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साठ साल बाद घाटी में बाढ़ का कहर, 107 लोगों की मौत

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के हालात खराब हैं। साठ साल बाद देश का जन्नत कुदरत के भयावह कहर से जूझ रहा है। लगातार बारिश और नदियों में आई बाढ़ की वजह से अब तक वहां एक सौ सात लोगों की मौत हो चुकी है। सेना के मुताबिक अब तक अलग अलग इलाकों से आठ हजार लोगों को बचाया गया है। जबकि 2000 लोगों की रहने खाने की व्यवस्था की गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का कहर कम होगा, लेकिन अगर ऐसी ही बारिश होती रही तो स्थिति और बिगड़ जाएगी। बता दें कि राज्य के पर्यटन मंत्री भी अनंतनाग इलाके में अपने घर में तीन दिन से फंसे हुए हैं।

जम्मू की तवी नदी पर बना मजबूत पुल तेज बहाव में पानी की ताकत से बह गया। पुलों को बंद कर दिया गया है। मंदिर डूब गया, गांव डूब गए हैं। बाढ़ और बारिश ने देश के स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर का, सबसे पहले बात करते हैं कश्मीर की राजधानी श्रीनगर, जहां जीना दुश्वार हो चुका है, जहां जिंदगी नर्क में बदल गई है, जहां एक घर से दूसरे घर जाने के लिए भी लोग नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। पतली गली में नाव चल रही है। घरों के आगे गाड़ियों की जगह बोट दिखाई रही हैं। आईबीएन7 संवाददाता खालिद हुसैन दिखाने जा रहे हैं आपको श्रीनगर के उन इलाकों का हाल जहां स्थिति बदतर हो गई है।

टीम जिस तरफ से जा रही है उसी तरफ लोग उम्मीद भरी निगाहों से हमें देख रहे हैं, वो हमसे बात करना चाहते हैं। जिससे सरकार तक अपनी बात पहुंचा सके। ऐसे ही एक महिला के घर में पहुंचे हम, उनकी गृहस्थी उजड़ चुकी है, वो अपने पड़ोस में रह रही हैं, तो उन्हें लेकर मोहल्ले के ही एक युवक के साथ बोट पर सवार हुए हम ये युवक सिर्फ लोगों की मदद के लिए बोट चला रहा है।

हालात खराब हैं, बचाव दल के लोग जुटे हुए हैं। बीमारों, बच्चों, महिलाओं को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है। सेना का कहना है उसने आठ हजार लोगों को बचाया है, 2 हजार लोगों तक भोजन पहुंचाया है। लेकिन कई ऐसे भी है जिन तक मदद नहीं पहुंची है। हम मिले ऐसे ही कुछ मजदूरों से जो दूसरे शहरों से श्रीनगर काम करने पहुंचे हैं। श्रीनगर है, मुहल्ला हो, सड़क हो, रेलवे लाइन हो या फिर एयरपोर्ट का इलाका हो, हर जगह सिर्फ पानी है।

कश्मीर के और इलाकों का भी यही हाल है। नदियां उफान मार रही हैं। आसमान में घने बादल छाए हैं। बारिश रुक नहीं रही है, स्थिति दिन पर दिन गंभीर होती जा रही है। जम्मू के हालात भी कुछ ठीक नहीं है, जम्मू शहर में स्थिति अभी ठीक है। लेकिन जिस तरह से तावी नदी में पानी बढ़ रहा है तो खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

नदी का बढ़ता पानी लोगों की जान के लिए भी खतरा है, 100 से ज्यादा लोग मर चुके हैं। एक परिवार पानी के बीच फंसा हुआ है, ये जम्मू के नगरौटा इलाके की तस्वीरें हैं, शनिवार भोर में पानी का स्तर अचानक बढ़ा और ये पानी में फंस गए। चार घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय लोग और बचाव दल की मदद से इस परिवार को बचाया जा सका।

जम्मू तवी नदी पर चार पुल हैं जो जम्मू शहर और कटरा को जोड़ते हैं। इनमें से पुराने जम्मू को नए जम्मू से जोड़ने वाला पुल बह गया। देश का स्वर्ग बदरंग हो गया है। बाढ़ का मटमैला पानी, भूस्खलन लोगों की जान ले रहा है, सेना, स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। पुंछ के राजौरी इलाके से पचास लोगों को सेना ने सुरक्षित बाहर निकाला, ये लोग चार दिनों से बाढ़ में फंसे हुए थे, राज्य सरकार का दावा है वो अपनी हर संभव कोशिश कर रही है।

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