किसान आंदोलन : इंदौर पुलिस ने तैयार किया पैरलर कम्युनिकेशन प्लान
इंदौर : आज से शुरू हुए किसानों के गांव बंद आंदोलन के दौरान आज सुबह इंदौर समेत आस-पास के इलाकों में पुलिस की सुरक्षा के बीच दूध और सब्जी की आपूर्ति जारी है अब तक जिले में हालात सामान्य है शहर की चौइथराम सब्जी मंडी,छावनी और लक्ष्मीबाई मंडी में काम काज चल रहा है सांची प्लांट के गेट पर सुरक्षा बल मौजूद है इसके साथ ही गांव की ओर जाने वाले रास्तों पर भी पुलिस पेट्रोलिंग कर रही है प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस हाई अलर्ट पर है मंदसौर में भी पुलिस अलर्ट है यहां पांच एसएएफ कंपनियां तैनात की गई है, इसके साथ ही दंगा निरोधी पांच वज्र वाहन भी तैनात है बड़वानी में आम दिनों की तरह ही सुबह फल मंडी लगी, लेकिन यहां कुछ किसान कम पहुंचे, उज्जैन में भी हालात सामान्य है, दूध और सब्जी बेचने पर कही किसी तरह की रोक-टोक नजर नहीं आई है रतलाम जिले में हालात सामान्य है, प्रशासन ने 60 गांवों को संवेदनशील घोषित किया है जहां 400 जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है।
वहीं 180 रिजर्व फोर्स रखा गया है धार में भी फल और सब्जी मंडियों पर लोग आम दिनों की तरह फस सब्जी खरीद रहे हैं वहीं देवास में रोज की तरह ही सब्जी मंडी खुली, हालांकि ग्राहक कम पहुंच रहे हैं खरगोन में भी सब्जी मंडी रोज की तरह लग रही है दूध विक्रेता भी घर-घर जाकर दूध का वितरण कर रहे हैं पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है इस बार पुलिस ने पैरलर कम्युनिकेशन प्लान भी तैयार किया है,जिसमें गांव के लोगों को पुलिस से सीधे जोडा़ गया है वे पुलिस से सीधा संवाद कर रहे हैं जिससे गांव के लोगों को शहर तक जाने में किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।
वज्र वाहन,बम निरोधक दस्ते तैनात ......
किसान आंदोलन का असर भले ही कम दिखाई दे रहा हो लेकिन पुलिस अपनी पूरी तैयारी में है इंदौर में पांच सौ से ज्यादा जवानों को रिजर्व में रखा गया है वज्र वाहन,बम निरोधक दस्ता और आंसू गैस के वाहन भी तैयार खड़े हैं एसएएफ की एक कंपनी भी मुस्तैद है कहीं से भी अप्रिय घटना की सूचना आते ही तत्काल उन्हें रवाना कर दिया जाएगा।
वज्र वाहन,बम निरोधक दस्ते तैनात ......
किसान आंदोलन का असर भले ही कम दिखाई दे रहा हो लेकिन पुलिस अपनी पूरी तैयारी में है इंदौर में पांच सौ से ज्यादा जवानों को रिजर्व में रखा गया है वज्र वाहन,बम निरोधक दस्ता और आंसू गैस के वाहन भी तैयार खड़े हैं एसएएफ की एक कंपनी भी मुस्तैद है कहीं से भी अप्रिय घटना की सूचना आते ही तत्काल उन्हें रवाना कर दिया जाएगा।
सोशल मीडिया सेल रखेगा विशेष नजर
बीते साल हुए किसान आंदोलन में सोशल मीडिया ही ऐसा क्षेत्र था जिस पर नियंत्रण नही लगाया जा सका था लिहाजा इस बार पुलिस ने साफ कर दिया कि किसी भी स्थिति में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर सोशल मीडिया पर गलत संदेश पहुंचाने वालो को बख्शा नही जाएगा। इन्दौर डीआईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने बताया कि ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को भड़काये या उकसाये नही। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के संदेशों पर विशेष सेल की नजर रहेगी। डीआईजी ने बताया कि पुलिस ने एक पेरेलल कम्युनिकेशन प्लान भी तैयार किया है जिसके सहारे गांव में जो लोग पुलिस से जुड़कर अपनी समस्या बताना बताना चाहते है और गांव में जो सुरक्षा समिति है उनसे संपर्क में रहा जा सके। इस प्लान के हर गांव की एक टीम और पुलिस की टीम समान रूप से कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस की ये तैयारी और प्रयास इसलिए है ताकि आम दिनों में जैसी दिनचर्या होती है वैसी ही बनी रहे।
वही प्रदेश कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष जीतू पटवारी के फेसबुक से लाइव करने के सवाल पर डीआईजी ने साफ कहा कि किसी भी सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करने के लिए किसी को रोका नही जा सकता है लेकिन इसके जरिये जो संदेश दिया जाए वो सकारात्मक होना चाहिए और व्यवस्था में बाधा पहुंचाने वाला संदेश नही होना चाहिये बल्कि व्यवस्था को बनाये रखने वाला होना चाहिए। एंड मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया के संदेशों की समीक्षा पुलिस करेगी। वही उन्होंने बताया कि आम व्यक्ति और किसानों को आर्थिक नुकसान ना पहुंचे इस बात का ध्यान भी रखेगी जरूरत पड़ने पर सुरक्षा भी प्रदान करेगी जिसकी तैयारी की गई है ताकि किसी का नुकसान ना हो। कुल मिलाकर आज से 10 दिनी किसान आंदोलन को लेकर पुलिस सजग है जिसके चलते गुरुवार रात को पुलिस के आला अधिकारियों ने समीक्षा बैठक ली है।
बीते साल हुए किसान आंदोलन में सोशल मीडिया ही ऐसा क्षेत्र था जिस पर नियंत्रण नही लगाया जा सका था लिहाजा इस बार पुलिस ने साफ कर दिया कि किसी भी स्थिति में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर सोशल मीडिया पर गलत संदेश पहुंचाने वालो को बख्शा नही जाएगा। इन्दौर डीआईजी हरिनारायणचारि मिश्र ने बताया कि ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को भड़काये या उकसाये नही। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के संदेशों पर विशेष सेल की नजर रहेगी। डीआईजी ने बताया कि पुलिस ने एक पेरेलल कम्युनिकेशन प्लान भी तैयार किया है जिसके सहारे गांव में जो लोग पुलिस से जुड़कर अपनी समस्या बताना बताना चाहते है और गांव में जो सुरक्षा समिति है उनसे संपर्क में रहा जा सके। इस प्लान के हर गांव की एक टीम और पुलिस की टीम समान रूप से कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस की ये तैयारी और प्रयास इसलिए है ताकि आम दिनों में जैसी दिनचर्या होती है वैसी ही बनी रहे।
वही प्रदेश कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष जीतू पटवारी के फेसबुक से लाइव करने के सवाल पर डीआईजी ने साफ कहा कि किसी भी सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल करने के लिए किसी को रोका नही जा सकता है लेकिन इसके जरिये जो संदेश दिया जाए वो सकारात्मक होना चाहिए और व्यवस्था में बाधा पहुंचाने वाला संदेश नही होना चाहिये बल्कि व्यवस्था को बनाये रखने वाला होना चाहिए। एंड मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया के संदेशों की समीक्षा पुलिस करेगी। वही उन्होंने बताया कि आम व्यक्ति और किसानों को आर्थिक नुकसान ना पहुंचे इस बात का ध्यान भी रखेगी जरूरत पड़ने पर सुरक्षा भी प्रदान करेगी जिसकी तैयारी की गई है ताकि किसी का नुकसान ना हो। कुल मिलाकर आज से 10 दिनी किसान आंदोलन को लेकर पुलिस सजग है जिसके चलते गुरुवार रात को पुलिस के आला अधिकारियों ने समीक्षा बैठक ली है।
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