जेटली आज नौसेना के शीर्ष अधिकारियों को करेंगे संबोधित
नई
दिल्ली: रक्षा मंत्री अरुण जेटली आज नौसेना के द्विवार्षिक कमांडरों की
बैठक में नौसेना के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करेंगे। वहां वरिष्ठ
अधिकारी पुराने पड़ रहे युद्धक जहाजों के बेड़े के रख-रखाव, सुरक्षा और
उसकी बड़ी परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा करेंगे। नौसेना अधिकारियों ने
बताया कि बल के इस तरह के किसी भी सम्मेलन में अपनी पहली यात्रा के दौरान
रक्षा मंत्री बल के शीर्ष अधिकारियों को संबोधित करेंगे और उम्मीद है कि
सरकार के बड़े उद्देश्यों के बारे में नौसेना को बताएंगे।
सम्मेलन तत्कालीन नौसेना प्रमुख एडमिरल डी.के. जोशी के इस्तीफे और पश्चिमी नौसैनिक कमांडर शेखर सिन्हा के इस्तीफे के कारण दो महीने से विलंबित था और नौसेना प्रमुख एडमिरल रॉबिन धोवन पहली बार सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। बड़ी आधारभूत विकास परियोजनाओं यथा करवार में सीबर्ड भी कमांडरों के सम्मेलन में एजेंडा में शीर्ष पर होगा। उसके अतिरिक्त युद्धक जहाज का रख-रखाव और उनकी सुरक्षा भी सम्मेलन के एजेंडा में रहने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि समुद्री बल के साथ तकरीबन 140 विभिन्न शैली के लड़ाकू जहाज पर अधिकारियों ने कहा कि नौसेना के तकरीबन 50 नए युद्धक जहाज हैं जबकि अन्य अपेक्षाकृत पुराने हैं और शीर्ष कमांडर उचित रख-रखाव की व्यवस्था के जरिए उन्हें अच्छी स्थिति में रखने के उपायों पर चर्चा करेंगे। जोशी ने बताया कि कई युद्धक जहाजों से जुड़ी दुर्घटनाओं की वजह से जोशी ने उनकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।
सम्मेलन तत्कालीन नौसेना प्रमुख एडमिरल डी.के. जोशी के इस्तीफे और पश्चिमी नौसैनिक कमांडर शेखर सिन्हा के इस्तीफे के कारण दो महीने से विलंबित था और नौसेना प्रमुख एडमिरल रॉबिन धोवन पहली बार सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। बड़ी आधारभूत विकास परियोजनाओं यथा करवार में सीबर्ड भी कमांडरों के सम्मेलन में एजेंडा में शीर्ष पर होगा। उसके अतिरिक्त युद्धक जहाज का रख-रखाव और उनकी सुरक्षा भी सम्मेलन के एजेंडा में रहने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने बताया कि समुद्री बल के साथ तकरीबन 140 विभिन्न शैली के लड़ाकू जहाज पर अधिकारियों ने कहा कि नौसेना के तकरीबन 50 नए युद्धक जहाज हैं जबकि अन्य अपेक्षाकृत पुराने हैं और शीर्ष कमांडर उचित रख-रखाव की व्यवस्था के जरिए उन्हें अच्छी स्थिति में रखने के उपायों पर चर्चा करेंगे। जोशी ने बताया कि कई युद्धक जहाजों से जुड़ी दुर्घटनाओं की वजह से जोशी ने उनकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।

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