चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव में BJP की हार, नंदकुमार बोले-2018 में नहीं पड़ेगा फर्क
भोपाल। प्रदेश में 14 साल से भाजपा सरकार में है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 13 साल से मुख्यमंत्री हैं। इस दौरान एक दर्जन से ज्यादा विधानसभा उपचुनाव हुए हैं। भाजपा हर छोटा-बड़ा चुनाव मुख्यमंत्री का चेहरा आगे करके जीतती है। यह पहली बार है जब विधानसभा उपचुनाव में भाजपा लगातार दूसरी बार हारी है। इससे पहले 13 अप्रैल को अटेर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को कांग्रेस के हेमंत कटारे से 857 मतों से हार मिली। चित्रकूट की तरह अटेर में भी मुख्यमंत्री ने 3 दिन तक डेरा डाला और गांव-गांव घूमे। चित्रकूट में भाजपा उस तुर्रा गांव में भी हार गई, जहां मुख्यमंत्री ने आदिवासी के घर में रात्रि विश्राम किया था। यहां भाजपा को 203 एवं कांग्रेस को 413 वोट मिले। चुनाव परिणाम को जनता के आक्रोश का परिणाम भी बताया जा रहा है। विकल्प के रूप में कांग्रेस मैदान में थी, जिसको जनता ने चुना है। आने वाले चुनाव में भाजपा के लिए यह एक मुश्किल कड़ी भी साबित होगा ओर प्रदेश संगठन को भी यह स्वीकार करना होगा कि जानता में सरकार के प्रति आक्रोश पनप रहा है और सरकार के लिए यह बड़ा संकट है।
भाजपा ने स्वीकारी हार
मप्र में कुछ सीटें कांग्रेस की परंपरागत सीटें हैंं। जिनमें से चित्रकूट भी एक हैं। कांग्रेस आगे भी चित्रकूट में जीतेगी। 2018 के विधानसभा चुनाव में हर हार से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा इस हार की समीक्षा करेगी।
नंदकुमार सिंह चौहान, भाजपा, प्रदेशाध्यक्ष
भाजपा ने स्वीकारी हार
मप्र में कुछ सीटें कांग्रेस की परंपरागत सीटें हैंं। जिनमें से चित्रकूट भी एक हैं। कांग्रेस आगे भी चित्रकूट में जीतेगी। 2018 के विधानसभा चुनाव में हर हार से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। भाजपा इस हार की समीक्षा करेगी।
नंदकुमार सिंह चौहान, भाजपा, प्रदेशाध्यक्ष
भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस को दी जीत की बधाई
भाजपा प्रत्याशी शंकर दयाल त्रिपाठी ने अपनी हार स्वीकारते हुए कांग्रेस प्रत्याशी नीलांशु चतुर्वेदी को जीत की बधाई दी है। साथ ही उन्होंने हार पर कहा है कि जनता के सामने हम अपनी बात को ठीक से नहीं रख पाए। आने वाले समय में हार की समीक्षा करेंगे।
भाजपा प्रत्याशी शंकर दयाल त्रिपाठी ने अपनी हार स्वीकारते हुए कांग्रेस प्रत्याशी नीलांशु चतुर्वेदी को जीत की बधाई दी है। साथ ही उन्होंने हार पर कहा है कि जनता के सामने हम अपनी बात को ठीक से नहीं रख पाए। आने वाले समय में हार की समीक्षा करेंगे।


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