-->

Breaking News

नवाज से मिले मनमोहन, पूछे आतंकवाद पर सख्त सवाल

न्यूयॉर्क। आखिरकार तमाम विवादों के बीच न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच मुलाकात हो ही गई। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बातचीत में पाकिस्तान से साफ शब्दों में आतंक पर रोक लगाने और नियंत्रण रेखा पर बार बार युद्धविराम के उल्लंघन को बंद करने की मांग की। इसके अलावा दोनों प्रधानमंत्रियों में मुंबई पर हुए 26/11 हमले के सिलसिले में भी बातचीत हुई।भारत ने लश्कर ए तैयबा के मुखिया हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा को मिल रहे आर्थिक मदद के मसले पर भी आपत्ति जताई। इस पर पाकिस्तान का कहना था कि जब से इन संगठनों पर से प्रतिबंध हटाया गया है तब से उनपर नियंत्रण राज्य सरकार का है। केंद्र का इससे कोई लेना देना नहीं है।

हांलाकि शरीफ ने मुंबई हमले के गुनहगारों को जल्द सजा दिलवाने का भरोसा दिया। साथ ही सीमा पर युद्धविराम का उल्लंघन ना हो इसके लिए दोनों देशों की एक साझा टीम बनाने का प्रस्ताव रखा। दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच रिश्तों को बेहतर बनाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसमें व्यापार पर खास जोर था।न्यूयॉर्क में मनमोहन और नवाज मिले। सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर इससे हासिल क्या होगा। एक दिन पहले ही मनमोहन सिंह पाकिस्तान को आतंक का गढ़ बताया था। और रविवार को उस गढ़ के मुखिया नवाज शरीफ उनके सामने थे। तो आखिर बातचीत किस बात पर होती।

मनमोहन सिंह ने कई मुद्दे उठाए। उन्होंने पाकिस्तान से अपनी जमीन पर पनप रहे आतंकवाद पर रोक लगाने के लिए कहा। भारत ने कहा कि पाकिस्तान एलओसी पर लगातार हो रहे युद्धविराम के उल्लंघन को भी बंद करे। भारत ने मांग की कि पाकिस्तान 26/11 के गुनहगारों को जल्द से जल्द सजा दे।भारत ने लश्कर ए तैयबा के मुखिया हाफिज सईद के संगठन जमात उद दावा को मिल रहे आर्थिक मदद के मसले पर भी आपत्ति जताई। इस पर पाकिस्तान का कहना था कि जब से इन संगठनों पर से प्रतिबंध हटाया गया है तब से उनपर नियंत्रण राज्य सरकार का है। केंद्र का इससे कोई लेना देना नहीं है।

इस मुलाकात में पाकिस्तान ने भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कई चिंताए जाहिर की। पाकिस्तान ने सियाचिन और सरक्रीक की मुद्दा फिर से उठाया। साथ ही उसका पाकिस्तान का कहना था कि आतंकवाद उसके लिए भी बड़ी चिंता है।हालांकि भारत ने साफ कर दिया कि किसी भी देश के आतंरिक मामले में हस्तक्षेप करने की उसकी निति नहीं है। भारत कभी भी आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देता। ऐसे बहरहाल नवाज को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत आने का न्यौता दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। ऐसा ही न्यौता नवाज ने भी मनमोहन को दिया। हांलाकि नवाज-मनमोहन की अगली मुलाकात कब होगी इसपर कोई फैसला नहीं हुआ।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com