पाकिस्तान में पुलिस और धर्मगुरु समर्थकों के बीच झड़प में 8 की मौत
लाहौर : कनाडा स्थित एक प्रभावशाली धर्मगुरु के समर्थकों और पाकिस्तानी पुलिस के बीच हिंसक झड़पों में एक महिला एवं 15 साल की एक लड़की सहित कम से कम 8 लोग मारे गए हैं जबकि 100 से अधिक घायल हुए हैं।
चुनाव से ठीक पहले भ्रष्टाचार विरोधी मार्च का नेतृत्व करने के लिए पिछले साल कनाडा से पाकिस्तान आए तहीरूल कादरी के समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई। कादरी के लाहौर स्थित आवास के पास सुरक्षा अवरोधकों को हटाने के मुद्दे पर यह झड़प हुई।
जिन्ना अस्पताल के अधिकारियों ने बताया, ‘हमारे यहां 8 शव और 70 घायलों को लाया गया।’ उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में दो महिलाएं और एक पुलिसकर्मी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के गृह नगर में हुई झड़पों में ज्यादातर लोग गोलियां लगने से जख्मी हुए हैं।
उन्होंने बताया, ‘हमें छह घायलों के ऑपरेशन के लिए रक्त की जरूरत है जो गंभीर हालत में हैं।’ इस घटना से प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर राजनीतिक दबाव पड़ सकता है क्योंकि देश की सेना उत्तर वजीरिस्तान में तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
दरअसल, पंजाब की पीएमएल एन सरकार ने शहर के मॉडल टाउन इलाके में कादरी के आवास के पास से सुरक्षा अवरोधकों को हटाने का आदेश दिया था। यह स्थान मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कादरी के समर्थकों पर लाठी चार्ज किया गया और पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में पुलिस ने गोलीबारी की जिसमें कादरी की पार्टी पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीएटी कार्यकर्ताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया जिसके चलते पुलिस के साथ झड़प हुई। लाहौर पुलिस प्रमुख चौधरी शफीक गुज्जर ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस कमांडो ने सिर्फ जवाबी कार्रवाई की। हमने मिनहाजुल कुरान सेमीनरी सहित पीएटी सचिवालय से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं।
उन्होंने बताया कि झड़प में एक कांस्टेबल की मौत हो गई और 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इमरान खान, अलताफ हुसैन, चौधरी शुजात हुसैन, शेख राशिद सहित विपक्षी नेताओं ने पंजाब पुलिस की नृशंस कार्रवाई की निंदा की है।
इस बीच, कादरी ने कनाडा से कहा कि शहबाज शरीफ सरकार ने बर्बरता और आतंकवादी कृत्य को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा, ‘पीएमएल.एन सरकार मेरे पाकिस्तान आने से भयभीत है। मेरे आने से शुरू होने वाली क्रांति अभी शुरू हो गयी है तथा शासकों के लिए पाकिस्तान में कोई जगह नहीं होगी।’
चुनाव से ठीक पहले भ्रष्टाचार विरोधी मार्च का नेतृत्व करने के लिए पिछले साल कनाडा से पाकिस्तान आए तहीरूल कादरी के समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प हुई। कादरी के लाहौर स्थित आवास के पास सुरक्षा अवरोधकों को हटाने के मुद्दे पर यह झड़प हुई।
जिन्ना अस्पताल के अधिकारियों ने बताया, ‘हमारे यहां 8 शव और 70 घायलों को लाया गया।’ उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में दो महिलाएं और एक पुलिसकर्मी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के गृह नगर में हुई झड़पों में ज्यादातर लोग गोलियां लगने से जख्मी हुए हैं।
उन्होंने बताया, ‘हमें छह घायलों के ऑपरेशन के लिए रक्त की जरूरत है जो गंभीर हालत में हैं।’ इस घटना से प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर राजनीतिक दबाव पड़ सकता है क्योंकि देश की सेना उत्तर वजीरिस्तान में तालिबान आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
दरअसल, पंजाब की पीएमएल एन सरकार ने शहर के मॉडल टाउन इलाके में कादरी के आवास के पास से सुरक्षा अवरोधकों को हटाने का आदेश दिया था। यह स्थान मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कादरी के समर्थकों पर लाठी चार्ज किया गया और पुलिस ने उन्हें तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। बाद में पुलिस ने गोलीबारी की जिसमें कादरी की पार्टी पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पीएटी कार्यकर्ताओं ने वहां से हटने से इनकार कर दिया जिसके चलते पुलिस के साथ झड़प हुई। लाहौर पुलिस प्रमुख चौधरी शफीक गुज्जर ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस कमांडो ने सिर्फ जवाबी कार्रवाई की। हमने मिनहाजुल कुरान सेमीनरी सहित पीएटी सचिवालय से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं।
उन्होंने बताया कि झड़प में एक कांस्टेबल की मौत हो गई और 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इमरान खान, अलताफ हुसैन, चौधरी शुजात हुसैन, शेख राशिद सहित विपक्षी नेताओं ने पंजाब पुलिस की नृशंस कार्रवाई की निंदा की है।
इस बीच, कादरी ने कनाडा से कहा कि शहबाज शरीफ सरकार ने बर्बरता और आतंकवादी कृत्य को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा, ‘पीएमएल.एन सरकार मेरे पाकिस्तान आने से भयभीत है। मेरे आने से शुरू होने वाली क्रांति अभी शुरू हो गयी है तथा शासकों के लिए पाकिस्तान में कोई जगह नहीं होगी।’

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