मुजफ्फरनगर में शांति, दिन का कर्फ्यू खत्म
मुजफ्फरनगर।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में भड़की हिंसा थमने के बाद अब हालात
तेजी से सुधरता देख गुरुवार को कर्फ्यू में नौ घंटे की ढील दी गई। राज्य
सरकार ने अब वहां दिन का कर्फ्यू समाप्त करने का फैसला लिया है। समाजवादी
पार्टी (एसपी) प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुजफ्फरनगर हिंसा के
आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जल्द वह मुजफ्फरनगर में कर्फ्यूग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे। इस बीच सरकार ने फर्जी सीडी वितरित करने वालों की सूचना देने पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अरुण कुमार ने गुरुवार रात को बताया कि शुक्रवार से दिन का कर्फ्यू हटाने के फैसला लिया गया है। अब केवल रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक ही कर्फ्यू प्रभावी रहेगा।
कुमार ने कहा कि तेजी से सुधरते हालात के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को पहले तीनों थाना क्षेत्रों-सिविल लाइन, कोतवाली और नई मंडी में सात घंटे की ढील दी गई जिसे बाद में बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया गया। ढील के दौरान हिंसा की कोई भी घटना नहीं घटी। लापरवाही बरतने के आरोप में मुजफ्फरनगर के छह थाना प्रभारियों को निलंबित किया गया है, जबकि सीओ खतौली और मेरठ के मवाना थाना प्रभारी और सीओ का तबादला कर दिया गया है।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर के कवाल इलाके में लगभग दो हफ्ते पहले छेड़छाड़ की एक घटना के बाद भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसी घटना को लेकर शनिवार को महापंचायत बुलाई गई थी। महापंचायत से लौट रहे लोगों पर शरारती तत्वों ने पथराव किया, जिसके बाद जिले में हिंसा भड़क उठी। हिंसा जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल गई।
अब तक 12 हजार लोग पाबंद किए गए हैं और 2300 शस्त्रों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। करीब 10,000 से अधिक लोग 10 राहत शिविरों में पहुंचे हैं और प्रशासन उनके नुकसान का जायजा ले रहा है। मुजफ्फरनगर हिंसा में मरने वालों की संख्या 43 तक पहुंच चुकी है जिसमें मुजफ्फरनगर में 38, सहारनपुर में एक, मेरठ में एक और बागपत में तीन मौतें हुई हैं।
मुजफ्फरनगर में हिंसा भड़काने के लिए कथित रूप से फर्जी सीडी वितरित की गई। पुलिस ने फर्जी सीडी वितरित करने वालों की सूचना देने पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ ) के पुलिस महानिरीक्षक आशीष गुप्ता ने बताया कि फर्जी सीडी वितरित करने वालों की सूचना देने वालों को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
उधर एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुजफ्फरनगर हिंसा के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। गिरफ्तारियां हो रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हिंसा की घटनाएं दोबारा न हों इसे लेकर एसपी सरकार क्या कदम उठाएगी। इस पर मुलायम ने कहा कि दोषियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई होगी जिससे वे दोबारा ऐसा कृत्य करने की हिम्मत न जुटा पाएं।
एसपी मुखिया ने कहा कि गुजरात में हुई हिंसा में पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, लेकिन उत्तर प्रदेश में हम पीड़ितों को न्याय दिलाएंगे। मुलायम के साथ मौजूद मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि वह जल्द मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। जो भी लोग प्रभावित हुए हैं उन्हें सरकार की तरफ से पूरी मदद दी जाएगी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जल्द वह मुजफ्फरनगर में कर्फ्यूग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे। इस बीच सरकार ने फर्जी सीडी वितरित करने वालों की सूचना देने पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अरुण कुमार ने गुरुवार रात को बताया कि शुक्रवार से दिन का कर्फ्यू हटाने के फैसला लिया गया है। अब केवल रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक ही कर्फ्यू प्रभावी रहेगा।
कुमार ने कहा कि तेजी से सुधरते हालात के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को पहले तीनों थाना क्षेत्रों-सिविल लाइन, कोतवाली और नई मंडी में सात घंटे की ढील दी गई जिसे बाद में बढ़ाकर नौ घंटे कर दिया गया। ढील के दौरान हिंसा की कोई भी घटना नहीं घटी। लापरवाही बरतने के आरोप में मुजफ्फरनगर के छह थाना प्रभारियों को निलंबित किया गया है, जबकि सीओ खतौली और मेरठ के मवाना थाना प्रभारी और सीओ का तबादला कर दिया गया है।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर के कवाल इलाके में लगभग दो हफ्ते पहले छेड़छाड़ की एक घटना के बाद भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसी घटना को लेकर शनिवार को महापंचायत बुलाई गई थी। महापंचायत से लौट रहे लोगों पर शरारती तत्वों ने पथराव किया, जिसके बाद जिले में हिंसा भड़क उठी। हिंसा जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल गई।
अब तक 12 हजार लोग पाबंद किए गए हैं और 2300 शस्त्रों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। करीब 10,000 से अधिक लोग 10 राहत शिविरों में पहुंचे हैं और प्रशासन उनके नुकसान का जायजा ले रहा है। मुजफ्फरनगर हिंसा में मरने वालों की संख्या 43 तक पहुंच चुकी है जिसमें मुजफ्फरनगर में 38, सहारनपुर में एक, मेरठ में एक और बागपत में तीन मौतें हुई हैं।
मुजफ्फरनगर में हिंसा भड़काने के लिए कथित रूप से फर्जी सीडी वितरित की गई। पुलिस ने फर्जी सीडी वितरित करने वालों की सूचना देने पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ ) के पुलिस महानिरीक्षक आशीष गुप्ता ने बताया कि फर्जी सीडी वितरित करने वालों की सूचना देने वालों को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
उधर एसपी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कहा कि मुजफ्फरनगर हिंसा के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। गिरफ्तारियां हो रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हिंसा की घटनाएं दोबारा न हों इसे लेकर एसपी सरकार क्या कदम उठाएगी। इस पर मुलायम ने कहा कि दोषियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई होगी जिससे वे दोबारा ऐसा कृत्य करने की हिम्मत न जुटा पाएं।
एसपी मुखिया ने कहा कि गुजरात में हुई हिंसा में पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, लेकिन उत्तर प्रदेश में हम पीड़ितों को न्याय दिलाएंगे। मुलायम के साथ मौजूद मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा कि वह जल्द मुजफ्फरनगर का दौरा करेंगे। जो भी लोग प्रभावित हुए हैं उन्हें सरकार की तरफ से पूरी मदद दी जाएगी।

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