जब 12वीं पास छात्र ने मुख्यमंत्री से आरक्षण पर पूछा सवाल...
भोपाल : आज मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करियर काउंसलिंग कार्यक्रम 'हम छू लेंगे आसमां' में भाग लेने आए हजारों छात्रों से रुबरु हुए।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छात्रों को करियर संबंधी कई टिप्स दिए। वही बच्चों को एक मूलमंत्र ''कर्म करो, फल की चिंता मत करो'' दिया।इस मौके पर अलग अलग जिलों से आए छात्रों ने मुख्यमंत्री से कई सवाल किए, जिनके जवाब शिवराज ने मुख्यमंत्री न बन बल्कि एक टीचर की तरह दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रोजगार संबंधित पोर्टल http://www.mprozgar.gov.in का भी लोकार्पण किया।
सवाल जवाबों के दौरान आरक्षण को लेकर एक सामान्य वर्ग के बच्चे का दर्द मुख्यमंत्री के सामने छलक पड़ा। छात्र ने कहा कि आरक्षित वर्ग के छात्रों को 75 फ़ीसदी अंंक लाने पर भी लैपटॉप मिला, लेकिन मुझे ८४ फीसदी अंक लाने पर भी लैपटॉप नही मिला।आंखों में आंसू और दिल में आरमन को मरता देख छात्र ने आगे मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार पढाई मे जाति न देखे । इस पर शिवराज बोल जो लोग बरसो से पीछे रहे, हमे उनके लिये भी सोचना चाहिये।सरकार सबके लिये काम कर रही है
छात्रों के सवाल, मुख्यमंत्री के जवाब
आरक्षण पर छात्र का सवाल - आरक्षण हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या है। मैं इसी आरक्षण व्यवस्था के चलते लैपटॉप नही पा सका।मुझे लगता है कि पढ़ाई में जाति को नही देखना चाहिए। टैलेंट और ज्ञान के आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए
मुख्यमंत्री का जवाब- देश में सदियों तक लोग पीछे रहे है, हमें उनके लिये भी सोचना चाहिये। सरकार सबके लिये काम कर रही है। हमे हमारे ह्रदय को बड़ा रखना चाहिये। इस बार नही तो अगली बार हम लक्ष्य को प्राप्त करेंगें , बस यही मन में विश्वास होना चाहिए।
छात्र अंकित गुप्ता, भोपाल- आपके पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद परिणामों को लेकर मन संशय की स्थिति थी।
मुख्यमंत्री शिवराज- मैंने जब पहली बार चुनाव लड़ा तो पूरी तरह से विश्वास के साथ लड़ा था।मुझे कोई भय नही था।
छात्र रोहित श्रीवास्तव, भिंड- क्या डीयू और जेएनयू में एडमिशन लेने पर सरकार फीस भरेगी या नही।
मुख्यमंत्री शिवराज - 6 लाख से कम आमदनी वाले परिवार में 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाने पर सरकार छात्रों की फीस भरेगी।
छात्र निरंजन पटेल, भोपाल - स्कूल में होने पर परिवहन की व्यवस्था सरकार करेगी या नहीं
मुख्यमंत्री शिवराज - यह समस्या इतनी बड़ी नहीं, फिर भी सरकार इस पर विचार करेगी।
छात्रा गुंजन का सवाल- मैं राजनीति में कैसे आऊँ। मैं आपकी तरह कुशल राजनेता बनना चाहती हूं।
मुख्यमंत्री का जवाब - राजनीति में अच्छे लोग आए। लोग सिर्फ जल्द कुछ हासिल करने के लिये राजनीति में आते है, लेकिन जो देश के लिये सोचते है, वही लम्बा चलते है। जब आप दूसरों के लिये लड़ते हो तो लोग आपसे जुड़ते है। राजनीति काटो भरा रास्ता है, इसमें अक्सर आरोप लगते है।
सवाल जवाबों के दौरान आरक्षण को लेकर एक सामान्य वर्ग के बच्चे का दर्द मुख्यमंत्री के सामने छलक पड़ा। छात्र ने कहा कि आरक्षित वर्ग के छात्रों को 75 फ़ीसदी अंंक लाने पर भी लैपटॉप मिला, लेकिन मुझे ८४ फीसदी अंक लाने पर भी लैपटॉप नही मिला।आंखों में आंसू और दिल में आरमन को मरता देख छात्र ने आगे मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार पढाई मे जाति न देखे । इस पर शिवराज बोल जो लोग बरसो से पीछे रहे, हमे उनके लिये भी सोचना चाहिये।सरकार सबके लिये काम कर रही है
छात्रों के सवाल, मुख्यमंत्री के जवाब
आरक्षण पर छात्र का सवाल - आरक्षण हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या है। मैं इसी आरक्षण व्यवस्था के चलते लैपटॉप नही पा सका।मुझे लगता है कि पढ़ाई में जाति को नही देखना चाहिए। टैलेंट और ज्ञान के आधार पर आरक्षण दिया जाना चाहिए
मुख्यमंत्री का जवाब- देश में सदियों तक लोग पीछे रहे है, हमें उनके लिये भी सोचना चाहिये। सरकार सबके लिये काम कर रही है। हमे हमारे ह्रदय को बड़ा रखना चाहिये। इस बार नही तो अगली बार हम लक्ष्य को प्राप्त करेंगें , बस यही मन में विश्वास होना चाहिए।
छात्र अंकित गुप्ता, भोपाल- आपके पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद परिणामों को लेकर मन संशय की स्थिति थी।
मुख्यमंत्री शिवराज- मैंने जब पहली बार चुनाव लड़ा तो पूरी तरह से विश्वास के साथ लड़ा था।मुझे कोई भय नही था।
छात्र रोहित श्रीवास्तव, भिंड- क्या डीयू और जेएनयू में एडमिशन लेने पर सरकार फीस भरेगी या नही।
मुख्यमंत्री शिवराज - 6 लाख से कम आमदनी वाले परिवार में 70 फीसदी से ज्यादा अंक लाने पर सरकार छात्रों की फीस भरेगी।
छात्र निरंजन पटेल, भोपाल - स्कूल में होने पर परिवहन की व्यवस्था सरकार करेगी या नहीं
मुख्यमंत्री शिवराज - यह समस्या इतनी बड़ी नहीं, फिर भी सरकार इस पर विचार करेगी।
छात्रा गुंजन का सवाल- मैं राजनीति में कैसे आऊँ। मैं आपकी तरह कुशल राजनेता बनना चाहती हूं।
मुख्यमंत्री का जवाब - राजनीति में अच्छे लोग आए। लोग सिर्फ जल्द कुछ हासिल करने के लिये राजनीति में आते है, लेकिन जो देश के लिये सोचते है, वही लम्बा चलते है। जब आप दूसरों के लिये लड़ते हो तो लोग आपसे जुड़ते है। राजनीति काटो भरा रास्ता है, इसमें अक्सर आरोप लगते है।
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