दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा-एप्प आधारित कैब सेवाओं की साइट पर रोक क्यों नहीं
नई दिल्ली : दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर दिल्ली सरकार से पूछा कि एप्प आधारित कैब सेवाओं की वेबसाइट अवरुद्ध क्यों नहीं की जा सकतीं? याचिका में आरोप लगाया गया था कि ये टैक्सी सेवाएं सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद चल रही हैं।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की पीठ ने कहा कि यह (साइटों को अवरुद्ध करना) क्यों नहीं किया जा सकता। आप साइटों को ब्लॉक नहीं कर सकते? दिल्ली पुलिस की एक इकाई उस पर काम कर रही है। आप निर्देश लो और हलफनामा दायर करो। अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार और शहर पुलिस को भी नोटिस जारी किया तथा सुनवाई की अगली तारीख 25 फरवरी तक उनका जवाब मांगा।
अधिवक्ता रजत सहगल के जरिए दायर हरकेश गुप्ता की याचिका में तर्क दिया गया है कि सरकार के एक जनवरी के आदेश (एप्प आधारित सेवाओं को प्रतिबंधित करने) का विभिन्न एप आधारित कैब सेवाएं उल्लंघन कर रही हैं जो लगातार चल रही हैं और अपनी वेबसाइटों के जरिए सेवा की पेशकश कर रही हैं। दूसरी तरफ, दिल्ली सरकार ने तर्क दिया कि वह प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाली कैबों को जब्त कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। याचिका में हालांकि आग्रह किया गया है कि कैबों को जब्त करने के साथ इन कंपनियों की वेबसाइटें भी अवरूद्ध की जानी चाहिए। दिल्ली सरकार ने पूर्व में अदालत को बताया था कि एप्प आधारित टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहेगा तथा इसका उल्लंघन करने वाले वाहनों को एक जनवरी के आदेश के अनुसार जब्त किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की पीठ ने कहा कि यह (साइटों को अवरुद्ध करना) क्यों नहीं किया जा सकता। आप साइटों को ब्लॉक नहीं कर सकते? दिल्ली पुलिस की एक इकाई उस पर काम कर रही है। आप निर्देश लो और हलफनामा दायर करो। अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार और शहर पुलिस को भी नोटिस जारी किया तथा सुनवाई की अगली तारीख 25 फरवरी तक उनका जवाब मांगा।
अधिवक्ता रजत सहगल के जरिए दायर हरकेश गुप्ता की याचिका में तर्क दिया गया है कि सरकार के एक जनवरी के आदेश (एप्प आधारित सेवाओं को प्रतिबंधित करने) का विभिन्न एप आधारित कैब सेवाएं उल्लंघन कर रही हैं जो लगातार चल रही हैं और अपनी वेबसाइटों के जरिए सेवा की पेशकश कर रही हैं। दूसरी तरफ, दिल्ली सरकार ने तर्क दिया कि वह प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाली कैबों को जब्त कर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। याचिका में हालांकि आग्रह किया गया है कि कैबों को जब्त करने के साथ इन कंपनियों की वेबसाइटें भी अवरूद्ध की जानी चाहिए। दिल्ली सरकार ने पूर्व में अदालत को बताया था कि एप्प आधारित टैक्सी सेवाओं पर प्रतिबंध जारी रहेगा तथा इसका उल्लंघन करने वाले वाहनों को एक जनवरी के आदेश के अनुसार जब्त किया जाएगा।

No comments
सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com