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खुले मे शौच मुक्त करने हेतु बनाई गयी कार्ययोजना शौचालय का निर्माण बस नहीं उसका उपयोग भी सुनिश्चित करना है - श्रीमती अनुग्रह पी जिला एवं विकासखंड अधिकारियों को किया गया प्रशिक्षित

 खुले मे शौच मुक्त करने हेतु बनाई गयी कार्ययोजना

शौचालय का निर्माण बस नहीं उसका उपयोग भी सुनिश्चित करना है  - श्रीमती अनुग्रह पी

जिला एवं विकासखंड अधिकारियों को किया गया प्रशिक्षित

अनूपपुर /प्रदीप मिश्रा-8770089979
  जिले को खुले में शौच मुक्त करने हेतु सिर्फ शौचालयों का निर्माण पर्याप्त नहीं है। वरन् उसका उपयोग सुनिश्चित कर खुले मे शौच से होने वाले दुष्परिणामों से सुरक्षा प्राप्त कर सही मायने मंे स्वच्छता की अवधारणा को मूल रूप प्रदान करना है। भौतिक लक्ष्य को प्राप्त करने के साथ विचारधारा मंे परिवर्तन लाने के लिए आज कलेक्ट्रेट सभागार एवं जिला पंचायत मंे समुदाय व्यवहार परिवर्तन संचार के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला मंे जिला स्तरीय एवं खंड स्तरीय अधिकारियों को समुदाय के व्यवहार में परिवर्तन कैसे लाया जाए इस बारे मंे बताया गया। यूनिसेफ के रिसोर्स पर्सन एवं फीडबैक फाउंडेशन के सदस्य श्री राहुल द्वारा सम्पूर्ण भारत में स्वच्छता एवं शौचालयों के उपयोग के संबंध मे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के निवासियों को कैसे प्रेरित किया जाए इस बारे मे विस्तार से जानकारी दी गयी। कार्यशाला मे महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, नगरपालिका, कृषि, मत्स्य, उद्योग, उद्यानिकी, विद्युत, नगरीय प्रशासन, आपूर्ति विभाग आदि के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यशाला मे समस्त विभागो से विस्तृत चर्चा कर उनके विभाग समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी जिले को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने मे किस तरह से योगदान दे सकते हैं, आदि की जानकारी ली गयी। प्राप्त जानकारी के आधार पर कार्ययोजना का निर्माण किया गया एवं संबधित अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे मे बताया गया।
शौचालयों का उपयोग न होना एक मानसिक समस्या
यूनिसेफ के रिसोर्स पर्सन श्री राहुल ने बताया कि शौचालयों का उपयोग न होना मुख्य रूप से एक मानसिक समस्या है। व्यक्ति अपनी अन्य जरूरतों के लिए आवश्यक संसाधन जुटा लेता है। वह नहाने के लिए , कपड़े धोने के लिए , जानवरों के लिए तो पानी जुटा लेता है, परंतु वही मनुष्य अपने शौचालय के लिए पानी नहीं जुटा पा रहा, यह स्वीकार्य नहीं है, उचित नहीं है। इसका मूल कारण है उन्हे इसकी उपयोगिता की समझ न होना। समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास न होना। इसी जिम्मेदारी की सभी को अनुभूति करा दी गयी तो जिला अपने आप ही खुले मे शौच मुक्त हो जाएगा। परिवर्तन सिर्फ जागरूकता से ही संभव है। कलेक्टर श्रीमती अनुग्रह पी ने जिले के समस्त जिम्मेदार नागरिकों एवं प्रबुद्ध युवाओं से अपील की है कि स्वच्छता के इस अभियान को सफल बनाकर अपने जिले मे अभी भी लगा यह दाग मिटाकर स्वच्छता का तिलक लगाने मे सहयोग करें।
स्वच्छता अभियान मे होगी विविध गतिविधियां देंगे इसे आंदोलन का स्वरूप
स्वच्छता का आंदोलन

जिले को स्वच्छ बनाने हेतु आगामी दिवसो मे विविध गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। क्षेत्रीय युवाओं को इस अभियान से जोड़कर इसे स्वच्छता के आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया जाएगा। लोगो को जागरूक करने के साथ शौचालय निर्माण मे आ रही समस्याओं को दूर कर लक्ष्य की प्राप्ति की जाएगी। हर ग्राम पंचायत के लिए बनाए जाएंगे नोडल अधिकारी , मैदानी कार्यकर्ताओं एवं प्रेरकों को मिलाकर स्वच्छता टीम का गठन किया जाएगा। घर घर जाकर  स्वच्छता का महत्व एवं खुले मे शौच के दुष्परिणाम को बताया जाएगा।

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