एम्स की सुरक्षा में घोटाला
नई दिल्ली। सीबीआइ ने देश के प्रतिष्ठित अस्पताल अखिल भारतीय
आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की सुरक्षा व्यवस्था में घोटाले का पर्दाफाश
करते हुए एफआइआर दर्ज की है। इसमें अस्पताल के उपमुख्य सुरक्षा अधिकारी और
गार्ड उपलब्ध कराने वाली निजी कंपनी प्रहरी प्रोटेक्शन के मालिक को आरोपी
बनाया गया है।
शनिवार को उप मुख्य सुरक्षा अधिकारी और प्रहरी के मालिक के ठिकाने पर
मारे गए छापे में सीबीआइ ने अहम दस्तावेज बरामद होने का दावा किया है।
सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एम्स के उपमुख्य सुरक्षा अधिकारी
राजीव लोचन के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं। इनमें प्रहरी प्रोटेक्शन
के एम्स में नियुक्त गार्डो की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने से लेकर
गार्डो के लिए जमा किए जाने वाले भविष्य निधि की राशि में हेराफेरी तक
शामिल है। एफआइआर के अनुसार राजीव लोचन ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे
प्रहरी प्रोटेक्शन के प्रबंध निदेशक कमलजीत सिंह को सुरक्षा का ठेका लेने
में मदद की। इस क्रम में एम्स को एक करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया गया।
अधिकारी के अनुसार राजीव लोचन के खिलाफ शिकायतें काफी समय से मिल रही थीं
और एम्स का विजलेंस विभाग भी इनकी जांच कर रहा है। लेकिन शिकायतों की जांच
के दौरान सबूत मिलने के बाद एफआइआर दर्ज करने का फैसला किया गया। वैसे अभी
तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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