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शिवराज ने नहीं सुनी पुकार तो संविदा कर्मियों ने बनाया ‘संविदा पकौड़ा’



रीवा। जिस दिन संविदा कर्मी मचल जाएगा उस दिन सरकार का पकौड़ा तल जाएगा...। मोदी तेरे राज में नौकरी छीनी शिवराज ने...। नहीं किसी से भीख मांगते, हम अपना अधिकार मांगते...। कलेक्ट्रेट के सामने धरना स्थल पर संविदा पकौड़ा तलकर इन नारों के साथ संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकार से अपना विरोध जताया। कहा जब तक नियमितीकरण की मांग पूरी नहीं होगी हम हड़ताल से वापस नहीं लौटेंगे।


शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे सैकड़ों की संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कलेक्ट्रेट के सामने धरना स्थल पर एकत्र हुए। पकौड़े की दुकान लगाकर संविदा पकौड़ा बनाया। पुरुष और महिला संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने नौकरी छिनने से रोटी और बेटी का सवाल उठाया। कहा कि संविदा कर्मियों के परिवार भुखमरी पर आएंगे और बेटियों की शादी नहीं कर पाएंगे। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. सुनील अवस्थी ने कहा कि आठ-दस साल नौकरी करने के बाद बेरोजगारी का संकट संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के सिर है। कार्य मूल्यांकन के नाम पर सरकार नौकरी छीन रही है। जो उचित नहीं है। आरबीएसके के कोऑर्डिनेटर संविदा कर्मचारी विष्णु प्रताप सिंह ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़े ही सहजता से कह दिया कि रोजगार नहीं तो पकौड़ा तले। संविदा कर्मियों के लिए इस सरकार में कोई संवेदना नहीं है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कई साल से नियमितीकरण की मांग की जा रही है लेकिन वह सुन नहीं रहे हैं। पांच दिन से धरने पर हैं अभी तक सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसीलिए हम लोग संविदा पकौड़ा तल विरोध जता रहे हैं। जब तक सरकार हमारी दो सूत्रीय मांगे नहीं मान लेती हम यहां से नहीं हटेंगे।


हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल से जिले के ग्रामीण अंचलों की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर आ गई हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं के कार्य ठप्प हो गए हैं। मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।जिला अस्पताल और गांधी स्मारक चिकित्सालय की एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं की सही देखभाल नहीं हो रही है। सीएचसी और पीएचसी में दवा वितरण ठप्प है। ग्राम आरोग्य केंद्रों में रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। कुपोषण इकाई में भर्ती बच्चों को पोषण आहार और उपचार नहीं मिल पा रहा है।


अप्रशिक्षित हाथों में दवा वितरण
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल में फार्मासिस्ट भी शामिल हैं। जिससे दवा वितरण का कार्य अप्रशिक्षित हाथों में हैं। नियमानुसार फार्मासिस्ट एक्ट 1948 के अंतर्गत फार्मासिस्ट के अतिरिक्त किसी अन्य ने दवा बांटा तो सजा का प्रावधान है लेकिन हड़ताल में यह नियम भी हवा हवाई साबित हो रहा है।


विधानसभा घेराव का ऐलान
कलेक्ट्रेट के सामने धरना स्थल पर संविदा कर्मचारियों ने तय किया है कि 28 फरवरी को बड़ी संख्या में भोपाल कूच करेंगे। वहां विधानसभा का घेराव किया जाएगा। रीवा जिले से 450 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल जाएंगे। पार्षद नम्रता सिंह सहित अन्य समाजसेवियों ने भी संविदा कर्मियों के साथ विधानसभा घेराव मेंं शामिल होने का ऐलान किया है।


सपॉक्स ने किया समर्थन
धरना स्थल पर सपॉक्स के अधिकारी पहुंचे और अपना समर्थन दिया। संविदा नीति के विरोध में और नियमितीकरण की मांग में हर कदम में साथ देने का वादा किया। सपॉक्स अध्यक्ष इंजी. देवेंद्र सिंह सहित अन्य धरने में मौजूद रहे।

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