भावान्तर भुगतान योजना का लाभ उठावें, मर्जी हो तो किसान फसल अगले भाव मिलने तक गोदाम भंडारण अनुदान योजना का लाभ उठा सकते हैं: रावत
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री रणवीर सिंह रावत ने कहा प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार और संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान किसानों के साथ है। भावान्तर भुगतान योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध हुई है।
उन्होंने कहा कि खरीफ 2017 के लिए 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच किसानों द्वारा बेचे गये कृषि उत्पाद के माॅडल रेट निर्धारित कर दिये गये हैं। सोयाबीन का 2580 रू., उड़द 3000रू., मक्का 1190 रू. कुंटल, मूंग 4120रू., मूंगफली 3720 रू. और तिल का 5400 रू., माॅडल रेट होगा। किसान द्वारा यदि सोयाबीन 2580रू. अथवा नीचे बेचा गया तो उसे 470 रू. कुंटल का भावान्तर उसके बैंक खाते में जमा होकर मिलेगा। इसी तरह अन्य फसलों पर भावान्तर राशि देना राज्य सरकार की जिम्मेवारी है। एक सर्वेक्षण के मुताबिक इस दरम्यान सवा लाख किसानों द्वारा बेचे गये उत्पादों के ऐवज में उन्हें 197 करोड़ रू. भावान्तर की राशि खातों में मिलेगी। हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति इस प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।
रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को राज्य और अन्य राज्यों की कृषि उपज मंडियों में घोषित होने वाले जिन्सों के भाव से अवगत कराने के लिए प्रचार माध्यमों का इस्तेमाल किया है। ऐसे में जो किसान प्रचलित भाव में बेचना नहीं चाहते उन्हें अपना अनाज भावान्तर योजना में गोदाम भंडारण अनुदान का लाभ भी दिया जा रहा है। किसान अपना माल गोदाम में रखकर 9.90 रू. कुंटल प्रतिमाह अनुदान का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि खरीफ 2017 के लिए 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच किसानों द्वारा बेचे गये कृषि उत्पाद के माॅडल रेट निर्धारित कर दिये गये हैं। सोयाबीन का 2580 रू., उड़द 3000रू., मक्का 1190 रू. कुंटल, मूंग 4120रू., मूंगफली 3720 रू. और तिल का 5400 रू., माॅडल रेट होगा। किसान द्वारा यदि सोयाबीन 2580रू. अथवा नीचे बेचा गया तो उसे 470 रू. कुंटल का भावान्तर उसके बैंक खाते में जमा होकर मिलेगा। इसी तरह अन्य फसलों पर भावान्तर राशि देना राज्य सरकार की जिम्मेवारी है। एक सर्वेक्षण के मुताबिक इस दरम्यान सवा लाख किसानों द्वारा बेचे गये उत्पादों के ऐवज में उन्हें 197 करोड़ रू. भावान्तर की राशि खातों में मिलेगी। हर जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति इस प्रक्रिया की निगरानी कर रही है।
रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को राज्य और अन्य राज्यों की कृषि उपज मंडियों में घोषित होने वाले जिन्सों के भाव से अवगत कराने के लिए प्रचार माध्यमों का इस्तेमाल किया है। ऐसे में जो किसान प्रचलित भाव में बेचना नहीं चाहते उन्हें अपना अनाज भावान्तर योजना में गोदाम भंडारण अनुदान का लाभ भी दिया जा रहा है। किसान अपना माल गोदाम में रखकर 9.90 रू. कुंटल प्रतिमाह अनुदान का लाभ उठा सकते हैं।

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