सपाक्स वर्ग (सामान्य,अल्पसंख्यक और पिछड़ा )के नेताओं, विधायकों और सांसदों के नाम एक खुला पत्र
प्रिय श्री ,
सादर वन्दे।
आप चाहे किसी भी राजनैतिक दल से वास्ता रखते हों ,यह आपका निजी मामला है ,किन्तु एक निवेदन आज मैं आपसे कर रहा हूँ । वर्तमान में आरक्षण के विषय को लेकर देश में एक विचित्र सी स्थिति बनती जा रही है ।देश की आजादी के 71 वर्ष बीत जाने और सामाजिक व्यवस्थाओं में आमूलचूल परिवर्तन हो जाने के पश्चात भी समाज का एक वर्ग योग्यता को नकार कर केवल जातीय आधार पर आरक्षण चाहता है। इस वर्ग के कई लोग सामाजिक और आर्थिक रूप से भी समृध्द हो चुके हैं किंतु वे लोग भी आरक्षण नही छोड़ना चाहते हैं ।एक बार नौकरी में आरक्षण पा लेने के पश्चात भी यह वर्ग सपाक्स वर्ग के लोगों का हक छीनकर नौकरी में कनिष्ठ और अयोग्य होते हुए भी उनसे आगे प्रमोशन पा जाता है ।इस वर्ग के युवा सपाक्स वर्ग के युवाओं के हक पर डाका डाल रहे हैं ।कम नंबर आने पर भी इस वर्ग के युवा अधिक नम्बर लाये सपाक्स वर्ग के युवाओं को धता बताते हुए मनचाहे कॉलेजों में प्रवेश पा जाते हैं और कई तो आर्थिक रूप से सक्षम होने के बाद भी मुफ्त शिक्षा ,मुफ्त होस्टल ,मुफ्त कोचिंग जैसी सुविधाएं प्राप्त करते रहते है ,उधर सपाक्स वर्ग के गरीब बच्चे इन्हें देखकर मन ही मन में कुंठित होते रहते हैं ।हद तो तब हो जाती है जब बहुत ही कम नंबर आने और कई बार तो फेल हो जाने के बाद भी इस वर्ग का युवा नौकरी पा जाता है वहीं सपाक्स वर्ग का युवा 98 प्रतिशत नंबर लाने के बाद भी बेरोजगार रह जाता है ।अजाक्स वर्ग के लिए सरकार ने अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम बनाया था किंतु आज अधिकांश मामलों में इस नियम का दुरुपयोग किया जा रहा है ।कई सभ्रांत सपाक्स के लोगों को व्यक्तिगत रंजिश होने पर इस नियम के तहत झूठे केसों में फसाया जा रहा है औऱ यह सब आपकी नजरों के सामने हो रहा है ।आरक्षण या एट्रोसिटी एक्ट में सुधार की जब भी बात उठती है तो सभी अजाक्स के विधायक और सांसद फिर वे चाहे कांग्रेस के हों ,भाजपा के हों ,आप पार्टी के हों या अन्य किसी भी पार्टी के हों एक होकर सरकार पर दवाब बनाते है किंतु दुख इस बात का है कि सपाक्स वर्ग के विधायक और सांसद इन मुद्दों पर कभी एक नही होते और वह विभिन्न पार्टियों में बटकर अपने ही वर्ग के लोगों पर होते हुए अत्याचारों को मूकदर्शक की भांति देखते रहते हैं ।आज सपाक्स वर्ग के युवा कितनी हताशा में जी रहे हैं ,कितने बच्चे पढ़ाई के तनाव में और अच्छे नंबरों से पास होने के बावजूद रोजगार नही मिलने से आत्महत्या कर रहे हैं और यह सब वोट बैंक की खातिर तुष्टिकरण की नीति के चलते हो रहा है अतः सपाक्स वर्ग के विधायकों और सांसदों तथा अन्य नेताओं जागो और अपने ही वर्ग के ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विधानसभा और लोकसभा में आवाज उठाओ ,सभी सपाक्स वर्ग के विधायक और सांसदों एक होकर अपने वर्ग के लोगोँ को सरकार के अत्याचार से बचाओ ।अगर सत्ता के मोह में आपने ऐसा नही किया तो एक दिन आपकी ही आत्मा आपको धिक्कारेगी और आपकी आने वाली पीढी भी इसका दुख भोगेगी ।दमदारी से सत्य का साथ देना सीखो और सपाक्स वर्ग के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाओ ।
जय भारत जय सपाक्स ।
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