पुणे गांव भूस्खलन : मृतक की संख्या बढ़कर हुई 70
पुणे :
मालिन गांव में हुए भूस्खलन में लोगों के जिंदा बचे होने की उम्मीदें
धीरे-धीरे दम तोड़ रही हैं। बचावकर्मियों द्वारा बीती रात से 29 और शवों को
निकाले जाने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 70 हो गई है।भीमाशंकर जंगल
रेंज के आसपास के इलाके में अंबेगांव तालुका में एक पहाड़ी पर स्थित गांव
में भूस्खलन के कारण जमींदोज हुए 44 घरों के मलबे के नीचे 100 से अधिक
लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका है।
जिला कलेक्टर नियंत्रण कक्ष के मुताबिक अभी तक 28 पुरुष, 32 महिला और 10 बच्चों सहित 70 लोगों की भूस्खलन में मौत हुई है जबकि आठ घायल लोगों को सुरक्षित निकाला गया है जिनका इलाज पास के अस्पतालों में चल रहा है।
राहत एवं बचाव कार्य में लगे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 300 कर्मी खराब मौसम और विषम परिस्थितियों के बावजूद मलबे के नीचे दबे जीवित लोगों को ढूंढ रहे हैं। राहत और बचाव कार्य आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया।
गांव में पहुंचे इन लोगों के रिश्तेदारों द्वारा मृतकों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने तथा पूर्ण पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की।
राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री पतंगराव कदम ने संवाददाताओं को बताया कि मौसम के हालात के अनुसार बचाव कार्य के अभी और दो दिन चलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आज सुबह बारिश की रफ्तार धीमी होने से एनडीआरएफ के जवानों को जेसीबी और डंपरों के जरिए कीचड़ हटाने के काम में तेजी लाने में मदद मिली।इस बीच दिल्ली से मिली खबर के अनुसार, सीटू ने महाराष्ट्र सरकार से इस घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
जिला कलेक्टर नियंत्रण कक्ष के मुताबिक अभी तक 28 पुरुष, 32 महिला और 10 बच्चों सहित 70 लोगों की भूस्खलन में मौत हुई है जबकि आठ घायल लोगों को सुरक्षित निकाला गया है जिनका इलाज पास के अस्पतालों में चल रहा है।
राहत एवं बचाव कार्य में लगे राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 300 कर्मी खराब मौसम और विषम परिस्थितियों के बावजूद मलबे के नीचे दबे जीवित लोगों को ढूंढ रहे हैं। राहत और बचाव कार्य आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गया।
गांव में पहुंचे इन लोगों के रिश्तेदारों द्वारा मृतकों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने तथा पूर्ण पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने की घोषणा की।
राज्य के राहत एवं पुनर्वास मंत्री पतंगराव कदम ने संवाददाताओं को बताया कि मौसम के हालात के अनुसार बचाव कार्य के अभी और दो दिन चलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आज सुबह बारिश की रफ्तार धीमी होने से एनडीआरएफ के जवानों को जेसीबी और डंपरों के जरिए कीचड़ हटाने के काम में तेजी लाने में मदद मिली।इस बीच दिल्ली से मिली खबर के अनुसार, सीटू ने महाराष्ट्र सरकार से इस घटना की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।

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