मेरठ में पाक जासूस गिरफ्तार, देता था अफसरों को पैसे
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में शनिवार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक एजेंट को गिरफ्तार कर लिया गया।अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) मुकुल गोयल ने बताया कि प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आईएसआई के एजेंट आसिफ अली को दिल्ली गेट इलाके के भाटवाड़ तिराहे से गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक जानकारी के मुताबिक करीब 52 वर्षीय अली भारतीय सेना की जासूसी करके आईएसआई को महत्वपूर्ण सूचनाएं देता था। उसने पाकिस्तान में ही शादी की थी और दो बच्चों का पिता यह शख्स अपने परिवार से मिलने के बहाने अक्सर पाकिस्तान आता-जाता था। इसी दौरान वह आईएसआई के सम्पर्क में आया था।
गोयल ने बताया कि अली के कब्जे से भारतीय सेना के महत्वपूर्ण दस्तावेज, एक पाकिस्तानी तथा दो भारतीय बैंकों के एटीएम कार्ड, दो-दो पासबुक और चेकबुक, पाकिस्तान के बैंक अल हबीब का आठ हजार रुपये का चेक, तीन मोबाइल फोन, दो डेटाकार्ड, छह सिमकार्ड, पासपोर्ट तथा मिनी लैपटाप की रसीद बरामद की गयी है। यह रसीद उस लैपटाप की है, जिसे झांसी के बबीना कैण्ट में एक फौजी के बेटे को खरीदकर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अली ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसकी सात-आठ साल पहले जाहिद नामक आईएसआई के अधिकारी से मुलाकात हुई थी, तभी से वह भारतीय सेना के बारे में सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को पहुंचा रहा है।
गोयल के मुताबिक, पकड़े गये आईएसआई एजेंट ने बताया है कि पूर्व में उसने कोलकाता में भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कनिष्ठ कमीशन प्राप्त अधिकारी (जेसीओ) के बैंक खाते में तीन बार कुल 45 हजार रुपये जमा कराये थे। इसके अलावा, उसने पाटन कुमार पोद्दार नामक जेसीओ के खाते में भी 10 हजार रुपये जमा किये थे। इसकी जमा पर्चियां भी बरामद की गयी हैं। उन्होंने बताया कि पाल 18 दिसम्बर 2013 को और पोद्दार गत छह अगस्त को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किये जा चुके हैं। उनके पास से खुफिया दस्तावेज बरामद किये गये थे।
गोयल के अनुसार अली ने बताया कि आईएसआई अधिकारी जाहिद ने उसे एक पाकिस्तानी बैंक का डेबिट कार्ड दिया था जिसमें वह पाकिस्तान से धन डलवाता था। इसका इस्तेमाल खुफिया सूचनायें लेने के एवज में किया जाता था। उन्होंने बताया कि अली ने गत मई माह में पाकिस्तान से लौटने के बाद एक लैपटाप खरीदकर झांसी के बबीना कैण्ट में एक फौजी के बेटे को दिया था जिसकी मैक-आईडी उसने आईएसआई अधिकारी जाहिद को दी थी।
गोयल ने बताया कि अली आज बरामद प्रतिबंधित दस्तावेजों और नक्शों को स्कैन करके ई-मेल के जरिये आईएसआई को भेजने जा रहा था लेकिन उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक जानकारी के मुताबिक करीब 52 वर्षीय अली भारतीय सेना की जासूसी करके आईएसआई को महत्वपूर्ण सूचनाएं देता था। उसने पाकिस्तान में ही शादी की थी और दो बच्चों का पिता यह शख्स अपने परिवार से मिलने के बहाने अक्सर पाकिस्तान आता-जाता था। इसी दौरान वह आईएसआई के सम्पर्क में आया था।
गोयल ने बताया कि अली के कब्जे से भारतीय सेना के महत्वपूर्ण दस्तावेज, एक पाकिस्तानी तथा दो भारतीय बैंकों के एटीएम कार्ड, दो-दो पासबुक और चेकबुक, पाकिस्तान के बैंक अल हबीब का आठ हजार रुपये का चेक, तीन मोबाइल फोन, दो डेटाकार्ड, छह सिमकार्ड, पासपोर्ट तथा मिनी लैपटाप की रसीद बरामद की गयी है। यह रसीद उस लैपटाप की है, जिसे झांसी के बबीना कैण्ट में एक फौजी के बेटे को खरीदकर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अली ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसकी सात-आठ साल पहले जाहिद नामक आईएसआई के अधिकारी से मुलाकात हुई थी, तभी से वह भारतीय सेना के बारे में सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को पहुंचा रहा है।
गोयल के मुताबिक, पकड़े गये आईएसआई एजेंट ने बताया है कि पूर्व में उसने कोलकाता में भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कनिष्ठ कमीशन प्राप्त अधिकारी (जेसीओ) के बैंक खाते में तीन बार कुल 45 हजार रुपये जमा कराये थे। इसके अलावा, उसने पाटन कुमार पोद्दार नामक जेसीओ के खाते में भी 10 हजार रुपये जमा किये थे। इसकी जमा पर्चियां भी बरामद की गयी हैं। उन्होंने बताया कि पाल 18 दिसम्बर 2013 को और पोद्दार गत छह अगस्त को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किये जा चुके हैं। उनके पास से खुफिया दस्तावेज बरामद किये गये थे।
गोयल के अनुसार अली ने बताया कि आईएसआई अधिकारी जाहिद ने उसे एक पाकिस्तानी बैंक का डेबिट कार्ड दिया था जिसमें वह पाकिस्तान से धन डलवाता था। इसका इस्तेमाल खुफिया सूचनायें लेने के एवज में किया जाता था। उन्होंने बताया कि अली ने गत मई माह में पाकिस्तान से लौटने के बाद एक लैपटाप खरीदकर झांसी के बबीना कैण्ट में एक फौजी के बेटे को दिया था जिसकी मैक-आईडी उसने आईएसआई अधिकारी जाहिद को दी थी।
गोयल ने बताया कि अली आज बरामद प्रतिबंधित दस्तावेजों और नक्शों को स्कैन करके ई-मेल के जरिये आईएसआई को भेजने जा रहा था लेकिन उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

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