गोवर्धन पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सपत्नीक की पूजा
भोपाल। दीपावली के दूसरे दिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में गोवर्धन पूजा के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सपत्नीक विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। इस मौके पर मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह और उनका परिवार भी मौजूद रहा। इस दौरान सीएम ने गाय के बछडे का दुलार भी किया।
सीएम ने गौशाला में गाय नन्दिनी और लक्ष्मी को खीर-पुड़ी खिलाई और पूजा की। सीएम शिवराज ने कहा कि यह प्रकृति के प्रति आदर और आभार व्यक्त करने का पर्व है। पहाड़ों,नदियों,पेड़, पौधों को पूजने का संस्कार है। इसी के साथ सीएम ने प्रदेशवासियों को पर्यावरण स्वच्छ रखने का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने पूजा अर्चना के साथ ही गौ पूजन भी किया और प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की बधाई दी। गोवर्धन पूजा के महत्व के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर्व के मायने केवल धार्मिक ही नहीं है, बल्कि गोवर्धन पूजा में पर्यावरण को बचाने का संदेश भी छिपा है जो हमारे ऋषि मुनियों ने दिया था। सीएम ने कहा कि गोवर्धन पूजा की परंपरा प्रकृति आराधना करने की परंपरा है। इसी परंपरा का निर्वहन किया गया है। यह प्रकृति के प्रति आदर और आभार व्यक्त करने का पर्व है। पहाड़ों, नदियों, पेड़, पौधों वनस्पतियों को पूजने का संस्कार है। वे सबको जीवन देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश है कि पर्यावरण की रक्षा करें, इसे बचाकर रखें। प्रकृति के शोषण की बजाय दोहन करें। शोषण से प्रकृति में असंतुलन पैदा होता है और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। गोवर्धन पूजा के मौके पर सीएम हाउस में विधायक रामेश्वर शर्मा, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष शिव चौबे समेत बीजेपी के कई बड़े नेता भी मौजूद थे।
क्यों होती है गोवर्धन पूजा
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। गोवर्धन को 'अन्नकूट पूजा' भी कहा जाता है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र की पूजा की बजाय गोवर्धन की पूजा शुरू करवाई थी। इस दिन गोबर घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत की चित्र बनाकर पूजन किया जाता है। इस दिन गायों की सेवा का विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा का श्रेष्ठ समय प्रदोष काल में माना गया है।
सीएम ने गौशाला में गाय नन्दिनी और लक्ष्मी को खीर-पुड़ी खिलाई और पूजा की। सीएम शिवराज ने कहा कि यह प्रकृति के प्रति आदर और आभार व्यक्त करने का पर्व है। पहाड़ों,नदियों,पेड़, पौधों को पूजने का संस्कार है। इसी के साथ सीएम ने प्रदेशवासियों को पर्यावरण स्वच्छ रखने का संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने पूजा अर्चना के साथ ही गौ पूजन भी किया और प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की बधाई दी। गोवर्धन पूजा के महत्व के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर्व के मायने केवल धार्मिक ही नहीं है, बल्कि गोवर्धन पूजा में पर्यावरण को बचाने का संदेश भी छिपा है जो हमारे ऋषि मुनियों ने दिया था। सीएम ने कहा कि गोवर्धन पूजा की परंपरा प्रकृति आराधना करने की परंपरा है। इसी परंपरा का निर्वहन किया गया है। यह प्रकृति के प्रति आदर और आभार व्यक्त करने का पर्व है। पहाड़ों, नदियों, पेड़, पौधों वनस्पतियों को पूजने का संस्कार है। वे सबको जीवन देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश है कि पर्यावरण की रक्षा करें, इसे बचाकर रखें। प्रकृति के शोषण की बजाय दोहन करें। शोषण से प्रकृति में असंतुलन पैदा होता है और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। गोवर्धन पूजा के मौके पर सीएम हाउस में विधायक रामेश्वर शर्मा, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष शिव चौबे समेत बीजेपी के कई बड़े नेता भी मौजूद थे।
क्यों होती है गोवर्धन पूजा
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन उत्सव मनाया जाता है। गोवर्धन को 'अन्नकूट पूजा' भी कहा जाता है। सामान्य भाषा में कहा जाए तो दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र की पूजा की बजाय गोवर्धन की पूजा शुरू करवाई थी। इस दिन गोबर घर के आंगन में गोवर्धन पर्वत की चित्र बनाकर पूजन किया जाता है। इस दिन गायों की सेवा का विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा का श्रेष्ठ समय प्रदोष काल में माना गया है।
No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com