प्रधानमंत्री आसियान देशों के दौरे के बाद स्वदेश रवाना
जकार्ता । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों इंडोनेशिया और ब्रुनेई की अपनी चार दिवसीय यात्रा के बाद शनिवार को स्वदेश रवाना हो गये।इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने ब्रुनेई और इंडोनेशिया के साथ द्विपक्षीय वार्ता की जिसमें इन दोनों देशों के साथ आर्थिक, राजनैतिक, सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में बेहतर संबंध स्थापित करने पर जोर दिया गया।
इंडोनेशिया और ब्रुनेई दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के सदस्य हैं। यात्रा पर प्रधानमंत्री के साथ उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गया था, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन भी थे। प्रधानमंत्री ने ब्रुनेई की राजधानी बांदर सेरी बेगवान में आयोजित ग्यारहवीं भारत, आसियान वार्ता और आठवीं पूर्वी एशिया वार्ता में भाग लिया।
इन देशों के नेताओं के साथ बातचीत में डॉ. सिंह ने वाणिज्य और व्यापार के क्षेत्र में आपसी क्षमता विस्तार और समुद्री व्यापार के लिए बाधारहित मार्ग प्रदान करने पर विशेष बल दिया। आसियान देशों को तरजीह देते हुये भारत ने जकार्ता स्थित सचिवालय में एक अलग भारतीय राजदूत की नियुक्ति करने का फैसला किया है।
भारत, आसियान देशों के साथ 2015 तक आर्थिक क्षेत्र के विकास के लिए मुक्त व्यापार समझौता करने पर विशेष बल दे रहा है। जिससे इन देशों के साथ निवेश का माहौल दोनों पक्षों के बीच बेहतर हो सकेगा, क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर डॉ. सिंह ने आसियान देशों को साथ मिलकर कार्य करने का आमंत्रण दिया।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान आसियान देशों ने बिहार स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग के लिये अपनी सहमति प्रदान की। अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुशीलो बाम्बांग युद्योयुनो के साथ वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राजनीति, सुरक्षा, आर्थिक क्षेत्र तथा रक्षा क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ करने का फैसला किया।
भारत और इंडोनेशिया ने इस वार्ता के दौरान छह समझौतों पर हस्ताक्षर किये, जिसमें दोनों देशों के मध्य प्रतिनिधिमंडल स्तर पर नियमिति बातचीत के अलावा, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर शामिल है। भारत 2005 से इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक भागीदारी कर रहा है।
इंडोनेशिया और ब्रुनेई दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के सदस्य हैं। यात्रा पर प्रधानमंत्री के साथ उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल गया था, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन भी थे। प्रधानमंत्री ने ब्रुनेई की राजधानी बांदर सेरी बेगवान में आयोजित ग्यारहवीं भारत, आसियान वार्ता और आठवीं पूर्वी एशिया वार्ता में भाग लिया।
इन देशों के नेताओं के साथ बातचीत में डॉ. सिंह ने वाणिज्य और व्यापार के क्षेत्र में आपसी क्षमता विस्तार और समुद्री व्यापार के लिए बाधारहित मार्ग प्रदान करने पर विशेष बल दिया। आसियान देशों को तरजीह देते हुये भारत ने जकार्ता स्थित सचिवालय में एक अलग भारतीय राजदूत की नियुक्ति करने का फैसला किया है।
भारत, आसियान देशों के साथ 2015 तक आर्थिक क्षेत्र के विकास के लिए मुक्त व्यापार समझौता करने पर विशेष बल दे रहा है। जिससे इन देशों के साथ निवेश का माहौल दोनों पक्षों के बीच बेहतर हो सकेगा, क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर डॉ. सिंह ने आसियान देशों को साथ मिलकर कार्य करने का आमंत्रण दिया।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान आसियान देशों ने बिहार स्थित नालंदा विश्वविद्यालय के विकास में सहयोग के लिये अपनी सहमति प्रदान की। अपनी चार दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुशीलो बाम्बांग युद्योयुनो के साथ वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने राजनीति, सुरक्षा, आर्थिक क्षेत्र तथा रक्षा क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ करने का फैसला किया।
भारत और इंडोनेशिया ने इस वार्ता के दौरान छह समझौतों पर हस्ताक्षर किये, जिसमें दोनों देशों के मध्य प्रतिनिधिमंडल स्तर पर नियमिति बातचीत के अलावा, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर शामिल है। भारत 2005 से इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक भागीदारी कर रहा है।

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