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किसानों का अपमान कर रही है सरकार : शिवकुमार शर्मा कक्काजी




भोपाल : मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में किसान बंद आंदोलन आज से शुरू हो गया है प्रदेश भर में पुलिस अलर्ट है। वहीं  राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के संरक्षक शिवकुमार शर्मा कक्काजी ने प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा है सरकार बार बार ये कहकर कि ये किसानो का आन्दोलन नहीं, बल्कि कांग्रेस का आन्दोलन है, किसानों का अपमान कर रही है कक्काजी ने कहा हम अहिंसक हैं, लेकिन सरकार हिंसा के लिए भड़का रही है।
कक्काजी ने किसानों से बॉन्ड भरवाए जाने पर कहा बॉन्ड शिवराज भरे क्यूंकि उनके बारह मंत्रियों पर मामले दर्ज हैं| मंदसौर गोलीकांड में जैन आयोग की रिपोर्ट अब तक क्यों नहीं आई। आयोग की रिपोर्ट सीएम निवास में तैयार हुई है। राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्काजी) बोले व्यापारियों से दस जून को दोपहर 2 बजे तक बंद का आह्वान किया है। उन्होंने सरकार पर लगाते हुए कहा सरकार आंदोलन को हिंसक बनाने का काम कर रही है, किसान शांति पूर्वक आंदोलन करना चाहते है।

कक्काजी ने कहा पुलिस की निगरानी में दूध सब्जी मंडी में पहुचाने से किसान और भड़केंगे। वहीं किसान आंदोलन को कांग्रेस के आंदोलन बताने पर कहा विपक्ष की भूमिका चौकीदार की होती है, प्रदेश की विपक्षी पार्टी अपना फर्ज निभा रही है लेकिन ये आंदोलन काँग्रेस का नहीं, किसानों का है और सरकार इसे कांग्रेस का आंदोलन बताकर किसानों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा किसी भी राजनीतिक दल को अंदोलन में नही आने देंगे। अगर हमारा समर्थन करना है तो पार्टी का झंडा छोड़ कर हमारे साथ आना होगा।

कक्काजी ने कहा मध्य प्रदेश में 43 प्रतिशत आत्महत्या बढ़ी है। कांग्रेस पर आरोप लगा कर सरकार अपनी जिमेदारी से हट रही है। जनता को परेशान करना हमारा मकसद नहीं है। फर्जी किसानों के द्वारा मुख्यमंत्री हमारा आंदोलन  पंचर कर रही है। यह आंदोलन पिछले साल का आधार है। सरकार फर्जी वीडियो जारी कर भ्रमित करने का काम कर रही है। 130 किसान संघटन सभी एकजुट हैं। इस बार हम गाँव में रहेंगे, सिर्फ भाजपा समर्थन कुछ संघटन इसमें शामिल नहीं। हम चौपाल लगा कर गाँव में सामान देंगे। आंदोलन हिंसक न हो इसलिये हमने पूरी कोशिश की है सरकार की मंशा इसे हिंसक बनाने की लग रही है मुचलके भरवा रही है, लाठी मंगवा रही है।

पिछले साल हुए किसान आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के बाद इस साल पुलिस चौकन्नी है। हर जिलों में अतिरिक्त फाॅर्स की तैनाती की गई है। आंदोलन के पहले दिन फलों, सब्जियों और दूध की सप्लाई बंद करने की ख़बरों के बीच चहल-पहल शुरू हो गई है। इंदौर में पुलिस की सुरक्षा के बीच दूध की सप्लाई शहर में की जा रही है। प्लांट से निकलने वाले सभी वाहनों को पुलिस वाहनों के साथ ही शहर में भेजा जा रहा है| वहीं 3 दिन के बाद किसान आंदोलन में हिंसा होने का इंटेलिजेंस को इनपुट मिला है| इंटेलिजेंस आईजी मकरंद देउस्कर ने कहा कि जैसे-जैसे आंदोलन आगे बढ़ता है वैसे-वैसे स्थितियां बदलेंगी| हाईवे से सटे हुए गांव के किसान अचानक एकजुट होकर कर उग्र प्रदर्शन सकते हैं। आईजी ने आगे कहा प्रदेश में किसान आंदोलन को लेकर 11 किसान संगठन को चिन्हित किया गया है। सभी संगठनों ने पुलिस से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने की बात कही है।

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