ओपीनियन पोल पर रोक नहीं लगाएगी सरकार
नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा ओपीनियन पोल [जनमत सर्वेक्षण] पर रोक
लगाने के सुझाव पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई रोक नहीं लगेगी। कानून
मंत्री कपिल सिब्बल के अनुसार रोक लगाने के पहले सरकार सभी राजनीतिक दलों
की राय लेगी। सिब्बल का यह बयान उन खबरों के बाद आया है जिसमें कहा गया था
कि सरकार चुनाव आयोग के ओपीनियन पोल पर रोक लगाने संबंधी सुझाव पर विचार
कर रही है।
कानून मंत्री ने सोमवार को बताया कि सरकार ओपीनियन पोल पर प्रतिबंध
लगाने सरीखा कोई कदम उठाने नहीं जा रही है। और वैसे भी किसी सरकार को यह
निर्णय सभी राजनीतिक दलों की राय लिए बगैर नहीं करना चाहिए। कपिल सिब्बल ने
पिछले दिनों लोक सभा में चर्चा के दौरान बताया था कि चुनाव आयोग ने चुनाव
के दौरान ओपीनियन पोल पर प्रतिबंध लगाने का सुझाव दिया है, जिस पर सरकार
विचार कर रही है।
बताते चलें कि अटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती ने भी चुनाव आयोग के प्रस्ताव
का समर्थन किया था। उनका मत था कि ओपीनियन पोल आमजन की राय प्रभावित करने
की क्षमता रखते हैं। इसलिए चुनाव प्रक्रिया के दौरान इन पर रोक बेहद जरूरी
है। उन्होंने यह भी कहा था कि 6 अप्रैल, 2004 को एक बैठक में सभी राजनीतिक
दलों ने भी इस मुद्दे पर एक राय जाहिर की थी। मौजूदा कानून के तहत चुनाव
आयोग मतदान से सिर्फ 48 घंटे पहले तक ओपीनियन पोल के प्रकाशन-प्रसारण पर
पाबंदी लगा सकता है।

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