स्मृति बोलीं-मेरी शैक्षिक योग्यता जानने के लिए PIL दायर करें
नई दिल्ली : मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद ने उनके यह दावा करने पर एक नया मोड़ ले लिया है कि उनके पास अमेरिका के प्रतिष्ठित याले विश्वविद्यालय की भी डिग्री है।
एक सम्मेलन में ईरानी से जब एक प्रश्नकर्ता ने उनकी शैक्षणिक योग्यता के रहस्य को स्पष्ट करने के लिए दबाव डाला तो उन्होंने यह टिप्पणी की। सोलह मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के शीघ्र बाद ईरानी अपनी शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद के केंद्र में आ गयी थीं। दरअसल उन्होंने 2004 और 2014 के संसदीय चुनाव लड़ने के दौरान विरोधाभासी घोषणाएं की थीं जिससे यह विवाद पैदा हुआ।
उन्होंने शनिवार को इस कार्यक्रम में कहा, ‘लोग मुझे अनपढ़ कहते हैं जबकि मेरे पास याले विश्वविद्यालय की भी डिग्री है जो मैं लाकर दिखा सकती हूं और बता सकती हूं कि कैसे याले ने नेतृत्व क्षमता का जश्न मनाया।’ उन्होंने कहा, ‘एक असंगत माहौल पैदा किया जा रहा है ताकि मैं इस बात से अपना ध्यान हटा दूं कि मेरे लक्ष्य क्या हैं।’ भाजपा नेता ने कहा कि उनका मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि बतौर मंत्री उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।
ईरानी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि याले की कौन सी डिग्री उनके पास है लेकिन वह भारतीय सांसदों के उस दल का हिस्सा थीं जिसने याले विश्वविद्यालय क्रैश कोर्स किया था। इस कोर्स के दौरान भारत में चुनाव, 2014 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद अफगानितस्तान और पाकिस्तान के लिए संभावना, चीन में राजनीतिक एवं आर्थिक बदलाव का प्रभाव जैसे विषय शामिल थे। ये ग्यारह सांसद पिछले साल 19 जून को कन्नेक्टिकट के न्यूहैवल में याले विश्वविद्यालय परिसर में छह दिवसीय नेतृत्व कार्यक्रम पूरा करने गए थे। उस टीम में पांच राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के सांसद थे जिनमें ईरानी भी शामिल थीं।
हालांकि कार्यक्रम में पूछा गया कि वर्ष 2004 और 2014 के चुनाव में उनके द्वारा दिए गए हलफनामों में कौन सा सही है तो उन्होंने नाराज होते हुए कहा, ‘जाइए और मेरे विरूद्ध जनहित याचिका दायर कीजिए, मैं इस मुद्दे को हमेशा हमेशा के लिए निबटाने के लिए अदालत में आपके सवाल का जवाब दूंगी।’ वर्ष 2004 के आम चुनाव में दिल्ली के चांदनी चौक से चुनाव लड़ने के दौरान ईरानी ने विश्वविद्यालय शिक्षा और उसे पूरा करने की तिथि वाली तालिका में लिखा था, ‘बीए, 1996 दिल्ली विश्वविद्यालय (पत्राचार विद्यालय)।’
लेकिन वर्ष 2014 के आम चुनाव में अमेठी से चुनाव लड़ने के दौरान उन्होंने उसी तालिका में लिखा, ‘वाणिज्य स्नातक, प्रथम वर्ष, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (कोरेसपोंडेस) दिल्ली विश्वविद्यालय-1994।’ ईरानी के याले संबंधी डिग्री पर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘और हमारी मानव संसाधन विकास मंत्री इस बार अपने हलफनामे में याले डिग्री का उल्लेख करना भूल गयीं। लेकिन उनके सभी हलफनामों में अलग-अलग डिग्रियां हैं। एक बार फिर मैं कहती हूं। यह मंत्री की शैक्षणिक योग्यता की जरूरत की बात नहीं है। यह उनकी ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और सत्यता की बात है।’
एक सम्मेलन में ईरानी से जब एक प्रश्नकर्ता ने उनकी शैक्षणिक योग्यता के रहस्य को स्पष्ट करने के लिए दबाव डाला तो उन्होंने यह टिप्पणी की। सोलह मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के शीघ्र बाद ईरानी अपनी शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद के केंद्र में आ गयी थीं। दरअसल उन्होंने 2004 और 2014 के संसदीय चुनाव लड़ने के दौरान विरोधाभासी घोषणाएं की थीं जिससे यह विवाद पैदा हुआ।
उन्होंने शनिवार को इस कार्यक्रम में कहा, ‘लोग मुझे अनपढ़ कहते हैं जबकि मेरे पास याले विश्वविद्यालय की भी डिग्री है जो मैं लाकर दिखा सकती हूं और बता सकती हूं कि कैसे याले ने नेतृत्व क्षमता का जश्न मनाया।’ उन्होंने कहा, ‘एक असंगत माहौल पैदा किया जा रहा है ताकि मैं इस बात से अपना ध्यान हटा दूं कि मेरे लक्ष्य क्या हैं।’ भाजपा नेता ने कहा कि उनका मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि बतौर मंत्री उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।
ईरानी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि याले की कौन सी डिग्री उनके पास है लेकिन वह भारतीय सांसदों के उस दल का हिस्सा थीं जिसने याले विश्वविद्यालय क्रैश कोर्स किया था। इस कोर्स के दौरान भारत में चुनाव, 2014 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद अफगानितस्तान और पाकिस्तान के लिए संभावना, चीन में राजनीतिक एवं आर्थिक बदलाव का प्रभाव जैसे विषय शामिल थे। ये ग्यारह सांसद पिछले साल 19 जून को कन्नेक्टिकट के न्यूहैवल में याले विश्वविद्यालय परिसर में छह दिवसीय नेतृत्व कार्यक्रम पूरा करने गए थे। उस टीम में पांच राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय दलों के सांसद थे जिनमें ईरानी भी शामिल थीं।
हालांकि कार्यक्रम में पूछा गया कि वर्ष 2004 और 2014 के चुनाव में उनके द्वारा दिए गए हलफनामों में कौन सा सही है तो उन्होंने नाराज होते हुए कहा, ‘जाइए और मेरे विरूद्ध जनहित याचिका दायर कीजिए, मैं इस मुद्दे को हमेशा हमेशा के लिए निबटाने के लिए अदालत में आपके सवाल का जवाब दूंगी।’ वर्ष 2004 के आम चुनाव में दिल्ली के चांदनी चौक से चुनाव लड़ने के दौरान ईरानी ने विश्वविद्यालय शिक्षा और उसे पूरा करने की तिथि वाली तालिका में लिखा था, ‘बीए, 1996 दिल्ली विश्वविद्यालय (पत्राचार विद्यालय)।’
लेकिन वर्ष 2014 के आम चुनाव में अमेठी से चुनाव लड़ने के दौरान उन्होंने उसी तालिका में लिखा, ‘वाणिज्य स्नातक, प्रथम वर्ष, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (कोरेसपोंडेस) दिल्ली विश्वविद्यालय-1994।’ ईरानी के याले संबंधी डिग्री पर कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘और हमारी मानव संसाधन विकास मंत्री इस बार अपने हलफनामे में याले डिग्री का उल्लेख करना भूल गयीं। लेकिन उनके सभी हलफनामों में अलग-अलग डिग्रियां हैं। एक बार फिर मैं कहती हूं। यह मंत्री की शैक्षणिक योग्यता की जरूरत की बात नहीं है। यह उनकी ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और सत्यता की बात है।’

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