जल्द होगी भोपाल पुलिस में बड़ी सर्जरी, हटेंगे सालों से जमे थानेदार
भोपाल। भोपाल रेंज के नए आईजी जयदीप प्रसाद को यहां पदस्थ किये जाने के बाद जिला पुलिस की बड़े पैमाने पर सर्जरी किये जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। लगातार बड़ी वारदातों से शासन प्रशासन नाराज है। जिससे शहर पुलिस की जमावट में बड़ा फेरबदल किया जाना तय माना जा रहा है।
गौरतलब है कि शहर में राजनैतिक और पुलिस संरक्षण में खुलेआम जुआ चलाने का मुद्दा खुद तत्कालीन गृह मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा केबिनेट की बैठक में उठाया जा चुका है। वहीं राजधानी में पुलिसकर्मियों द्वारा खुलेआम वसूली की मांग और काम में लापरवाही के मामले आम हो चुके हैं। कई थाना प्रभारी तीन साल से अधिक समय से भोपाल में ही जमे हैं। जबकि कई अधिकारी एसे हैं जो अपनी पूरी नौकरी ही भोपाल में बिता चुके हैं। सूत्रों की माने तो एसे ही अधिकारियों की एक लिस्ट भोपाल के पूर्व डीआईजी रमन सिंह सिकरवार के समय उन्हे सौंपी गई थी। जिसके बाद उन्होने थाना प्रभारियों की जमावट में बड़ा फेरबदल किया था। इसी के साथ सीएसपी, डीएसपी, और एएसपी रेंक के अधिकारियों को हटाने के लिए पीएचक्यू को एक पत्र लिखा था।
- यह जमे हैं पांच साल से ज्यादा समय से
टीआई ऐशबाग राजीव जांगले, पूर्व में ट्रांस्फर हो चुका था राजनेतिक आकाओं के बल पर भोपाल में टिके हैं, टीआई बैरागढ़ सुधीर अरजरिया, टीआई बैरसिया एचसी लाडिय़ा, टीआई सूर्यकांत अवस्थी ट्रांस्फर के बाद भी जमे हुए हैं। टीआई तलैया मनीष राज सिंह भदौरिया ट्रांस्फर के बाद भी भोपाल में ही जमे हैं, टीआई टीला जमालपुरा आशीष पवार ट्रांस्फर के बाद भी भोपाल में जमे हैं। हाल ही में गैंग रेप मामले में सस्पेंड हुए टीआई संजय सिंह बैस, ट्रांस्फर के बाद भी भोपाल में जमे थे। टीआई शाहपुरा जितेंद्र पटेल जहां रहे विवादों में रहे, जिले के बाहर कोई अधिकारी नहीं कर सका, करीब पांच साल से अधिक समय से भोपाल में जमे हैं। क्राइम ब्रांच डीएसपी डीएस चौहान, लंबे समय से भोपाल में जमे हैं। इन्हे फिल्ड के लिए अनफिट बताकर हटाने के लिए तत्कालीन डीआईजी रमन सिंह सिकरवार ने डेढ़ साल पूर्व पीएचक्यू को पत्र लिखा था। कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे एमपी नगर थाने में एसआई रहे, प्रमोशन के बाद चंद समय के लिए बाहर गए और वापस भोपाल में लापरवाही के आरोप में शाहपुरा थाने से हटाकर लाइन भेजा गया, चंद दिनों में कोतवाली थाने की कमान दे दी गई।
गौरतलब है कि शहर में राजनैतिक और पुलिस संरक्षण में खुलेआम जुआ चलाने का मुद्दा खुद तत्कालीन गृह मंत्री बाबूलाल गौर द्वारा केबिनेट की बैठक में उठाया जा चुका है। वहीं राजधानी में पुलिसकर्मियों द्वारा खुलेआम वसूली की मांग और काम में लापरवाही के मामले आम हो चुके हैं। कई थाना प्रभारी तीन साल से अधिक समय से भोपाल में ही जमे हैं। जबकि कई अधिकारी एसे हैं जो अपनी पूरी नौकरी ही भोपाल में बिता चुके हैं। सूत्रों की माने तो एसे ही अधिकारियों की एक लिस्ट भोपाल के पूर्व डीआईजी रमन सिंह सिकरवार के समय उन्हे सौंपी गई थी। जिसके बाद उन्होने थाना प्रभारियों की जमावट में बड़ा फेरबदल किया था। इसी के साथ सीएसपी, डीएसपी, और एएसपी रेंक के अधिकारियों को हटाने के लिए पीएचक्यू को एक पत्र लिखा था।
- यह जमे हैं पांच साल से ज्यादा समय से
टीआई ऐशबाग राजीव जांगले, पूर्व में ट्रांस्फर हो चुका था राजनेतिक आकाओं के बल पर भोपाल में टिके हैं, टीआई बैरागढ़ सुधीर अरजरिया, टीआई बैरसिया एचसी लाडिय़ा, टीआई सूर्यकांत अवस्थी ट्रांस्फर के बाद भी जमे हुए हैं। टीआई तलैया मनीष राज सिंह भदौरिया ट्रांस्फर के बाद भी भोपाल में ही जमे हैं, टीआई टीला जमालपुरा आशीष पवार ट्रांस्फर के बाद भी भोपाल में जमे हैं। हाल ही में गैंग रेप मामले में सस्पेंड हुए टीआई संजय सिंह बैस, ट्रांस्फर के बाद भी भोपाल में जमे थे। टीआई शाहपुरा जितेंद्र पटेल जहां रहे विवादों में रहे, जिले के बाहर कोई अधिकारी नहीं कर सका, करीब पांच साल से अधिक समय से भोपाल में जमे हैं। क्राइम ब्रांच डीएसपी डीएस चौहान, लंबे समय से भोपाल में जमे हैं। इन्हे फिल्ड के लिए अनफिट बताकर हटाने के लिए तत्कालीन डीआईजी रमन सिंह सिकरवार ने डेढ़ साल पूर्व पीएचक्यू को पत्र लिखा था। कोतवाली टीआई आशीष धुर्वे एमपी नगर थाने में एसआई रहे, प्रमोशन के बाद चंद समय के लिए बाहर गए और वापस भोपाल में लापरवाही के आरोप में शाहपुरा थाने से हटाकर लाइन भेजा गया, चंद दिनों में कोतवाली थाने की कमान दे दी गई।

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