों से वंचित हुए सभी परीक्षार्थियों को दोबारा से मौका देने का आश्वासन दिया था. इसके तहत बोर्ड 27 और 28 सितंबर को परीक्षा आयोजित करने जा रहा है. लेकिन परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र जारी करते ही नया विवाद खड़ा हो गया है| शनिवार को जारी हुए प्रवेश पत्र में सिर्फ आरक्षक की परीक्षा का ही प्रावान रखा गया है। इससे हेड कांस्टेबल और एएसआई पद के लिए फार्म भरने वाले एक हजार से अधिक परीक्षार्थी अब सिर्फ आरक्षक की परीक्षा ही दे पाएंगे।

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