-->

Breaking News

नत्थी वीजा पर एतराज दर्ज कराएंगे PM

नई दिल्ली । अगले सप्ताह रूस और चीन के दौरे पर जा रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मॉस्को में परमाणु साझेदारी के विस्तार पर मुहर लगाएंगे। वहीं, बीजिंग के साथ रिश्तों को साधने का प्रयास करेंगे। प्रधानमंत्री की रूस यात्रा के दौरान दोनों मुल्कों के बीच कुडानकुलम परमाणु संयंत्र की तीसरी व चौथी इकाइयों के लिए करार संभव है। वहीं, चीन के साथ सीमा सहयोग के नए समझौते के साथ ही मनमोहन चीनी नेताओं से बीते दिनों अरुणाचल प्रदेश की महिला तीरंदाजों के नत्थी वीजा पर भी एतराज दर्ज कराएंगे।

उच्चपदस्थ सूत्रों के अनुसार पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के रूस दौरे में तमिलनाडु स्थित कुडानकुलम परियोजना के विस्तार पर समझौता हो जाए। तीसरी व चौथी इकाई की स्थापना के लिए दोनों पक्षों के बीच नाभिकीय उत्तरदायित्व कानून के संबंध में आए मसलों का भी समाधान हो रहा है। सूत्रों ने बताया कि सरकारी उपक्रम जनरल इंश्योरेंस कंपनी को बीमा संबंधी मामले सुलझाने की जिम्मेदारी दी गई है। रूस ने भारतीय नाभिकीय उत्तरदायित्व कानून में आपूर्तिकर्ता की जवाबदेही को लेकर व्यहार्यता पर स्पष्टता मांगी थी। पीएम के रूस दौरे में दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन के सैन्य संयुक्त उपक्रम को स्थायी साझेदारी बनाते हुए इसे अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाने के फैसले पर भी दस्तखत संभव हैं। इसके अलावा दोनों देश पारंपरिक ऊर्जा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाएंगे।

रूस के बाद चीन पहुंच रहे प्रधानमंत्री चीनी नेताओं से बातचीत में अरुणाचल प्रदेश की महिला खिलाड़ियों का वीजा विवाद संबंधी मसला भी उठने के संकेत हैं। भारत के किसी भी राज्य के व्यक्ति को नत्थी वीजा स्वीकार्य नहीं है। भारत स्पष्ट करेगा कि इस तरह के किसी भी कदम पर रोक लगाई जानी चाहिए। बीते दिनों भारत ने एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शिरकत के लिए नत्थी वीजा जारी किया था। अप्रैल में लद्दाख के दिपसांग इलाके में आमने-समाने की स्थिति के बाद पीएम के चीन दौरे में सीमा सहयोग का नया समझौता भी अपेक्षित है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा संबंधी समिति ने प्रस्तावित समझौते के मसौदे को बृहस्पतिवार को हुई बैठक में मंजूरी भी दे दी। इसके तहत दोनों पक्ष सीमा पर शांति बनाए रखने व तनाव टालने के लिए सैन्य व राजनयिक स्तर पर संवाद के उपाय तय करेंगे।

चीनी नागरिकों को वीजा नियमों में छूट नहीं

नई दिल्ली। सरकार ने चीनी नागरिकों के लिए वीजा नियम उदार बनाने का निर्णय बृहस्पतिवार को टाल दिया। माना जा रहा था कि बीजिंग यात्रा पर जा रहे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एजेंडा में यह शामिल होगा। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने भारत आने वाले चीनी नागरिकों खास तौर पर कारोबार या पर्यटन के लिए आने वाले लोगों को वीजा नियमों में ढील देने का फैसला स्थगित कर दिया है।

कैबिनेट के प्रस्ताव में दोनों देशों के बीच व्यापार विस्तार और चीन के व्यापारियों की यात्राओं में बढ़ोतरी के कारण वीजा नीति को उदार बनाने का जिक्र था। चीन के ये आगंतुक मुख्य रूप से सूचना प्रौद्योगिकी और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के होते हैं। सरकार चीनी कारोबारियों की यात्राओं में बढ़ोतरी के परिप्रेक्ष्य में 2003 की संधि की समीक्षा करना चाहती है। इन कारोबारियों की यात्राएं बढ़ने से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में पड़ोसी देश की भागीदारी और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में बढ़ोतरी हुई। मौजूदा नीति के तहत पर्यटक वीजा के लिए दो यात्राओं के बीच दो महीने का अंतर होना चाहिए।

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com