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शासकीय योजनाओं पर लगा स्वार्थ का दीमक जनपद सीईओ की मनमानी से पंचायतों में बढ़ रहा आक्रोश

शासकीय योजनाओं पर लगा स्वार्थ का दीमक

जनपद सीईओ की मनमानी से पंचायतों में बढ़ रहा आक्रोश

बुढ़ार। राजेन्द्र मिश्रा 

प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के कारण बुढ़ार जनपद पंचायत की ग्राम पंचायतों में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवालिया निशान लग रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास से लेकर स्वच्छ भारत अभियान तक के कार्यों में बरती जा रही लापरवाही के कारण हितग्राहियों को शासन की योजना का वांच्छित लाभ नहीं मिल पा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्रधान मंत्री आवास योजना के आधे-अधूरे कार्यों को पूरा बताकर पुरस्कार हासिल करने का मामला सामने आया था। इस मामले में यदि प्रशासनिक स्तर पर कमेटी बनाकर प्रधान मंत्री आवास योजना के आधे-अधूरे कार्यों का सत्यापन करा लिया जाता तो पूरी वास्तविकता सामने आ जाती। किन्तु ऐसा करने की बजाय जनपद पंचायत को अपनी कारगुजारी पर पर्दा डालने का पूरा मौका दे दिया गया।

नीयत में झलका खोट

जानकार सूत्र बताते हैं कि जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा गत माह अपने नापाक मंसूबों के चलते पंच परमेश्वर खाते पर रोक लगा दी गई थी। इससे प्राय: सभी ग्राम पंचायतों में जारी विकास कार्य ठप हो गए थे और बात राज्य शासन तक पहुंच गई। यह जानकारी मिलते ही विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव आर.एस. जुलानिया ने वीडियो कांन्फ्रेसिंग के दौरान जमकर फटकार लगाते हुये जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निलंबन का प्रस्ताव भेजने की बात तक कह डाली, किन्तु ग्रामींण विकास विभाग के जिलाधिकारी ने जनपद सीईओ का पक्ष लेकर उन्हें दण्ड से बचा लिया। सवाल यह उठता है कि आखिर किस मंशा से सीईओ ने पंच परमेश्वर खाते पर रोक लगाया था?

ऐसे किया फर्जीवाड़ा

गौरतलब तथ्य यह है कि ग्राम पंचायत बिलटिकुरी निवासी प्रेमनारायण जायसवाल अपने पिता के साथ रहता है, उसके पिता का पक्का मकान भी बना हुआ है फिर भी प्रेमनारायण को प्रधानमंत्री आवास का हितग्राही बना दिया गया। इसी तरह राजाराम चर्मकार ने पहले से ही 1200 स्क्वायर फिट पर लगभग 6 लाख रुपए की लागत से चार कमरों का पक्का मकान बना रखा था। जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की सूची में शामिल कर लिया गया तब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की जिस पर शिकायत की जांच के लिए एक टीम गांव भेजी गई। उक्त टीम ने हकीकत जानने के बाद राजाराम चर्मकार को अपात्र घोषित कर दिया। जांच टीम द्वारा राजाराम को अपात्र करने के पश्चात जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरुण कुमार भारद्वाज ने आर्थिक समीकरणों के चलते राजाराम चर्मकार को पुन: पात्र घोषित करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना का हितग्राही बना दिया। इतना बड़ा फर्जीवाड़ा होने के बावजूद आज तक किसी भी उच्चाधिकारी ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया है।

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