पाकिस्तान खत्म करे आतंकवाद और गोलीबारी, तभी दोनों देशों में क्रिकेट संभव : सुषमा स्वराज
नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संकेत दिया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवाद और गोलीबारी बंद नहीं कर देता, तब तक उसके साथ किसी भी द्विपक्षीय क्रिकेट श्रृंखला की संभावना नहीं है। सुषमा ने यह बात विदेश मंत्राालय संबंधित संसद की सलाहकार समिति से एक बैठक के दौरान कही। बैठक में विदेश राज्यमंत्री एम जे अकबर एवं विदेश सचिव एस जयशंकर भी मौजूद थे। बैठक में सुषमा ने यह भी कहा कि उन्होंने भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रस्ताव किया था कि दोनों देशों को 70 साल से अधिक आयु के बंदियों अथवा महिलाओं या अस्थिर दिमाग वाले लोगों को संबंधों के मानवतावादी पहलू के अनुरूप रिहा कर देना चाहिए। बैठक में उपस्थित एक सदस्य ने यह जानकारी दी। इस बैठक का एजेंडा पड़ोसियों के साथ संबंध था।
सदस्य ने बताया कि भारत पाक क्रिकेट श्रृंखला किसी निष्पक्ष स्थल पर कराए जाने से संबंधित एक प्रश्न के जवाब में सुषमा ने संकेत दिया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद एवं गोलीबारी बंद नहीं कर देता, ऐसा होने की संभावना नहीं है। उन्होंने सुषमा के हवाले से बताया कि आतंकवाद एवं क्रिकेट साथ साथ नहीं चल सकते हैं। बैठक में सदस्यों ने मंत्रालय से हाल में संपन्न मालदीव-चीन मुक्त व्यापार संधि एवं दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकी एवं इसके कारण भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सवाल पूछे। मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि भारत एवं मालदीव के बीच संबंध नजदीकी एवं सौहार्द्रपूर्ण हैं। उसने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बारे में भी चर्चा की।
सदस्य ने बताया कि भारत पाक क्रिकेट श्रृंखला किसी निष्पक्ष स्थल पर कराए जाने से संबंधित एक प्रश्न के जवाब में सुषमा ने संकेत दिया कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद एवं गोलीबारी बंद नहीं कर देता, ऐसा होने की संभावना नहीं है। उन्होंने सुषमा के हवाले से बताया कि आतंकवाद एवं क्रिकेट साथ साथ नहीं चल सकते हैं। बैठक में सदस्यों ने मंत्रालय से हाल में संपन्न मालदीव-चीन मुक्त व्यापार संधि एवं दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकी एवं इसके कारण भारत पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सवाल पूछे। मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि भारत एवं मालदीव के बीच संबंध नजदीकी एवं सौहार्द्रपूर्ण हैं। उसने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बारे में भी चर्चा की।

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