बरगवां शौंचालय घोटाला पर बोले कलेक्टर - आजकल कम्प्लेषन के अथाॅर्टी है जिला पंचायत सरपंच पर धारा 40 जिला पंचायत में हुआ रजिस्टर्ड
बरगवां शौंचालय घोटाला पर बोले कलेक्टर - आजकल कम्प्लेषन के अथाॅर्टी है जिला पंचायत
सरपंच पर धारा 40 जिला पंचायत में हुआ रजिस्टर्ड
अनूपपुर/ प्रदीप मिश्रा -8770089979प्रदेष में जहां एक ओर कई घोटाले सुर्खियों में रहे वहीं जिले व संभाग में बरगवां शौंचालय घोटाला भी किसी बडे घोटाले से कम नही यहां सरपंच सचिव व ठेकेदारों ने मिलकर प्रधानमंत्री की सबसे योजना स्वच्छ भारत मिषन जिसमें खुले में शौंच को जाकर हर घर में शौंचालय बनाने के लिए स्वयं देष की जनता को प्रेरित किये लेकिन अनूपपुर जिले के जैतहरी जनपद अन्तर्गत ग्राम बरगवां जहां लगभग 1200 शौंचालय बनाये जाने थे लेकिन यहां पर जमीन पर 600 भी नही देखने को नही मिले यहां फर्जी आईडी बनाकर शौंचालय में खूब सरपंच सचिव ने पैसा कमाया व कई जगह तो दबंगई का परिचय देते हुऐ जिनके यहां शौंचालय नही बने है वहां के भी पैसे आहरित कर लिये गये जिस मामले में सचिव निलंबित चल रहे है बरगवां शौंचालय निर्माण में लापरवाही बरतने किये जाने पर निलंबन के पष्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैतहरी के पत्र क्र./1202/ज.पं/एसबीएम/2017 दिनांक 14.08.2017 द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत बरगवां में सरपंच रूनिया बाई बैगा एवं सचिव रावेन्द्र सिंह द्वारा कुल निर्मित शौंचालयों में निर्मल भारत अभियान से 149 तथा स्वच्छ भारत मिषन से 981 शौंचालय निर्माण कार्य कराया गया ग्राम पंचायत बरगवां में वर्ष 2014-15 में जुलाई 2016 में निर्मल भारत अभियान अन्तर्गत 8 शौंचालय निर्माण में व्यय राषि रूपये 36800 तथा स्वच्छ भारत मिषन के तहत 26 शौंचालय निर्माण में व्यय राषि रूपये 312000 में शौंचालय का निर्माण कार्य नही कराये गये एवं 124 शौंचालय में लीच पिट नही कराया गया जिसकी राषि रूपये 248000 एवं कैष बुक में राषि 94714 बिना कार्य कराये अधिक राषि व्यव किया गया हितग्राहियों के घर में लीच पिट के ढक्कन होना पाया गया जिसका उपयोग हितग्राहियों द्वारा नहाने व कपडा धोने में किया जाता है इस प्रकार कुल राषि बिना कार्य कराये 691514 रूपये की राषि का आहरण कर वित्तीय अनियमित्ता किया जाना सिद्ध पाये जाने के कारण सरपंच रूनिया बाई एवं सचिव रावेन्द्र सिहं ग्राम पंचायत बरगवां जनपद पंचायत जैतहरी का म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40,92 के तहत कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया जाना है ज्ञात हो कि 31.08.2017 को पेषी की तारीख थी जहां उपस्थित होकर सरपंच सचिव को निर्देषित करते हुऐ 21.09.2017 को कार्य पूर्ण करने के लिए कहा गया है लेकिन सचिव के निलंबन के बाद सरपंच के उपर कोई भी कार्यवाही नही हुई है वहीें इस पूरे मामले में फर्जी रिपोर्ट बनाकर जांच अधिकारियों ने सरपंच सचिव को बचाने को सोची है इस पूरे खेल में ब्लाक क्वाडिनेटर पंचायत इंस्पेक्टर व इंजीनियर के साथ सभी जांच सदस्यी टीम ने मामले को रफा दफा करने में सहयोग किया है यहां 33 शौंचालय को नही बना बता व 149 को अधूरा बता सरपंच सचिव के बचने का राह आसान कर दिया है लेकिन इस जांच में जांच अधिकारी खुद फंस गये है क्योकि इनके द्वारा पूरे गांव का भ्रमण न कर ईसारों में अफिस में बैठ झूठा रिपोर्ट बना दिया गया जिसमें 33 शौंचालय में जो आकडे सामने आये है उसमें 25 लगभग शौंचालय बने हुऐ है जिन्हें नही बना है बताकर मामले को कमजोर कर जांच अधिकारियों ने बचाने को सोची लेकिन अपनी जांच में जांच अधिकारी खुद फंस गये है क्योंिक अभी भी कई शौंचालय है जिनका शौंचालय न बना पैसा आहरित कर लिया गया है इस संदर्भ में जिला पंचायत सीईओ के.व्ही.एस चौधरी, कमिष्नर शहडोल को कई बार षिकायत ग्रामीणों ने कार्यालय पहुंच कर की गई लेकिन आज भी इस मामले पर दोषि सरपंच सचिव को बचाने के लिए नेताओं के इषारों पर सरकारी अमला सुस्त पडा हुआ है जब इस संदर्भ में कलेक्टर अनूपपुर अजय शर्मा से बात की गई तो उन्होने साफ कहा कि इस मामले में मैं कुछ नही कह सकता जिला पंचायत इसकी ऐंजेसी है आप जिला पंचायत सीईओ से बात करें अब बात यह सामने आती है कि क्या कलेक्टर का कोई दायित्व नही बनता है जबकि जिले का पूरा दरोमदार इनके उपर है लोग न्याय के लिए इनके पास पहुंचते है लेकिन लगता है नेताओं के ईषारों पर इनकी कार्यवाही रूकी हुई है नही तो जिले व संभाग के इतने बडे घोटाले के दोषि इस तरह नही बचते आज बरगवां गांव की जनता न्याय के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे है और पूरा सरकारी अमला अब इनको सजा देने के बजाय बचाने लग गया हैं।
इनका कहना है


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