भोपाल में बनेगा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास केन्द्र
भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 50 करोड़ रूपये लागत से राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास केन्द्र स्थापित किया जायेगा। केन्द्र के लिये केन्द्रीय बजट में घोषणा की जा चुकी है। यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट के दौरान केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्री थावरचन्द गेहलोत ने दी। श्री गेहलोत ने इस केन्द्र सहित सामाजिक न्याय विभाग द्वारा मध्यप्रदेश को दी जा रही कोई 125 करोड़ रूपये की सौगातों की जानकारी भी दी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस राष्ट्रीय संस्थान के लिये भूमि आवंटन सहित अन्य कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाये। सामाजिक न्याय मंत्रालय को प्रदेश से नि:शक्तजन तथा कमजोर वर्गों की योजनाओं के विस्तृत प्रस्ताव भेजे जायं। इस संबंध में अलग से समय लेकर केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री से मुलाकात भी की जाये।
केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत ने बताया कि श्रवण-बाधित बच्चों के लिये सागर, हरदा, होशंगाबाद, सिवनी और देवास में पुनर्वास केन्द्र स्थापित करने के लिये विभाग द्वारा एक करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा नि:शक्तजन के लिये प्रदेश को करीब 350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गयी है। प्रदेश में नि:शक्तजन के लिये स्पोर्टस सेंटर बनाने की जानकारी भी दी गयी।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में केन्द्रीय सामाजिक न्याय विभाग द्वारा शिविर लगाकर करीब 15 हजार नि:शक्तजन को लाभान्वित किया जायेगा। प्रत्येक शिविर में 20-25 लाख के कृत्रिम अंग तथा उपकरण वितरित किये जायेंगे। देश में मोटोराइज्ड ट्रायसिकल वितरण की शुरूआत मध्यप्रदेश से की जायेगी। प्रदेश में वर्तमान में स्वीकृत 23 जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र को अभियान चलाकर अनुदान जारी किया जायेगा। नि:शक्तजन के लिये उज्जैन में 5 करोड़ रुपये की लागत से कृत्रिम अंग तथा उपकरणों के निर्माण की आधुनिक इकाई स्थापित की जायेगी। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिये 40 करोड़ की लागत से बाबू जगजीवनराम छात्रावास बनाये जायेंगे। राज्य शासन प्रस्तुत ऐसे 20 छात्रावासों की स्वीकृति की जानकारी भी श्री गेहलोत द्वारा दी गयी।
चर्चा के दौरान बताया गया कि मध्यप्रदेश से सामाजिक न्याय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रशिक्षण के लिये जापान भेजा जायेगा।इस दौरान मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव अरूणा शर्मा, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण जे.एन. मालपानी, प्रमुख सचिव आदिम-जाति कल्याण अशोक शाह और मुख्यमंत्री के सचिव विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस राष्ट्रीय संस्थान के लिये भूमि आवंटन सहित अन्य कार्रवाई शीघ्र पूरी की जाये। सामाजिक न्याय मंत्रालय को प्रदेश से नि:शक्तजन तथा कमजोर वर्गों की योजनाओं के विस्तृत प्रस्ताव भेजे जायं। इस संबंध में अलग से समय लेकर केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री से मुलाकात भी की जाये।
केन्द्रीय मंत्री श्री गेहलोत ने बताया कि श्रवण-बाधित बच्चों के लिये सागर, हरदा, होशंगाबाद, सिवनी और देवास में पुनर्वास केन्द्र स्थापित करने के लिये विभाग द्वारा एक करोड़ 13 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा नि:शक्तजन के लिये प्रदेश को करीब 350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गयी है। प्रदेश में नि:शक्तजन के लिये स्पोर्टस सेंटर बनाने की जानकारी भी दी गयी।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में केन्द्रीय सामाजिक न्याय विभाग द्वारा शिविर लगाकर करीब 15 हजार नि:शक्तजन को लाभान्वित किया जायेगा। प्रत्येक शिविर में 20-25 लाख के कृत्रिम अंग तथा उपकरण वितरित किये जायेंगे। देश में मोटोराइज्ड ट्रायसिकल वितरण की शुरूआत मध्यप्रदेश से की जायेगी। प्रदेश में वर्तमान में स्वीकृत 23 जिला विकलांग पुनर्वास केन्द्र को अभियान चलाकर अनुदान जारी किया जायेगा। नि:शक्तजन के लिये उज्जैन में 5 करोड़ रुपये की लागत से कृत्रिम अंग तथा उपकरणों के निर्माण की आधुनिक इकाई स्थापित की जायेगी। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिये 40 करोड़ की लागत से बाबू जगजीवनराम छात्रावास बनाये जायेंगे। राज्य शासन प्रस्तुत ऐसे 20 छात्रावासों की स्वीकृति की जानकारी भी श्री गेहलोत द्वारा दी गयी।
चर्चा के दौरान बताया गया कि मध्यप्रदेश से सामाजिक न्याय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को प्रशिक्षण के लिये जापान भेजा जायेगा।इस दौरान मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव अरूणा शर्मा, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण जे.एन. मालपानी, प्रमुख सचिव आदिम-जाति कल्याण अशोक शाह और मुख्यमंत्री के सचिव विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।

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