बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरे समाज को संवेदनशील होने की जरूरत : कलेक्टर
बाल सरंक्षण पर कार्यशाला आयोजित
आदित्य सराठे (8962549766)
रायसेन : बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन के साथ-साथ पूरे समाज में संवेदनशीलता की जरूरत है, और विशेष रूप से जो बाल सुरक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रहे है उन्हें तो अति संवेदनशील होने की जरूरत है। यह बात कलेक्टर श्रीमती भावना वालिम्बे ने पुलिस तथा यूनीसेफ द्वारा आयोजित बाल सुरक्षा कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि अध्ययनों और खबरों से पता चलता है कि बच्चे घर पर भी सुरक्षित नहीं है। यह बात खासकर छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न के प्रकरणों में ज्यादा दिखाई देती है।
कलेक्टर श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि बच्चे स्वयं अपनी रक्षा नहीं कर सकते, इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि हम उन्हें सुरक्षा प्रदान करें। बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों को कैसे कम किया जाए, इस पर हम सबको संवेदनशील होकर कार्य करना है। जहां भी बच्चों को किसी भी प्रकार की आवश्यकता हो हमें तुरंत उनकी सहायता करनी चाहिए। बाल मजदूरी, बंधुआ मजदूरी, बाल विवाह, लैंगिक शोषण के विरूद्ध हम सभी मिलकर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चे का शोषण होता है तो वह शारीरिक व मानसिक रूप से टूट जाता है। ऐसे में उन्हें संबल देना हम सबका दायित्व है।
कलेक्टर श्रीमती वालिम्बे ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए बाल संरक्षण अधिनियम के तहत अनेक कानून मौजूद हैं, लेकिन लोगों की संवेदनशीलता के अभाव में बच्चों के हितों में उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने पुलिस सहित सभी शासकीय सेवकों को संवेदनशील होकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण अधिकारों के उपयोग के प्रचार-प्रसार के साथ ही बच्चों के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाए रखने तथा बच्चों के हितों की रक्षा के लिए जनजागरूकता की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पिछड़े क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाकर बालकों की सुरक्षा एवं संरक्षण से जुडे कानूनों एवं अधिनियमों की जानकारी प्रदान करते हुए बालकों के साथ होने वाले शोषण, दुर्व्यवहार, हिंसा एवं भेदभावों को कम कर उन्हें सरकार द्वारा संचालित सामाजिक योजनाओं का लाभ दिलाते हुए विकास की मुख्य धारा से जोडने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज भी कई बच्चे अपने मूलभूत अधिकारों से वंचित होकर एक असुरक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर है। उन्होंने सभी से कहा कि बाल संरक्षण एवं उनके हितों के लिए सजग और संवेदनशील होकर सामूहिक रूप से कार्य करें। कार्यशाला में यूनीसेफ के प्रतिनिधियों ने बाल सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किरणबाला केरकेट्टा सहित महिला बाल विकास, पुलिस तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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