1 अगस्त से 5 जिले में दस्तावेज की ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था
भोपाल:मध्यप्रदेश के 5 जिले में एक अगस्त से सम्पत्ति दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन शुरू की जा सकेगी। ये जिले सीहोर, उज्जैन, टीकमगढ़, बालाघाट और अनूपपुर हैं। इस व्यवस्था को लागू करने के लिये आज यहाँ एक ओरिएंटेशन वर्कशॉप में इन जिलों के कलेक्टर, पंजीयक, कोषालय अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और चाटर्ड एकाउन्टेंट्स सहित सभी संबंधित अधिकारियों तथा कर्मचारियों को इस व्यवस्था की बारीकियाँ समझाई गईं।
वर्कशॉप में वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से अनेक प्रकार की अनियमितता तथा अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा। देश में पहली बार लागू की जा रही इस व्यवस्था को वर्ष के अंत तक पूरे प्रदेश में क्रियान्वित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग को इस वर्ष 4,500 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर तथा जबलपुर में 10 ई-रजिस्ट्रेशन कार्यालय निर्मित किये जा रहे हैं। इसके लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किये जा रहे हैं।
प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री अश्विनी कुमार राय ने विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों से कहा कि वे पंजीयन करवाने आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करे और ऐसा न समझें कि वे पंजीयन कर उन पर कोई एहसान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि को सुधारने के लिये गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। ई-पंजीयन व्यवस्था इसमें कारगर सिद्ध होगी।
महानिरीक्षक पंजीयन श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने ई-पंजीयन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि इससे पंजीकृत दस्तावेज पब्लिक सर्च के लिए आसानी से उपलब्ध होंगे। एक ही सम्पत्ति अनेक लोगों को नहीं बेची जा सकेगी, ई-स्टाम्पिंग के कारण स्टाम्पों की कमी और फर्जीवाड़े को रोका जा सकेगा और दलालों से मुक्ति मिलेगी। इससे विभाग के कार्य में पारदर्शिता आयेगी। उन्होंने कहा कि पॉयलट परियोजना के 5 जिले में सेवा प्रदायकों को लाइसेंस और क्रेडिट लिमिट देने के साथ-साथ पुराने स्टाम्प पेपर वापिसी का कार्य 15 जुलाई तक कर लिया जायेगा।
वर्कशॉप में वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से अनेक प्रकार की अनियमितता तथा अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा। देश में पहली बार लागू की जा रही इस व्यवस्था को वर्ष के अंत तक पूरे प्रदेश में क्रियान्वित कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पंजीयन विभाग को इस वर्ष 4,500 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर तथा जबलपुर में 10 ई-रजिस्ट्रेशन कार्यालय निर्मित किये जा रहे हैं। इसके लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किये जा रहे हैं।
प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर श्री अश्विनी कुमार राय ने विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों से कहा कि वे पंजीयन करवाने आने वाले लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करे और ऐसा न समझें कि वे पंजीयन कर उन पर कोई एहसान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि को सुधारने के लिये गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। ई-पंजीयन व्यवस्था इसमें कारगर सिद्ध होगी।
महानिरीक्षक पंजीयन श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने ई-पंजीयन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि इससे पंजीकृत दस्तावेज पब्लिक सर्च के लिए आसानी से उपलब्ध होंगे। एक ही सम्पत्ति अनेक लोगों को नहीं बेची जा सकेगी, ई-स्टाम्पिंग के कारण स्टाम्पों की कमी और फर्जीवाड़े को रोका जा सकेगा और दलालों से मुक्ति मिलेगी। इससे विभाग के कार्य में पारदर्शिता आयेगी। उन्होंने कहा कि पॉयलट परियोजना के 5 जिले में सेवा प्रदायकों को लाइसेंस और क्रेडिट लिमिट देने के साथ-साथ पुराने स्टाम्प पेपर वापिसी का कार्य 15 जुलाई तक कर लिया जायेगा।

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