प्रदेश सरकार खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में सतत् रूप से प्रयत्नशील है। प्रदेश सरकार की इस मंशा को पूरी करने हेतु कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन अनूपपुर जिले में किया जा रहा है। जिससे किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। कृषि विभाग द्वारा अनूपपुर जिले में किसानों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे अच्छे परिणाम भी प्राप्त हो रहे हैं। इसी श्रृंखला में अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत के ग्राम सोनियामार के आदिवासी कृषक श्री पवन सिंह पुत्र राजाराम सिंह को बलराम ताल स्वीकृत किया गया। इस बलराम ताल से उनके जीवन के संकट के क्षण मानो कट से गए हों। अब जीवन में खुशियाॅं ही खुशियाॅं शेष रह गई हों। कारण स्पष्ट था, इसके पहले पवन सिंह अपने 02 एकड़ के रकबे मंे असिंचित फसल लेते थे। जिसमें खरीफ के सीजन में कोदो की फसल, किसी तरह हो जाती थी, किन्तु रबी में खेत को पड़ती ही छोड़ना पड़ता था। उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में उन्हें बलराम तालाब बनाने के संबंध में जानकारी दी गई। सभी औपचारिकताएॅं पूरी करने के बाद उन्हें कृषि विभाग से अनुदान मिला। ऐसा लग रहा था, जैसे प्यासे को पानी मिल गया हो। पूरी परिश्रम से उन्होंने बलराम तालाब का निर्माण कराया। अब उनकी 02 एकड़ जमीन सोना उगलने लगी। अब उनका कृषि रकबा द्विफसली क्षेत्र में बदल चुका था। खरीफ में धान की खेती, रबी में गेहूॅं की खेती के साथ ही टमाटर, गोभी, बैंगन आदि का भी उत्पादन करने लगे। साथ ही तालाब के मेढ़ मंे अरहर की फसल उगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त करने लगे। पवन कुमार अब मजदूर से मालिक बन चुके थे। इन सब गतिविधियों से जहाॅं वे अपनी आवश्यकता एवं परिवार संचालन हेतु अनाज पैदा करने लगे, वहीं सब्जी-भाजी से वर्ष में 30-35 हजार रुपए की वार्षिक आय प्राप्त करने में सफल हुए। बलराम तालाब से जहाॅं रिचार्जिंग के कारण भू-जल स्तर में वृद्धि हुई, वहीं प्राकृतिक पर्यावरण एवं संतुलन बनाये रखने में भी सफलता मिली। कारण था, तालाब में ग्रीष्म एवं अन्य काल में पशु-पक्षियों को पीने के लिए पानी एवं आरामगाह भी मिल चुका था।
बलराम ताल से जीवन हुआ खुशहाल
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Thursday, October 26, 2017
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