ऊचे रसूख का दिख रहा जलवा मामला कपिलधारा कालोनी बिजुरी मे कोलसाइडिंग का ,प्रसासन का मौन समर्थन
ऊचे रसूख का दिख रहा जलवा मामला कपिलधारा कालोनी बिजुरी मे कोलसाइडिंग का ,प्रसासन का मौन समर्थन
अनूपपुर/ प्रदीप मिश्रा - 8770089979
कोयलांचल नगरी बिजुरी जहां हर रास्तें में केवल कोयला व उससे लदे भारी वाहन के आगे के पीछे उड़ता कोयले का काला डस्ट जिसमें नगर के कालोनियों व यहां से गुजरनें वाले आम आदमी का जीवन नरक बना दिया है आम आदमी इस डस्ट से फेफड़े व आत दमा संास जैसी अनेको गंभीर बीमारीयों से जूझ रहे जिसकी सुध लेने वाला कोई नही है बिजुरी नगर के चारों दिषाओं में कोयला खदाने है जहां से कोयला का आदान प्रदान एक जगह से दूसरे जगह किया जाता है और इस आदान प्रदान के दौर में कोयले से भरे बड़े वाहन चलते है जो अपने तेज रफतार के साथ डस्ट उड़ाते चलते हैं जिससे इन जगहों से अपने कर्तब्य पर जाने वाला आम आदमी नाक आंख सिकुड़ता चलता है ताकि किसी तरह सुरक्षित होकर पहुच सके नगर में कोयला खदानों के चलने से निष्चित ही क्षेत्र में विकाष हुआ हैं लेकिन इसके साथ ही आम जनता की हितो को नजर अंदाज करने से गभीर बीमारीयों का संकट बढ़ा है यहां का जन जीवन बीमारियों से अस्त ब्यस्त हो गया है। नगर के तरफ आने वाला प्रमुख सड़क बिजुरी कालरी कपिलधारा कोतमा मनेन्द्रगढ़ के लिये है वही बिजुरी स्थिति कपिलधारा कालोनी व गल्ैाया टोला के मध्य स्थित रेलवे की कोल सायडिंग में कोयले से लदे प्रतिदिन सैकड़ो वाहनों का आना जाना लगा रहता है जिससे वहां के रहवासी उड़ने वाले कोल डस्ट से परेषान हैं कोल सायडिंग मे कोयला परिवहन करने वालें संस्था फर्म द्वारा सरकार के निर्देषों का पालन नही कर पा रही कोल डस्ट से निजात पानें व दिलानें में सक्षम नही है।मात्र अपने स्वलाभ के हित में उतारू हैं। जब भी नगरवासी कोल डस्ट समस्या का विरोध करते हैं तो संस्था द्वारा दो चार दिनों केे लिये सड़को मे पानी का छिड़काव करते हैं फिर मामला ठंडा होता देख जस का तस हो जाता हैं। नियमतः कोल डस्ट से बचाने के लिए सिचाई सुविधा उपलब्ध कराना चाहिए ताकि कोयला का कण धूल मिट्टी सभी बैठ जाये और आम आदमी इनसे बच कर सुरक्षित जीवन जीये किंतु ऐसा करना कोयला प्रबंधक व परिवहन ठेकेदार उचित नही समझता उसे उत्पादन देखना है आम जनता का हित नही नगर व क्षेत्र की जनता ने कोल डस्ट पर हो रही कालरी प्रबंधक की उपेक्षा पर कई बार पर्यावरण विभाग को अपनी गुहार पहुचाई किंतु इस पर पर्यावरण प्रमुखों ने आज तक कार्यवाही करना जरूरी नही समझा।
कोयलांचल नगरी बिजुरी जहां हर रास्तें में केवल कोयला व उससे लदे भारी वाहन के आगे के पीछे उड़ता कोयले का काला डस्ट जिसमें नगर के कालोनियों व यहां से गुजरनें वाले आम आदमी का जीवन नरक बना दिया है आम आदमी इस डस्ट से फेफड़े व आत दमा संास जैसी अनेको गंभीर बीमारीयों से जूझ रहे जिसकी सुध लेने वाला कोई नही है बिजुरी नगर के चारों दिषाओं में कोयला खदाने है जहां से कोयला का आदान प्रदान एक जगह से दूसरे जगह किया जाता है और इस आदान प्रदान के दौर में कोयले से भरे बड़े वाहन चलते है जो अपने तेज रफतार के साथ डस्ट उड़ाते चलते हैं जिससे इन जगहों से अपने कर्तब्य पर जाने वाला आम आदमी नाक आंख सिकुड़ता चलता है ताकि किसी तरह सुरक्षित होकर पहुच सके नगर में कोयला खदानों के चलने से निष्चित ही क्षेत्र में विकाष हुआ हैं लेकिन इसके साथ ही आम जनता की हितो को नजर अंदाज करने से गभीर बीमारीयों का संकट बढ़ा है यहां का जन जीवन बीमारियों से अस्त ब्यस्त हो गया है। नगर के तरफ आने वाला प्रमुख सड़क बिजुरी कालरी कपिलधारा कोतमा मनेन्द्रगढ़ के लिये है वही बिजुरी स्थिति कपिलधारा कालोनी व गल्ैाया टोला के मध्य स्थित रेलवे की कोल सायडिंग में कोयले से लदे प्रतिदिन सैकड़ो वाहनों का आना जाना लगा रहता है जिससे वहां के रहवासी उड़ने वाले कोल डस्ट से परेषान हैं कोल सायडिंग मे कोयला परिवहन करने वालें संस्था फर्म द्वारा सरकार के निर्देषों का पालन नही कर पा रही कोल डस्ट से निजात पानें व दिलानें में सक्षम नही है।मात्र अपने स्वलाभ के हित में उतारू हैं। जब भी नगरवासी कोल डस्ट समस्या का विरोध करते हैं तो संस्था द्वारा दो चार दिनों केे लिये सड़को मे पानी का छिड़काव करते हैं फिर मामला ठंडा होता देख जस का तस हो जाता हैं। नियमतः कोल डस्ट से बचाने के लिए सिचाई सुविधा उपलब्ध कराना चाहिए ताकि कोयला का कण धूल मिट्टी सभी बैठ जाये और आम आदमी इनसे बच कर सुरक्षित जीवन जीये किंतु ऐसा करना कोयला प्रबंधक व परिवहन ठेकेदार उचित नही समझता उसे उत्पादन देखना है आम जनता का हित नही नगर व क्षेत्र की जनता ने कोल डस्ट पर हो रही कालरी प्रबंधक की उपेक्षा पर कई बार पर्यावरण विभाग को अपनी गुहार पहुचाई किंतु इस पर पर्यावरण प्रमुखों ने आज तक कार्यवाही करना जरूरी नही समझा।
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