-->

Breaking News

फुनगा क्षेत्र में छोला छाप डाक्टरों की फौज

फुनगा क्षेत्र में छोला छाप डाक्टरों की फौज

अनूपपुर/ प्रदीप मिश्रा - 8770089979

जहाॅ षासन प्रषासन स्वास्थ सुविधा देनें का हर संभव प्रयास कर रही है, लोगों को स्वास्थ सुविधा देने के नाम पर षासन करोडों रूपये प्रतिमाह दवाओं पर खर्च कर रही है जगह जगह षासकीय स्वास्थ केन्द्र संचालित हैं क्षेत्र के झोला छाप डाक्टर षासकीय डाक्टरों की क्लीनिक खुलती देखकर झोला छाप डाक्टरों नें भी जगह जगह मकडी की जाल की तरह फैले हुए नजर आ रहे है। इन डाक्टरों के पास न तो कोई क्लीनिक चलाने का अनुभव रहता है न ही षासन से अनुमति प्राप्त करते है, सबकुछ जानकर भी अंजान बने रहते है इनकी मोटी कमाई के चक्कर में आम जनता पिसती जा रही है इसी का नतीजा है कि फुनगा सहित क्षेत्र के आस पास गाॅव में छोला छाप डाक्टरो की संख्या प्रतिदिन बढती जा रही हैं।

छोलाछाप डाक्टरों की अवैध क्लीनिक

फुनगा क्षेत्र मे बंगाली झोलाछाप डाॅक्टर द्वारा बडे पैमाने पर मरीजों का इलाज किया जाता है लम्बी कतारे क्लीनिक में रात दिन देखी जा सकती है, डाक्टर साहब के पास सभी मर्जो का इलाज होता है क्लीनिक में भर्ती करने, बाटल चढाने एवं अंगे्रजी दवाईयों का उपयोग किया जाता है फुनगा बाजार में भी ऐसे कई क्लीनिक है जो अवैध रूप से चल रही है जिन पर स्वास्थ विभाग के अधिकारियों की नजर नही पडती, फुनगा में बंगाली डाॅक्टर द्वारा अवैध क्लीनिक संचालित किया जा रहा है जहाॅ अंगे्रजी एवं आयुर्वेदिक डाक्टरों के बडे बडे पोस्टर लगाकर इलाज किये जा रहे है ।

जानकारी के अभाव में बीमारी को बढावा

बंगाली झोलाछाप डाक्टर ऐसे है जिन्हे मर्ज की सही जानकारी नही हो पाती है, मनमाने तरीके से इलाज करते है मर्ज कोई और होता है दवाई किसी और मर्ज की कर दी जाती है जिसे मरीजो की स्थिति खराब हो जाती है अपने आप को फसते देखकर झोला छाप डाक्टर अपने हाथ खडे कर लेते है तथा बडेे हास्पिटलों के लिए रेफर करते हैं, इतना ही नही उन बडे हास्पिटलो से अच्छी खासी कमीषन भी बंधा होता है जिससे मरीज दोनो तरफ से लुटता है उसके खून पसीने की कमाई धीरे धीरे करके चूस ली जाती है झोला छाप डाक्टर कुछ ही दिनों में करोडपती बन जाते है।

लोगो के जान से खिलवाड़

झोलाछाप डाक्टरों की मेहरवानी से कई मरीजों को अपनी जाने गवानी पड गई है, तत्काल परिणाम पाने के लिए झोलाछाप डाक्टरों से इलाज कराने पर हैबी डोज की इंजेक्षन एवं दवाई दे दी जाती है जिससे मरीज को पहले तो आराम मिलता है फिर कुछ बीत जाने के पष्चात गंभीर बीमारी के नतीजे सामने आए है।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com