गांवों के विकास के लिए काम करें शिक्षण संस्थान: स्मृति
नई दिल्ली। सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों को सीधे गांवों के विकास से जोड़ना चाहती है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को कहा कि शिक्षण संस्थानों को ग्रामीण विकास पर पाठ्यक्रम शुरू करने चाहिए।
ईरानी ने यहां कहा कि मंत्रालय भी एक कोषांग स्थापित करेगा जो यह देखेगा कि शिक्षण संस्थान ग्रामीण भारत के विकास के मकसद से चल रहे कार्यक्रमों में शामिल हों। उन्होंने कहा, 'हमारा अगले पांच वर्षो का यह लक्ष्य है कि सभी तकनीकी संस्थान गांवों से जुड़ें और देश के विकास के लिए काम करें।' ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस को सांसदों से अपने संसदीय क्षेत्र में एक आदर्श ग्राम विकसित करने का आह्वान किया था। ईरानी यहां दिल्ली आइआइटी द्वारा आयोजित उन्नत भारत अभियान विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। इसका मकसद किसी गांव की उन्नति के लिए जरूरतों की पहचान करना और उन्हें पूरा करने के लिए रास्ते और साधन तलाशना है।
उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले ग्रामीण विकास केंद्र आइआइटी के अलावा केंद्र सरकार से पैसा पाने वाले अन्य संस्थानों में भी शुरू किए जाने चाहिए। ये संस्थान गांवों में जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है उन्हें समझकर उनका निवारण कर सकते हैं और उच्च शिक्षण संस्थानों के जरिये ग्रामीण तकनीक को गांवों तक पहुंचा सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि करीब पांच-छह हजार तकनीकी संस्थान ग्रामीण विकास के इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। ईरानी ने यह भी कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की 12 और 13 सितंबर को होने वाली बैठक में वह इस तरह की कार्यशाला आयोजित करने के उपाय पर चर्चा करेंगी।
ईरानी ने यहां कहा कि मंत्रालय भी एक कोषांग स्थापित करेगा जो यह देखेगा कि शिक्षण संस्थान ग्रामीण भारत के विकास के मकसद से चल रहे कार्यक्रमों में शामिल हों। उन्होंने कहा, 'हमारा अगले पांच वर्षो का यह लक्ष्य है कि सभी तकनीकी संस्थान गांवों से जुड़ें और देश के विकास के लिए काम करें।' ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस को सांसदों से अपने संसदीय क्षेत्र में एक आदर्श ग्राम विकसित करने का आह्वान किया था। ईरानी यहां दिल्ली आइआइटी द्वारा आयोजित उन्नत भारत अभियान विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। इसका मकसद किसी गांव की उन्नति के लिए जरूरतों की पहचान करना और उन्हें पूरा करने के लिए रास्ते और साधन तलाशना है।
उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले ग्रामीण विकास केंद्र आइआइटी के अलावा केंद्र सरकार से पैसा पाने वाले अन्य संस्थानों में भी शुरू किए जाने चाहिए। ये संस्थान गांवों में जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है उन्हें समझकर उनका निवारण कर सकते हैं और उच्च शिक्षण संस्थानों के जरिये ग्रामीण तकनीक को गांवों तक पहुंचा सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि करीब पांच-छह हजार तकनीकी संस्थान ग्रामीण विकास के इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। ईरानी ने यह भी कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की 12 और 13 सितंबर को होने वाली बैठक में वह इस तरह की कार्यशाला आयोजित करने के उपाय पर चर्चा करेंगी।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com