दिल्ली गैंगरेप के चारों आरोपी दोषी करार, सजा पर बहस कल सुबह
नई दिल्ली | 16 दिसंबर के दिल्ली गैंगरेप मामले पर राजधानी की साकेत कोर्ट ने चारों
आरोपियों को दोषी करार दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश योगेश खन्ना ने
चारों आरोपियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर को दोषी
मानते हुए कहा कि सजा का ऐलान बुधवार सुबह किया जाएगा.
जज ने कहा कि
चारों आरोपी धारा 302, 376, 377, 394, 395, 396, 365, 412 और 201 समेत
कुल 11 धाराओं के तहत दोषी पाए गए हैं. इसी के साथ उन्होंने कहा कि बुधवार
यानी कि कल सजा पर बहस की जाएगी. आपको बता दें कि इन धाराओं के तहत अधिकतम
सजा फांसी और कम से कम सजा उम्र कैद है. उधर, आरोपियों के वकील ने कहा है
कि वे फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे.
जज योगेश खन्ना पहले से ही
आदेश की कॉपी लेकर आए थे. उन्होंने आते ही ऑर्डर पढ़ना शुरू किया. 5 मिनट
के अंदर अदालत की कार्रवाई शुरू हुई. इस दौरान आरोपी कठघरे में थे और कुछ
बोलना चाह रहे थे, लेकिन आज चूंकि फैसले का दिन था, इसलिए उन्हें बोलने या
बहस करने की इजाजत नहीं दी गई. सड़क के इस पार साकेत कोर्ट और उस पार साकेत
सिटी मॉल है. यह वही मॉल है जहां उस दिन लड़की अपने दोस्त अवनींद्र के साथ
'लाइफ ऑफ पाई' फिल्म देखने गई थी. फैसला सुनाए जाने से पहले चारों
आरोपियों को दो-दो के ग्रुप में रखा गया था. एक हफ्ते से उन्हें सेल से
बाहर नहीं जाने दिया जा रहा था, क्योंकि बाकी कैदी हमला कर सकते थे. 24
घंटे सीसीटीवी से उन पर निगरानी रखी जा रही थी. इस फैसले में सबसे अहम बयान
खुद लड़की का है, जो उसने एसडीएम को दिया. लड़की से जब पूछा गया था कि वह
आरोपियों के लिए कौन सी सजा चाहती है, तो उसने पहले कहा कि उन्हें फांसी
होनी चाहिए और फिर कहा कि उन्हें जिंदा जला देना चाहिए.
वहीं,
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि वे उम्मीद करते हैं कि गैंगरेप
के सभी दोषियों को फांसी की सजा ही होगी. लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा
स्वराज ने भी दोषियों को फांसी की मांग की है.
23 साल की
फीजियोथेरेपिस्ट छात्रा के साथ हुई दरिंदगी के 9 महीने बाद अब बुधवार सुबह
दोषियों की सजा पर बहस शुरू होगी. लड़की के परिवार ने दोषियों को फांसी की
मांग की थी. लड़की की मां ने आज अदालत में कहा कि आरोपियों को फांसी की सजा
होगी तो देश में कड़ा संदेश जाएगा. लड़की के दोस्त और घटना के चश्मदीद
अवनींद्र पांडे ने आज तक से कहा कि कानून से बढ़कर कुछ भी नहीं है और अगर
जरूरत पड़ी तो हम आगे अपील करने को भी तैयार हैं.
130 बार बैठी अदालत, 85 गवाह हुए पेश
साकेत कोर्ट के कमरा नंबर 304 में गैंगरेप पर सबसे बड़ा फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा. मामले पर जिरह के लिए 7 महीने में 130 बार अदालत बैठी और सुनवाई पूरी होने के बाद 3 सितंबर को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 85 गवाह पेश किए गए, जिनमें सबसे अहम रहा घटना का चश्मदीद और पीड़ित लड़की का दोस्त.
साकेत कोर्ट के कमरा नंबर 304 में गैंगरेप पर सबसे बड़ा फैसला बुधवार को सुनाया जाएगा. मामले पर जिरह के लिए 7 महीने में 130 बार अदालत बैठी और सुनवाई पूरी होने के बाद 3 सितंबर को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 85 गवाह पेश किए गए, जिनमें सबसे अहम रहा घटना का चश्मदीद और पीड़ित लड़की का दोस्त.
बिटिया का बयान अहम कड़ी
दिल्ली की साकेत कोर्ट में जो सबूत पेश किए गए, उनमें शामिल है, लड़की का मरने से पहले दिया गया बयान, वो बस जिसमें वारदात को अंजाम दिया गया था, आरोपियों की बस का सीसीटीवी फुटेज, गैंगरेप के आरोपियों के खून से सने कपड़े, डीएनए सैंपल, फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट. 16 दिसंबर की रात गैंगरेप की शिकार हुई लड़की 13 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझती रही और आखिर में सिंगापुर के अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था.
दिल्ली की साकेत कोर्ट में जो सबूत पेश किए गए, उनमें शामिल है, लड़की का मरने से पहले दिया गया बयान, वो बस जिसमें वारदात को अंजाम दिया गया था, आरोपियों की बस का सीसीटीवी फुटेज, गैंगरेप के आरोपियों के खून से सने कपड़े, डीएनए सैंपल, फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट. 16 दिसंबर की रात गैंगरेप की शिकार हुई लड़की 13 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझती रही और आखिर में सिंगापुर के अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था.
16 दिसंबर को हुई थी घटना
देश भर को झकझोर देने वाली ये वारदात 16 दिसंबर, 2012 की सर्द रात की है. लड़की अपने दोस्त के साथ 'लाइफ ऑफ पाई' फिल्म देखकर निकली थी और मुनिरका से अपने दोस्त के साथ चार्टर्ड बस में चढ़ गई. इस बस में छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया गया और बाद में बेसुध हालत में उसको उसके दोस्त के साथ सड़क पर फेंक दिया. आरोपियों ने सड़क पर फेंकने के बाद दोनों को कुचलकर मारने का भी प्लान बनाया था.
देश भर को झकझोर देने वाली ये वारदात 16 दिसंबर, 2012 की सर्द रात की है. लड़की अपने दोस्त के साथ 'लाइफ ऑफ पाई' फिल्म देखकर निकली थी और मुनिरका से अपने दोस्त के साथ चार्टर्ड बस में चढ़ गई. इस बस में छात्रा के साथ कई बार गैंगरेप किया गया और बाद में बेसुध हालत में उसको उसके दोस्त के साथ सड़क पर फेंक दिया. आरोपियों ने सड़क पर फेंकने के बाद दोनों को कुचलकर मारने का भी प्लान बनाया था.
नाबालिग आरोपी को सुनाई जा चुकी है सजा
इस सनसनीखेज वारदात के महज 19 दिन बाद 2 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी. पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपी बनाए जिनमें से मुख्य आरोपी राम सिंह ने इसी साल 11 मार्च को तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि छठे नाबालिग आरोपी को दोषी मानते मानते हुए ज्यूवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सुधरने के लिये 3 साल तक बाल सुधार गृह भेज दिया.
इस सनसनीखेज वारदात के महज 19 दिन बाद 2 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी. पुलिस ने इस मामले में कुल 6 आरोपी बनाए जिनमें से मुख्य आरोपी राम सिंह ने इसी साल 11 मार्च को तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली, जबकि छठे नाबालिग आरोपी को दोषी मानते मानते हुए ज्यूवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सुधरने के लिये 3 साल तक बाल सुधार गृह भेज दिया.
आरोपियों के परिवार को अब भी आस
दिल्ली गैंगरेप केस के जिन 4 आरोपियों पर फैसला आना है, उनमें से एक अक्षय ठाकुर के परिवारवालों ने उसे निर्दोष बताया है. बिहार के औरंगाबाद में अक्षय की मां सजा का नाम सुनते ही रो पड़ती है. मां का कहना है कि कोर्ट पर भरोसा है. अक्षय के चाचा का कहना है कि परिवार की उम्मीदें अभी भी जिंदा है. वे कहते हैं, उनका भतीजा अक्षय निर्दोष है लेकिन कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उन्हें मंजूर होगा.
दिल्ली गैंगरेप केस के जिन 4 आरोपियों पर फैसला आना है, उनमें से एक अक्षय ठाकुर के परिवारवालों ने उसे निर्दोष बताया है. बिहार के औरंगाबाद में अक्षय की मां सजा का नाम सुनते ही रो पड़ती है. मां का कहना है कि कोर्ट पर भरोसा है. अक्षय के चाचा का कहना है कि परिवार की उम्मीदें अभी भी जिंदा है. वे कहते हैं, उनका भतीजा अक्षय निर्दोष है लेकिन कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उन्हें मंजूर होगा.

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