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ध्यानचंद को भारत रत्न देने पर संशय कायम

नई दिल्ली : इस वर्ष किसी खिलाड़ी को देश का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान भारत रत्न देने पर संशय कायम है। प्रतिष्ठित राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिए भी इस साल किसी खिलाड़ी के नाम की सिफारिश नहीं की गई है।

इस साल खबर थी कि मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न सम्मान दिया जा सकता है, लेकिन इस मामले में सरकार ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। खबरों के मुताबिक खेल मंत्रालय ने ध्यानचंद को भारत रत्न देने की सिफारिश भी की थी, लेकिन मामला अभी स्पष्ट नहीं है।

जबकि अर्जुन पुरस्कारों के लिए क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन सहित 15 खिलाड़ियों के नाम की सिफारिश की गई है। दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव की अगुआई वाली 12 सदस्यीय चयन समिति ने यहां बैठक में सात उम्मीदवारों में से किसी के भी नाम की सिफारिश खेल रत्न के लिए नहीं करने का फैसला किया।

वर्ष 1991 में देश के सर्वाच्च खेल सम्मान की शुरुआत के बाद से यह तीसरा मौका है जब किसी खिलाड़ी को यह सम्मान नहीं दिया जाएगा। अश्विन के अलावा अर्जुन पुरस्कार के लिए अखिलेश वर्मा (तीरंदाजी), टिंटू लूका (एथलेटिक्स), एचएन गिरीशा (पैरालंपिक), वी दीजू (बैडमिंटन), गीतू आन जोस (बास्केटबाल), जय भगवान (मुक्केबाजी), अनिर्बान लाहिड़ी (गोल्फ), ममता पुजारी (कबड्डी), साजी थामस (रोइंग), हीना सिद्धू (निशानेबाजी), अनाका अलंकामोनी (स्क्वाश), टाम जोसफ (वालीबाल), रेनुबाला चानू (भारोत्तोलन) और सुनील राणा (कुश्ती) के नाम की सिफारिश की गई है।

चयन पैनल के एक सदस्य ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि चयन पैनल ने खेल रत्न पर विचार के लिए रखे गए सात नामों का आकलन किया लेकिन कोई भी इसके लिए योग्य नहीं पाया गया।

सदस्य ने कहा कि हमने खेल रत्न पुरस्कार के लिए सभी सात नामों पर चर्चा की। सबसे लंबी चर्चा गोल्फर जीव मिल्खा सिंह के नाम को लेकर हुई जब कपिल ने उनके नाम का जिक्र किया लेकिन अंतत: पैनल ने उनके नाम के खिलाफ फैसला किया।

यह भी पता चला है कि 2011 में अर्जुन पुरस्कार मिलना सोमदेव देववर्मन के खिलाफ गया क्योंकि पैनल के कुछ सदस्यों का मानना था कि इसके बाद उन्होंने काफी अधिक सफलता हासिल नहीं की। खेल रत्न और अर्जुन पुरस्कारों के चयन पैनल में अंजू बाबी जार्ज और कुंजरानी देवी जैसे खिलाड़ी शामिल थे जिन्हें स्वयं भी सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। इसके अलावा पैनल में दो मीडियाकर्मी और तीन सरकारी अधिकारी शामिल थे जिसमें भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक जिजी थामसन भी शामिल हैं।

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