संसद ने बदला कानून, जेल से भी लड़ सकेंगे चुनाव
नई दिल्ली । जन प्रतिनिधित्व संशोधन और विधिमान्यकरण विधेयक 2013 को संसद की मंजूरी मिल गई है.
लोकसभा ने शुक्रवार को हिरासत या कैद में रहते हुए किसी व्यक्ति के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को पलटने के लिए लाए गए विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया. राज्यसभा इस विधेयक को पहले ही सर्वसम्मति से मंजूरी दे चुकी है.
सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई को लगाई थी रोक
पटना उच्च न्यायालय ने अपने एक फैसले में कहा था कि हिरासत या कैद में किसी व्यक्ति को मतदान करने का अधिकार नहीं है. मतदाता नहीं होने के नाते वह संसद या विधानसभाओं के चुनाव भी नहीं लड़ सकता. उच्चतम न्यायालय ने 10 जुलाई को अपने एक आदेश में पटना उच्च न्यायालय के फैसले की पुष्टि की थी.
उच्चतम न्यायालय के फैसले का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो सकता था : सिब्बल
विधेयक पर हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए विधि मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो सकता था. अगर उससे कोई गलती हुई है तो उसे ठीक करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है और सदन ऐसा कर रहा है. सिब्बल ने कहा कि यदि न्यायालय के फैसले को बरकरार रहने दिया जाता तो चुनाव के एक दिन पहले कोई व्यक्ति पुलिस हिरासत में रहने की स्थिति में नामांकनपत्र भी दाखिल नहीं कर पाएगा, जो उचित नहीं है.
इससे पूर्व सदस्यों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं को जनहित के मामलों पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने पड़ते हैं जिन्हें दूसरे अपराधों की तरह नहीं माना जा सकता. ऐसी स्थिति में उनके हिरासत या कैद में रहने पर चुनाव लड़ने पर रोक लगाना अनुचित है.
बीजू जनता दल के भृतहरि महताब, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पी करुणाकरण तथा कुछ अन्य सदस्यों का कहना था कि विधेयक को जल्दबाजी में पारित कराने के बजाए इस पर विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए थी क्योंकि इससे लोगों के बीच गलत संदेश जाएगा. तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी ने विधेयक पर चर्चा के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिए जाने के विरोध में सदन से वाकआउट किया.
इस विधेयक के जरिए जन प्रतिनिधित्व कानून 1951 के खंड 62 में संशोधन किया गया है. संशोधित कानून के अनुसार, हिरासत या कैद में होने के बावजूद कोई व्यक्ति मतदाता बना रहेगा क्योंकि उसके मतदान के अधिकार को सिर्फ अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है.

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