खतरनाक ‘पाइलीन’ कल पहुंचेगा भारत, अलर्ट जारी
भुवनेश्वर/हैदराबाद।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा
रहा है। ‘पाइलिन’ नाम का ये तूफान शनिवार शाम को ओडिशा पहुंच जाएगा। फिलहाल
ये तूफान 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
एडवाइजरी जारी, घबराएं नहीं- सतर्क रहें
पाइलीन
तूफान के खतरे को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत 4 राज्य हाई अलर्ट
पर हैं। मौमस विभाग के मुताबिक ये तूफान शनिवार शाम तक 200 किलोमीटर प्रति
घंटे से ज्यादा की रफ्तार से ओडिशा के तटीय इलाके से टकराएगा। ओडिशा के
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने लोगों से अपील की है कि वो घबराएं नहीं और
हालात से निपटने में सरकार की मदद करें। मुख्यमंत्री के मुताबिक ब्लॉक स्तर
से लेकर राज्य मुख्यालय तक अलर्ट पर हैं। इसके अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल
के कुछ हिस्से भी तूफान से प्रभावित हो सकते हैं।
ओडिशा
में पाइलीन तूफान की वजह से गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंह पुर जिले सबसे
ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। उधर, आंध्र प्रदेश में इस खतरनाक तूफान से
श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापट्टनम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी और
कृष्णा जिलों पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल मौसम विभाग ने
इस तूफान को सुपर साइक्लोन की श्रेणी में नहीं रखा है।
मछुआरों को चेतावनी
ओडिशा
और आंध्र प्रदेश में तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को
समंदर से दूर रहने को कहा है। मौसम विभाग ने आगाह किया है कि पाइलीन तूफान
आने के दौरान तटीय इलाकों में 6 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। नदियों का
पानी समंदर में नहीं जा सकेगा जबकि समंदर का पानी नदियों में आएगा। नदियों
का जलस्तर बढ़ने से बड़े इलाके में बाढ़ आने का भी खतरा है। जानकारों के
मुताबिक जितनी देर ये तूफान समंदर पर रहेगा उतना ही ये ताकतवर भी रहेगा।
राहत बचाव की तैयारी
पाइलीन
तूफान से तबाही की आशंका के मद्देजनर सेना और नौसेना ने पूरी तरह से कमर
कस ली है। सेना की कमांड एंड कंट्रोल यूनिट भुवनेश्वर पहुंच रही है। साथ ही
बागडोगरा से सेना की इंजीनियर्स यूनिट और गोपालपुर से मेडिकल डिविजन भी
भुवनेश्वर जा रही है। ईस्टर्न नेवल कमांड के जहाज, राफ्ट और हेलीकॉप्टर
तैयार कर लिए गए हैं। डिजास्टर रैपिड फोर्स के जवानों को भी अलर्ट किया गया
है। राज्य सरकार ने दुर्गा पूजा और दशहरा की छुट्टियां रद्द कर अफसरों को
बुला लिया है। राहत के लिए प्रशासन ने एक लाख खाने के पैकेट पहले ही तैयार
किए हैं।
क्या-क्या हो सकता है तबाह
इस
तूफान की वजह से कच्चे मकान उड़ सकते हैं। पक्के मकानों के टूटने का भी
खतरा है। इसके अलावा बिजली के तार टूटने की वजह से बड़े इलाके में बिजली गुल
हो सकती है। तूफान इतना शक्तिशाली है कि इसके चलते मोबाइल टावर और दूसरी
संचार व्यवस्था ठप हो सकती है। इस दौरान भारी बारिश की वजह से सड़क और हवाई
यातायात भी ठप पड़ सकता है।
क्यों खतरनाक है पाइलीन
पाइलीन
को सुपर साइक्लोन का दर्जा हासिल है और इसे 5 कैटेगरी का चक्रवात आंका गया
है। अमेरिकी नौसेना के रिसर्च सेंटर ने चेतावनी दी है कि ये चक्रवाती
तूफान आधे भारत के आकार जितना बड़ा है। 1999 में पाइलीन जितना ताकतवर तूफान
आया था, उस वक्त तूफान में 10 हजार लोग मारे गए थे। अमेरिकी एजेंसी के
मुताबिक पाइलीन 2005 में आए कटरीना तूफान से भी ज्यादा खतरनाक है। तूफान के
बाद कई इलाकों में बाढ़ की आशंका है।
वहीं
डीजी मेट लक्ष्मण सिंह राठौर का कहना है कि चक्रवाती तूफान अगले चौबीस
घंटे में उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ने की संभावना है। श्रीकाकुलम और उड़ीसा
में तेज हवा रहेगी। 25 सेमी से ज्यादा बारिश की संभावना है। तीन मीटर का
स्टॉर्म होने की संभावना है। इससे काफी नुकसान होने की संभावना है। संचार
के साधन और रास्ते टूट सकत हैं। घरों को नुकसान हो सकता है। सबसे ज्यादा
नुकसान उड़ीसा और आंध्र प्रदेश में होगा। आज शाम से ही उड़ीसा के तटीय
क्षेत्रों में हवा तेज बहेगी। रात में 100 किलोमीटिर औऱ सुबह तक 150
किलोमीटर प्रति घंटा तक होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और उड़ीसा
में आज शाम तक तेज बारिश होगी। तट पार करने बाद भी 24 घंटे तक मेन लैंड
जिसमें झारखंड और छत्तीसगढ़, दक्षिणी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12
तारीख के बाद भारी बारिश होगी।

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