राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार के लिए छत्तीसगढ़ का चयन
छत्तीसगढ़ | आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ राज्य का चयन साक्षर भारत राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार के लिए किया गया है.आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि साक्षरता के क्षेत्र में मिली उपलब्धियों के कारण राज्य बनने के बाद इस वर्ष पहली बार छत्तीसगढ़ का चयन ‘साक्षर भारत राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार’ के लिए किया गया है.
इसके साथ ही कोरिया जिला और इसी जिले की ग्राम पंचायत पटना का चयन भी इस पुरस्कार के लिए हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस आठ सितम्बर को राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि पर हर वर्ष राज्य स्तर पर देश के एक राज्य, जिला स्तर पर देश के दो जिलों और ग्राम पंचायत स्तर पर देश की तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाता है.
उन्होंने बताया कि राज्य बनने के बाद राज्य के अनेक जिलों, विकास खण्डों और ग्राम पंचायतों को यह पुरस्कार मिल चुका है. छत्तीसगढ़ में साक्षरता कार्यक्रमों के सफल क्त्रियान्वयन के लिए पृथक से राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण का गठन किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि नया राज्य होने के बावजूद राज्य में प्राथमिक शिक्षा की सुविधाएं हर बसाहट में पहुंची है. राज्य के दुर्ग, धमतरी, बालोद और बेमेतरा को छोड़कर 23 जिलों में साक्षर भारत कार्यक्रम चल रहा है.
साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत इन जिलों में 15 से 35 वर्ष आयु के असाक्षरों खासकर महिलाओं को साक्षर बनाने विशेष कार्य योजना बनाकर इसका क्त्रियान्वयन किया गया है. साक्षर भारत कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ के 23 जिलों में संचालित किए जाने के कारण भी यह राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 से वर्ष 2011 तक की 10 वर्ष की अवधि में राज्य की साक्षरता दर में 5.64 प्रतिशत वृद्धि हुई है. वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ की साक्षरता दर जहां 64.66 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2011 में यह बढ़कर 70.28 प्रतिशत हो गई.
इस अवधि में महिला साक्षरता दर में पुरूष साक्षरता दर की अपेक्षा अधिक वृद्धि हुई है. वर्ष 2001 से 2011 के दौरान पुरूष साक्षरता दर में 2.89 प्रतिशत और महिला साक्षरता दर में 8.39 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री रमन सिंह और स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि के लिए साक्षर भारत कार्यक्रम में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों, प्रेरकों, अनुदेशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के प्रसार के मामले में भी भविष्य में देश में अपनी उल्लेखनीय पहचान बनाएगा.
इसके साथ ही कोरिया जिला और इसी जिले की ग्राम पंचायत पटना का चयन भी इस पुरस्कार के लिए हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस आठ सितम्बर को राष्ट्रीय स्तर पर दिया जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि पर हर वर्ष राज्य स्तर पर देश के एक राज्य, जिला स्तर पर देश के दो जिलों और ग्राम पंचायत स्तर पर देश की तीन सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाता है.
उन्होंने बताया कि राज्य बनने के बाद राज्य के अनेक जिलों, विकास खण्डों और ग्राम पंचायतों को यह पुरस्कार मिल चुका है. छत्तीसगढ़ में साक्षरता कार्यक्रमों के सफल क्त्रियान्वयन के लिए पृथक से राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण का गठन किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि नया राज्य होने के बावजूद राज्य में प्राथमिक शिक्षा की सुविधाएं हर बसाहट में पहुंची है. राज्य के दुर्ग, धमतरी, बालोद और बेमेतरा को छोड़कर 23 जिलों में साक्षर भारत कार्यक्रम चल रहा है.
साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत इन जिलों में 15 से 35 वर्ष आयु के असाक्षरों खासकर महिलाओं को साक्षर बनाने विशेष कार्य योजना बनाकर इसका क्त्रियान्वयन किया गया है. साक्षर भारत कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ के 23 जिलों में संचालित किए जाने के कारण भी यह राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है.
उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 से वर्ष 2011 तक की 10 वर्ष की अवधि में राज्य की साक्षरता दर में 5.64 प्रतिशत वृद्धि हुई है. वर्ष 2001 में छत्तीसगढ़ की साक्षरता दर जहां 64.66 प्रतिशत थी, वहीं वर्ष 2011 में यह बढ़कर 70.28 प्रतिशत हो गई.
इस अवधि में महिला साक्षरता दर में पुरूष साक्षरता दर की अपेक्षा अधिक वृद्धि हुई है. वर्ष 2001 से 2011 के दौरान पुरूष साक्षरता दर में 2.89 प्रतिशत और महिला साक्षरता दर में 8.39 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है.
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री रमन सिंह और स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि के लिए साक्षर भारत कार्यक्रम में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों, प्रेरकों, अनुदेशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के प्रसार के मामले में भी भविष्य में देश में अपनी उल्लेखनीय पहचान बनाएगा.

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