BJP अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने रद्द किया मुजफ्फरनगर दौरा
नई दिल्ली । बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मुजफ्फरनगर दौरा रद्द कर दिया है. मुजफ्फरनगर के डीएम ने उनसे फिलहाल वहां का दौरा न करने की अपील की थी.राजनाथ सिंह शनिवार को ही मुजफ्फरनगर के दंगा प्रभावित इलाकों का दौरा करके हिंसा में मारे गये पत्रकार और दो जाट युवकों के परिजनों से मुलाकात करने वाले थे.
बीजेपी के मीडिया संयोजक श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी थी कि राजनाथ मुजफ्फरनगर का दौरा करने वाले हैं. पत्रकार वर्मा की दंगों की रिपोर्टिंग करते हुए मौत हो गई थी.बीजेपी अध्यक्ष मल्लिकापुर गांव भी जाने वाले थे. वहां वह गौरव और सचिन के परिजनों से मुलाकात करेंगे. इन दोनों युवकों की भीड़ ने हत्या कर दी थी. इनकी मौत के बाद ही हिंसा भड़क उठी और अन्य गांव इसकी चपेट में आ गए.
मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा की वजह से 5 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो गये हैं.राजनाथ से पहले राज्यसभा में बीजेपी के उप नेता रवि शंकर प्रसाद ने दो अन्य सांसदों के साथ मुजफ्फरनगर जाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें गाजियाबाद में ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. तब प्रसाद से कहा गया कि उनके दौरे से हिंसा और भड़क सकती है.पार्टी उपाध्यक्ष उमा भारती पुलिस को चकमा देकर मुजफ्फरनगर सीमा पर पहुंच गई थीं. पुलिस ने जब हिरासत में लिया तो धरने पर बैठ गईं. बाद में उन्होंने यह मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाया.
बीजेपी के मीडिया संयोजक श्रीकांत शर्मा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी थी कि राजनाथ मुजफ्फरनगर का दौरा करने वाले हैं. पत्रकार वर्मा की दंगों की रिपोर्टिंग करते हुए मौत हो गई थी.बीजेपी अध्यक्ष मल्लिकापुर गांव भी जाने वाले थे. वहां वह गौरव और सचिन के परिजनों से मुलाकात करेंगे. इन दोनों युवकों की भीड़ ने हत्या कर दी थी. इनकी मौत के बाद ही हिंसा भड़क उठी और अन्य गांव इसकी चपेट में आ गए.
मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा की वजह से 5 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो गये हैं.राजनाथ से पहले राज्यसभा में बीजेपी के उप नेता रवि शंकर प्रसाद ने दो अन्य सांसदों के साथ मुजफ्फरनगर जाने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें गाजियाबाद में ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया था. तब प्रसाद से कहा गया कि उनके दौरे से हिंसा और भड़क सकती है.पार्टी उपाध्यक्ष उमा भारती पुलिस को चकमा देकर मुजफ्फरनगर सीमा पर पहुंच गई थीं. पुलिस ने जब हिरासत में लिया तो धरने पर बैठ गईं. बाद में उन्होंने यह मुद्दा उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाया.

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